एपिसोड 3

तूफान की गोद में आँखों पर पट्टी बाँधकर समर्पण

अमेलिया की रेशमी पगडंडियाँ: छिपी तड़पें

एपिसोड 3

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एपिसोड 3
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बारिश तंबू पर जोरों से कोस रही थी जब मैंने अमेलिया के जंगली समर्पण की फोटोज़ पकड़ीं, उसकी शांत दिखावटी मुद्रा पर मेरा हथियार तैयार। लेकिन उसकी हरी आँखें मोहक आग से चमकीं, ब्लैकमेल को इच्छा के खेल में बदल दिया। उसके उंगलियों से रेशमी रिबन लटक रहा था, बिजली के बीच आँखों पर पट्टी बाँधकर आनंद का वादा। जो नियंत्रण से शुरू हुआ था वो उसकी सुंदर पकड़ में मेरी बिखराव बन गया।

मैं अमेलिया को ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों में और गहराई तक 따라 गया था, घाटी के राज़ हमें इस एकांत कैंपसाइट पर खींच लाए जहाँ जैक्स हार्लन और लेना वॉस ने पहले ही अपने तंबू गाड़ रखे थे। हवा में चीड़ की खुशबू और आने वाली बारिश घुली हुई थी जब मैंने कैंपफायर की झिलमिलाती आग के पास उसे घेर लिया। 'चढ़ाई वाली वो फोटोज़,' मैंने धीमी आवाज़ में कहा, फोन ऊपर करके। 'तुम्हें शेयर नहीं करवाना चाहोगी न, अमेलिया? तुम्हारी वो शांत छोटी दुनिया ढह जाएगी।'

उसकी हरी आँखें मेरी नज़रों से टकराईं, पहले अडिग, वो सुंदर शांति जो वो हमेशा कवच की तरह ढोती थी। अमेलिया डेविस, 23 साल की, पतली और गोरी चमड़ी वाली, लहराती भूरी बाल उसके अंडाकार चेहरे को घेरते हुए—वो हाइकिंग बूट्स और गीले टैंक टॉप में भी एक चित्र थी। लेकिन कुछ बदल गया। धीमी मुस्कान उसके होंठों पर फैली, डर नहीं, बुलावा। 'ब्लैकमेल, मार्कस रीड? कितना साधारण,' उसने बुदबुदाया, करीब आते हुए, उसका 5'5" कद नियंत्रण बिखेर रहा। पहली बिजली गड़ाई, हवा उसके मध्यम लंबे लहराते बालों को फाड़ रही।

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मेरा दिल धड़का। ये प्रतिक्रिया मैंने उम्मीद नहीं की थी। जैक्स और लेना लकड़ी जुटाने गए थे, बेखबर, लेकिन एकांत ने तनाव को बढ़ा दिया। उसने जेब से फटी हुई रेशमी रिबन पर उंगली फेरी—वो घाटी के किनारे वाली। 'शायद हम सौदा करें,' उसने फुसफुसाया, आवाज़ रेशम पर इस्पात सी। बारिश टपकने लगी, हमें मेरे तंबू की ओर धकेलती। उसकी गोपनीयता पर हावी होने का मेरा प्लान उलट रहा; उसकी शांति मोह का हथियार बन रही। बिजली चटकते ही हम अंदर घुस गए, कैनवास की दीवारें हमारा निजी तूफान।

तंबू के अंदर तूफान गरज रहा था, बारिश नायलॉन पर ढोल की तरह बज रही। अमेलिया की गोरी चमड़ी लालटेन की मद्धम रोशनी में चमक रही, उसकी हरी आँखें शिकारी सुंदरता से मेरी नज़रों में जमीं। 'तुम्हें लगता है फोटोज़ मेरा नियंत्रण कर सकती हैं, मार्कस?' उसने गरगुराई, भीगा टैंक टॉप उतार फेंका। उसकी 34B चुचियाँ बाहर उछलीं, बिल्कुल सही आकार की, निप्पल ठंडी हवा में सख्त हो गए। पतली और एथलेटिक, उसका बदन हल्की वक्रों का शानदार नमूना, संकरी कमर अब सिर्फ गीले शॉर्ट्स में ढकी कूल्हों तक फैलती।

