एपिसोड 5
टूटे राज़ों ने चोटी पर कब्ज़े वाली भोर की जंगली उत्तेजना जला दी
अमेलिया की रेशमी पगडंडियाँ: छिपी तड़पें
एपिसोड 5
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मैंने अमेलिया की हरी आँखें चौंकते हुए देखीं जब वो जर्नल को कसकर पकड़ रही थी, वो शब्द मेरे छिपे हुए अतीत को उजागर कर रहे थे—उसका एलए स्टूडियो स्टॉकर बनने का। भरोसा टूट गया, फिर भी उसका हाथ मेरे हाथ को जोर से पकड़कर मुझे चाँदनी में नहाए पहाड़ी रास्ते की ओर खींच रहा था चोटी तक। भोर नज़दीक आ रही थी, वॉयरिस्टिक नज़रों के बीच कच्ची सुलह का वादा करते हुए—लेना और मार्कस चुपचाप पीछे-पीछे। हमारे बीच कब्ज़े वाली आग जल रही थी, राज़ हमें उलझे हुए सुख की ओर अटल चढ़ाई पर धकेल रहे थे।
भोर से पहले की ठंडी हवा मेरी स्किन को काट रही थी जब हम पहाड़ी के नीचे इकट्ठा हुए, ग्रुप के बैकप्स अनकहे तनावों के बोझ से भारी। अमेलिया वहाँ खड़ी थी, उसकी पतली 5'5" काया मद्धम पड़ते सितारों के खिलाफ सिल्हूट बनी हुई, लहराती ब्रूनेट बाल हवा से बिखरे हुए। वो शाम भर दूर-दूर रही थी, उस लानत वाले जर्नल को पलटते हुए जो लेना ने मेरे पैक में पाया था—पेज जो मैंने सालों पहले लिखे थे जब मैं उसके एलए मॉडलिंग गिग्स को शैडो करते हुए ऑब्सेस्ड था। मैं जैक्स हार्लन था, वो लड़का जो स्टूडियोज में छिपा रहता, उसकी सुंदर मुद्रा को याद करता, उसके फेयर स्किन को लाइट्स के नीचे चमकते देखता। लेकिन मैं बदल गया था, या कम से कम मैं खुद से कहता था।


उसकी हरी आँखें मेरी आँखों से मिलीं, ओवल चेहरा धोखे से पीला। 'तुम वो थे? वो प्रशंसक जो रुकता ही नहीं था?' वो फुसफुसाई, आवाज़ काँप रही। लेना और मार्कस ने नज़रें मिलाईं—लेना की तेज़ फीचर्स जिज्ञासु, मार्कस के चौड़े कंधे तनावग्रस्त। मैंने सिर हिलाया, दिल धड़क रहा। 'हाँ, अमेलिया। मैं ऑब्सेस्ड था। लेकिन अब तुम्हें देखकर, ये इससे ज़्यादा है। मुझे साबित करने दे।' उसने जर्नल को मसल दिया, जेब में ठूंस दिया। भागने के बजाय, उसने मेरा हाथ पकड़ा, नाखून कब्ज़े से चुभते हुए। 'मेरे साथ चढ़ो। चोटी तक। अब कोई छिपना नहीं।'
हमने तेज़ रास्ते पर चढ़ाई शुरू की, फ्लैशलाइट्स कोहरे को चीरते हुए। उसके एथलेटिक कदम मेरे साथ ताल मिला रहे, पतली टाँगें आगे धकेल रही। लेना और मार्कस दूरी पर पीछे, उनकी फुसफुसाहट हवा में खो गई। हर कदम ने हमारे बीच की दरार को बढ़ाया—और चुंबकीय खिंचाव को। मैं उसके एलए दिनों के बारे में सोचता, कैसे मैंने उसकी सुंदरता पर कब्ज़ा करने की फैंटेसी देखी। अब, टूटा भरोसा कुछ और ज़ोरदार में मुड़ गया। चोटी का नज़ारा भोर की रोशनी का वादा कर रहा था, सुलह का स्टेज। मेरी नब्ज़ तेज़; क्या वो माफ़ करेगी, या हमेशा के लिए धकेल देगी? अमेलिया की पकड़ कस गई, चढ़ाई से उसकी साँसें तेज़, मेरी कब्ज़े की हिम्मत को ईंधन देती।