मैंने गटक लिया, मेरा हथियार घुलता हुआ जब वो करीब सरक आई, रिबन उंगलियों में घुमाती। 'इसे रोचक बनाते हैं,' उसने कहा, उसके लहराते भूरे बाल बिखरे, अंडाकार चेहरा घेरते। बिजली गूंजी, ज़मीन काँपी। वो मेरे ऊपर दब गई, नंगी चुचियाँ मेरी छाती से रगड़ खाईं, झटके दौड़ाए। उसकी शांति शुद्ध मोह में बदल गई, सुंदर हाथ मेरी शर्ट पर सरकाए। 'मुझे आँखों पर पट्टी बाँधो... या मैं तुम्हें बाँधूँ। तूफान में वॉयरिस्टिक खेल।'

एपिसोड 3
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मेरे हाथ काँपे जब मैंने उसकी चमड़ी छुई, नरम और गर्म बावजूद ठंड के। वो मेरी हथेली में झुक गई, होंठों से हल्की सिसकी निकली। तंबू छोटा लग रहा, बिजली की चमक उसकी शक्ल उजागर करती। उसके उंगलियों ने मेरी बेल्ट खींची, चिढ़ाते, गर्मी बढ़ाते। 'अपनी ताकत दिखाओ, मार्कस,' उसने फुसफुसाया, साँस मेरे कान पर गर्म। रिबन लटक रहा प्रलोभन सा, उसका बदन इनकार न करने लायक निमंत्रण।

अमेलिया का मोह मुझे निगल गया। सुंदर झटके से उसने रेशमी रिबन मेरी आँखों पर बाँध दिया, मुझे अंधेरे में धकेल दिया। 'दूसरी इंद्रियों से देखो, मार्कस,' उसने चिढ़ाया, आवाज़ हाँफती। बिजली गर्जी जब मैंने उसके शॉर्ट्स सरकते सुने, तंबू का फर्श हिला। मेरा संसार उसके स्पर्श तक सिमट गया—नरम हाथ मेरी बकल खोलते, मेरे दर्दते लंड को आज़ाद करते। वो काउगर्ल में सवार हुई, गोरी चमड़ी उत्सुकता से चिकनी, मुझे अपनी टाइट, गीली चूत में ले गई।

"ओह्ह्ह," उसने गहरी सिसकी ली, पूरी तरह धंसते हुए, उसका पतला बदन मुझे लपेट लिया। मैंने उसकी संकरी कमर पकड़ी, महसूस किया 34B चुचियाँ हर ऊपर-नीचे में उछलतीं। आँखों पर पट्टी से हर अहसास तेज: उसके लहराते भूरे बाल मेरी छाती रगड़ते, हरी आँखें जो न देख सका लेकिन कल्पना में शांति से जुनून में जलतीं। वो पहले धीरे सवार हुई, अपनी चूत की चोंच मेरे खिलाफ रगड़ती, अंदरूनी दीवारें लयबद्ध सिकुड़तीं। 'म्म्म, हाँ,' उसने हाँफा, रफ्तार तेज, कूल्हे सुंदर लय में घुमाते।

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बिजली पट्टी के किनारे से चमकी, उसकी सिसकियाँ विविध—ऊँची फरफराहट निचली, गले की गरगुराहट से मिलीं। मैंने ऊपर धक्का दिया, उसके साथ मिला, हाथ उसके अंडाकार चेहरे वाली खूबसूरती के वक्रों पर घूमे, सख्त निप्पल निचुड़ाए। वो आगे झुकी, चुचियाँ मेरे मुँह पर दबीं, साँस गर्म। 'गहरा, मार्कस,' उसने माँगा, मोह ने ताकत पूरी उलट दी। तूफान की गर्जना फीकी पड़ी उसकी सिम्फनी के आगे: 'आह्ह... ओह गॉड...' उसका बदन काँपा, फोरप्ले का किनारा धुंधला पड़ता जब वो मेरे ऊपर चढ़कर चरम की ओर दौड़ी।

पोज़िशन खुद-ब-खुद बदली—वो रिवर्स काउगर्ल में घूमी, गांड पीछे रगड़ती, चूत और टाइट पकड़ती। मैंने उसके रस हमें कोट करते महसूस किया, पतली जाँघें काँपतीं। 'मैं... करीब हूँ,' उसने फुसफुसाया, आवाज़ टूटकर लंबी सिसकी में, 'म्म्मआह्ह्ह!' चरम इस तीव्र सवारी में आया, दीवारें धड़कतीं, मुझे निचोड़तीं जब वो जंगली उछली। लेकिन वो रुकी नहीं, चिढ़ाने को धीमी हुई, मुझे ऊँचा ले गई। मेरे हाथों ने उसकी गांड पर हल्के थप्पड़े मारे, अंधे में भी वॉयरिस्टिक—कल्पना में गोरी चमड़ी लाल होती।

उसने धक्के के बीच पट्टी खोली, हरी आँखें फिर आमने-सामने, काउगर्ल नई। 'अब देखो मुझे,' उसने गरगुराया, ज़ोर से सवार। उसकी सिसकियाँ चढ़ीं: तीखी हाँफें, हल्की 'हाँ' की। मैंने उलट दिया, लेकिन वो वापस ले आई, हावी। सुख मेरे में सिमटा, उसकी सुंदरता नियंत्रण बिखेर रही। बिजली ने कुछ न छुपाया—उसकी चीखें चरम पर, 'मार्कस... आह्ह्ह!' दूसरी लहर उसे मारी, बदन मुड़ा, मेरा रिसाव खींचा। मैंने गहरी कराह ली, उसे भरते हुए जब वो हाँफती ढह गई। वॉयरिस्टिक पट्टी का खेल हमें गहरा बाँध गया, उसकी शांति मेरी लत। (612 words)

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हम स्लीपिंग बैग्स में उलझे लेटे थे, तूफान बाहर अभी भी चीख रहा। अमेलिया का सिर मेरी छाती पर, उसके लहराते भूरे बाल गीले, हरी आँखें बाद की चमक में नरम। 'वो... अप्रत्याशित था,' मैंने बुदबुदाया, उसकी गोरी चमड़ी, पतली वक्रों का पता लगाते, लालटेन में चमकते। उसकी 34B चुचियाँ गर्म दबीं, निप्पल अभी भी कंकड़ जैसे।

उसने सुंदर मुस्कान दी, शांति लौट आई लेकिन नई हिम्मत से लिपटी। 'ब्लैकमेल को इसका जवाब मिल गया, मार्कस। लेकिन वो फोटोज़? रख लो। अब वो हमारी हैं।' उसके उंगलियाँ मेरी में उलझीं, बिजली के बीच कोमल। हम बातें करने लगे—उसका मॉडलिंग जीवन, मेरा रोमांच का पीछा, रिबन का घाटी से इतिहास। कमज़ोरी सामने आई; उसका मोह जंगली से जागी गहरी भूखें छुपाता था।

'जैक्स और लेना बाहर हैं,' उसने फुसफुसाया, तंबू के फ्लैप को देखते। बारिश थोड़ी कम हुई, लेकिन हवा फाड़ रही। उसका हाथ मेरी जाँघ पर सरका, पुनरुत्थान चिढ़ाता, ऊपर से नंगी शक्ल शरारती मुद्रा में। 'तूफान हमें सबको फँसा लेता है।' अंतरंगता गहरी हुई, सिर्फ बदन नहीं आत्माएँ अराजकता में रगड़ खाईं। उसने धीरे चूमा, भावुक भुगतान दुश्मनों से प्रेमियों में हमारा उलट सील कर।

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इच्छा तेज़ी से फिर भड़की। अमेलिया की कोमल नज़र भूखी हो गई। 'फिर,' उसने साँस ली, मुझे पीछे धकेलते। सभी चौरस पर, उसने गांड पेश की, वॉयरिस्टिक पट्टी फेंकी लेकिन चिढ़ बाकी। 'पीछे से, मार्कस। हर इंच देखो।' मैंने घुटनों पर किया, संकरी कमर पकड़ी, अपनी भीगी चूत में डॉगीस्टाइल सरकाया। बिजली ने मेरा पहला धक्का चिह्नित किया।

"ओह्ह्ह, हाँँँ," उसने लंबी और निचली सिसकी ली, पीछे धकेलते, पतला बदन हिलता। गोरी चमड़ी गुलाबी लाल, लहराते बाल झूलते। मैं मंत्रमुग्ध देखता—उसका अंडाकार चेहरा मुड़ा, कंधे पर हरी आँखें मोहक, 34B चुचियाँ नीचे लहरातीं। हर गहरा धक्का उसे खींचता, रस चमकते, चूत की चोंच छूने को तरसती। मेरी उंगलियाँ मिलीं, घुमाईं, उसकी हाँफें तीखी: 'आह! वहीँ...'