आधे रास्ते में, रास्ता संकरा हो गया, हमें करीब ला दिया। अमेलिया रुकी, छाती हाँफ रही, पसीने से भीगी हाइकिंग शर्ट उतारकर लेस वाला स्पोर्ट्स ब्रा दिखाया जो उसके 34बी ब्रेस्ट्स से चिपका था। उसकी फेयर स्किन ओस से चमक रही, निप्पल्स पतली फैब्रिक से हल्के दिख रहे, ठंड से सख्त। मैं आँखें न हटा सका—उसका ओवल चेहरा लाल, हरी आँखें गुस्से और इच्छा के मिश्रण से मेरी आँखों पर लॉक। 'तुमने तब मुझे देखा था,' वो साँस लेते हुए बोली, करीब आते हुए, उसका पतला बदन मेरे से रगड़ खा रहा। 'अब असली शो देखो।'
लेना और मार्कस पीछे लटके, कोहरे में परछाइयाँ, उनकी मौजूदगी रोमांचक धारा। अमेलिया के हाथ अपनी ही कर्व्स पर घूमे, संकरी कमर से कूल्हों तक, लेगिंग्स की कमरबंद को चिढ़ाते। मेरा लंड हिल गया, उसकी मुद्रील लालच से दर्द। वो थोड़ा झुकी, लहराते मीडियम बाल कंधों पर गिरे, फुसफुसाई, 'अब साबित करो कि तुम मेरे हो, जैक्स।' उसकी आवाज़ में कब्ज़ा मेरी संयम तोड़ गया; मैंने उसे अपनी बाँहों में खींच लिया, उसके नरम ब्रेस्ट्स मेरी छाती से दबे। उसकी सिसकी नरम, आमंत्रित।


हम आगे बढ़े, लेकिन हवा उत्सुकता से गाढ़ी हो गई। हर नज़र पीछे लेना की जिज्ञासु नज़र दिखाती, मार्कस असहज हिलता—हमारे बिखरने के वॉयर। अमेलिया की स्किन मेरे कभी-कभी के स्पर्श से गर्म हो रही, उसका बॉडी लैंग्वेज कच्ची ज़रूरत से सुलह चिल्ला रही। चोटी नज़दीक, क्षितिज को चीरते सुनहरे भोर के किनारे, हर तरह की एक्सपोज़र का वादा।
चोटी पर, भोर की पहली किरणें नज़ारे को गुलाबी और सुनहरे में नहला रही, नीचे शहर दूर की याद सा फैला। अमेलिया ने मुझे पत्थर से धक्का दिया, हरी आँखें धधक रही। 'तुमने मुझे स्टॉक किया, जैक्स। अब जहाँ वो देख सकें, वहाँ कब्ज़ा करो।' लेना और मार्कस कटकरी पर पहुँचे, नज़ारा देखकर जम गए, आँखें चौड़ी लेकिन हिले नहीं—परफेक्ट वॉयर। मैंने उसकी लेगिंग्स नीचे खींची, उसकी चिकनी फेयर स्किन वाली चूत एक्सपोज़, पहले से चमक रही। वो नरमी से सिसकी, 'म्म्म, हाँ,' टाँगें फैलाते हुए जब मैं घुटनों पर गिरा।
मेरी जीभ उसकी फोल्ड्स में घुसी, उसकी मीठी गीलापन चखते हुए, उसके क्लिट को उत्साही स्ट्रोक्स से चाटा। अमेलिया के पतले कूल्हे उछले, हाथ मेरे बालों में मुट्ठी बनाए, लहराते ब्रूनेट बाल हवा में फड़फड़ाए। 'ओह भगवान, जैक्स... गहरा,' वो हाँफी, बदन काँपता। मैंने उसका सूजा नब चूसा, उँगलियाँ उसकी टाइट गर्मी में सरकाई, कर्ल करके वो स्पॉट हिट किया। उसकी सिसकियाँ बदलीं—ऊँची सीटियाँ गहरी कराहों में, 'आह्ह... चोदो, मत रुको।' सुख लहरों में बना; वो पहले टूटी, फोरप्ले के इस भोज में ऑर्गैज़्म चीरता हुआ, जूस मेरे मुँह में उफानते हुए वो चीखी, टाँगें काँपती।


खत्म नहीं, मैं खड़ा हुआ, अपना धड़कता लंड आज़ाद किया। वो चट्टानी ज़मीन पर चारों हाथ-पैरों पर गिर गई, गांड ऊपर, चूत टपकती आमंत्रित। मैं गहरा घुसा, उसके मखमली पकड़ से कराहा। 'तुम मेरी हो, अमेलिया,' मैं गरजा, लयबद्ध धक्के मारते, हाथ संकरी कमर पकड़े। उसके 34बी ब्रेस्ट्स हर धक्के से झूल रहे, फेयर स्किन गुलाबी लाल। पोज़िशन चेंज: मैंने उसे ऊपर खींचा अपनी तरफ, एक हाथ गले पर कब्ज़े से, दूसरा क्लिट रगड़ता। 'ज़ोर से... मुझे अपना बना दो,' वो गिड़गिड़ाई, सिसकियाँ तेज़—साँस वाली 'हाँ' तेज़ हाँफों के साथ।
लेना की नरम सिसकी हल्की गूँजी, मार्कस की भारी साँसें जुड़ीं; उनकी नज़र आग को भड़काई। मैंने अमेलिया को पीठ के बल उलटा, टाँगें कंधों पर, गहरा ड्राइव। सेंसेशन्स ने घेर लिया—उसकी दीवारें सिकुड़ती, चिकनी गर्मी मुझे दूध रही। अंदर की आग भड़की: सालों की ऑब्सेशन यहाँ मुकम्मल। वो फिर झड़ी, 'जैक्स!' चीखते हुए, बदन ऐंठा, नाखून मेरी पीठ रगड़ते। मैं पीछा किया, गर्म बीज उसके अंदर पंप करते, गरजते रिलीज़। हम गिर पड़े, हाँफते, उसका सिर मेरी छाती पर, भरोसा उत्तेजना के बादलो में हल्का जुड़ा।
पसीने से भीगे और थके, हम भोर पूरी तरह फूटने पर उलझे लेटे, सुनहरी रोशनी अमेलिया की फेयर स्किन को सहलाती। उसकी हरी आँखें नरम, मेरा चेहरा ट्रेस करती। 'वो जर्नल... वो डराया मुझे, जैक्स। लेकिन यहाँ ऊपर, तुम मेरे अंदर, लगता है किस्मत।' मैंने उसके लहराते बाल सहलाए, उसके 34बी ब्रेस्ट्स मेरे खिलाफ उठते महसूस करते। 'तब मैं खोया था, दूर से ऑब्सेस्ड। अब, तुम मेरी हकीकत हो।' नरम चुम्बन आए, कोमल और लंबे।


लेना हिचकिचाते करीब आई, मार्कस पीछे, दोनों देखने से लाल। 'वो... इंटेंस था,' लेना बुदबुदाई, आँखें अमेलिया के टॉपलेस फॉर्म पर ठहरती, ब्रा पास फेंकी। अमेलिया मुस्कुराई मुद्रील, शर्म न। 'नज़ारे के लिए जॉइन करो?' बातें बहीं—कच्चे इकबाल, हँसी वॉयरिस्टिक तनाव को हल्का। मार्कस ने मंज़ूर सिर हिलाया। अमेलिया का हाथ मेरे को कसकर दबाया, फुसफुसाई, 'ये सब बदल देगा।'
सूरज ऊपर चढ़ा, हमारी स्किन गर्म। उसका पतला बदन करीब सरका, भूख फिर भड़कने से पहले रोमांटिक अंतराल। फुसफुसाहट में भरोसा दोबारा बना, ग्रुप की चुप स्वीकृति में कब्ज़े का बंधन गहरा।
इच्छा तेज़ी से फिर भड़की। अमेलिया ने मुझे सवार किया, हरी आँखें उग्र। 'फिर, जैक्स। उन्हें हमारा कब्ज़ा दिखाओ।' लेना और मार्कस पास के पत्थरों पर बैठे, मंत्रमुग्ध। उसने मेरा लंड अपनी भीगी चूत के मुँह पर लगाया, धीरे डूबते हुए सिसकी 'ओह्ह्ह... इतना भरा।' उसके पतले कूल्हे घुमावदार पीसे, चूत लयबद्ध सिकुड़ती, 34बी ब्रेस्ट्स लुभाते उछलते। मैंने उसकी गांड पकड़ी, ऊपर धक्का देकर मिला, सेंसेशन्स बिजली जैसे—उसकी टाइट गर्मी, चिकनी दीवारें धड़कती।