रफ्तार बनी, कूल्हे टकराए, तंबू तूफान और हमसे हिला। वो खुली सुंदरता थी—मुड़ी, सिकुड़ी, सिसकियाँ फरफराहट से गट-गट 'म्म्म्फ!' तक। फोरप्ले के अवशेष ईंधन: मैं झुका, गर्दन चूमा, बालों में हाथ धीरे खींचा। पोज़िशन ट्वीक—वो और फैली, गांड ऊँची, गहरा अनुमति। सुख परतें—उसकी दीवारें फड़फड़ाईं, किनारे पर।

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'ज़ोर से,' उसने माँगा, शांति में हुक्म। मैंने माना, जोर-जोर धक्के, बॉल्स थप्पड़। उसका बदन कँपाया, चरम धक्के के बीच: 'फ़क्... आह्ह्ह!' वो हल्का छींटा मारी, हमें भिगोया, लेकिन मैंने रोका, आधा उलटकर साइड पेनेट्रेशन अंतरंगता के लिए। टाँगें उलझीं, मैंने धीरे फिर तीव्र चलाया, निप्पल निचुड़े, सिसकियाँ हल्की फुसफुसाहट: 'अंदर झड़ो...'

भावुक गहराई उमड़ी—आँखें जमीं, उसकी हिम्मत मेरी नकल। तूफान की फुर्र हमारी मैच; बिजली ने पतली शक्ल सिल्हूट। चरम करीब; उसने जानबूझकर सिकुड़ी, विविध चीखें मुझे पार धकेलीं। 'अमेलिया!' मैंने कराहा, गहरा फूटा, उसकी आखिरी सिसकी 'हाँँ...' गूँजी। साथ ढह गए, थके, उसकी सुंदरता विकसित—रात की मालकिन मोहिनी। (582 words)

हाँफते, हम कंबलों तले सिकुड़े जब बारिश बेरहम कोस रही। अमेलिया की शांति नई चमक—संतुष्ट भी सुंदर, मेरे खिलाफ लिपटी। 'बाकी सब भीग गए होंगे,' उसने धीरे कहा, हरी आँखें सोच में। आवाज़ें करीब: जैक्स हार्लन की गहरी आवाज़, लेना वॉस की हँसी हवा काटती। वो हमारे तंबू क्लस्टर में ज़िप किए, टपकते, आश्रय माँगते।

'और जगह?' जैक्स ने पुकारा, मोटा कद फ्लैप भरता। लेना, गोल-मटोल और हिम्मती, मुस्कुराई। ग्रुप हल्के बने, बदन गर्मी के लिए करीब, तूफान साझा भूखें जगा—नज़रें ठहरतीं, स्पर्श संयोगी। अमेलिया का हाथ मेरी निचुड़ा, उसकी विकसित हिम्मत और संकेत।

लेकिन फिर—दूर से टॉर्च की किरण अंधेरे चीर, रेंजर की रोशनी कैंपसाइट्स घुमाती। घुसपैठ नज़दीक; हमारे राज़ डगमगाए। बिजली दिल की धड़कनें छुपाईं, लेकिन तनाव चढ़ा। कौन सी आँखें आगे क्या देखेंगी?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्लाइंडफोल्ड सेक्स कैसा लगता है?

आँखें बंद होने से स्पर्श दुगना हो जाता है। अमेलिया की चूत का गर्माहट और चुचियाँ रगड़ना तीव्र सुख देता है।

तूफान में तंबू सेक्स का मज़ा क्यों?

बिजली-बारिश की गर्जना चीखें दबाती है। अंतरंगता बढ़ती है, जंगली भूख जागती है।

अमेलिया का मोह कैसे उलट फेर लाया?

ब्लैकमेल को वो मोह से पलट दिया। पट्टी बाँधकर मार्कस को अपना गुलाम बना लिया।

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अमेलिया की रेशमी पगडंडियाँ: छिपी तड़पें

Amelia Davis

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