फोरप्ले सहज घुला; वो आगे झुकी, ब्रेस्ट्स मेरे मुँह को ऑफर। मैंने निप्पल जोर से चूसा, दाँत रगड़े, सिसकियाँ बदलीं—'म्म्म्फ... हाँ, काटो,' साँस भरी बेचैन। उसकी स्पीड तेज़, ज़ोर से सवार, क्लिट मेरे बेस से रगड़। ऑर्गैज़्म राइड के बीच हिट, बदन काँपता, 'चोदो, जैक्स... झड़ रही!' जूस हल्का छूटा, हमें भिगोया। न रुकते, रिवर्स काउगर्ल में शिफ्ट, गांड की लोथड़े फैले, वॉयर्स को फुल व्यू। मैंने फेयर स्किन हल्का थप्पड़ मारा, लाल होते देखा, ऊपर धक्के।
'और... मुझे अपना बना लो,' वो माँगी, आवाज़ भारी। अंदर के ख्याल दौड़े: ये सुंदर मॉडल, कभी दूर की फैंटेसी, अब कब्ज़े से तड़पती। पोज़िशन चेंज: मैं खड़ा, उसे आसानी से उठाया, टाँगें कमर लपेटी। पत्थर से सटाकर, मैंने गहरा चुभोया, गुरुत्वाकर्षण क्रूर धक्कों की मदद। उसके नाखून चुभे, सिसकियाँ चरम—तेज़ हाँफें, लंबे 'आह्ह।' लेना की फुसफुसाहट, मार्कस की कराह ने उकसाया। क्लाइमैक्स बना; अमेलिया तीन बार और लहरों में झड़ी, दीवारें जंगली ऐंठी।
आखिर, मैंने घुमाया, पत्थर पर झुकाया, पीछे से घुसा। हाथ बालों में, हल्का खींचा, बेरहम चोदा। 'हमेशा मेरी,' मैं हाँफा। वो रिलीज़ चीखी, चूत हर बूँद दूधती जब मैं उसके अंदर फटा, गर्म झटके भरते। गिरावट आई, बदन काँपते, बादलो गहरा—साझा उत्तेजना में भरोसा गढ़ा, वॉयर्स की आँखें याद जला।
सूरज चरम पर पहुँचते, हम सुस्ती से कपड़े पहने, अमेलिया की मुद्रा लौटी, उसके पैक से लाल रिबन बालों में लहराता विजेता का झंडा सा। ग्रुप को गुडबाय चुम्बन—लेना ने गले लगाया, मार्कस ने कंधा थपथपाया। 'एपिक भोर,' उसने कहा। अमेलिया और मैं रुके, लेकिन वो अकेले उतरना चुनी, पतली काया रास्ते पर गायब, रिबन नाचता।
मैंने देखा, दिल कब्ज़े और अनिश्चय से फूला। क्या पहाड़ियों ने नई ज़िंदगी जन्म दी साथ, या बस क्षणिक सपना? उसका जर्नल छिपा, राज़ सुख में दफन। लेकिन कोहरे में वो मद्धम पड़ते ही, सोचा: क्या लौटेगी, या भरोसे का टूटना अमर्याद्य दरार छोड़ गया?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चोटी पर चुदाई क्यों इतनी उत्तेजक?
ऊँचाई का रोमांच, वॉयर्स की नज़रें और कब्ज़े वाली जंगली धक्कों से। भोर की रोशनी में एक्सपोज़र थ्रिल बढ़ाता।
अमेलिया ने स्टॉकर राज़ के बाद क्या किया?
गुस्से से कब्ज़े में मुड़ गई, जैक्स को चोटी पर ले गई और देखने वालों के सामने चुदाई करवाई।
एपिसोड में कितने ऑर्गैज़म हुए?
अमेलिया कई बार झड़ी—फोरप्ले, राइडिंग, स्टैंडिंग में। जैक्स अंत में फटा।





