अबिगेल का लग्ज़री होटल सरेंडर
पेंटहाउस सूट की शानदार चमक में, मासूमियत वर्जित उन्माद को समर्पित हो जाती है।
अबिगेल का मारहम स्पर्श भड़का दे क्यूबेकन वासना!
एपिसोड 5
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लिफ्ट के दरवाजे हल्की सी चिम की आवाज के साथ खुल गए, सामने था क्यूबेक सिटी का ताज Château Frontenac का विशाल पेंटहाउस सूट, जो सेंट लॉरेंस नदी के ऊपर ऊंचा चमक रहा था। क्रिस्टल झूमरों ने संगमरमर के फर्श पर सोने की नसों वाली सुनहरी धुंध बिखेर दी, जबकि छत से फर्श तक की खिड़कियां नीचे झिलमिलाती शहर की रोशनी को फ्रेम कर रही थीं, शहरी आकर्षण का मंत्रमुग्ध करने वाला चित्र। अबिगेल ओउलेट अंदर कदम रखी, उसका दिल उसके छोटे कद के अंदर ढोल की तरह धड़क रहा था। बीस साल की ये कैनेडियन हसीना, जिसके बैंगनी बाल मछली की पूंछ वाली चोटी में बुनकर पीठ पर लहरा रहे थे, उत्साहित भी महसूस कर रही थी और असुरक्षित भी। उसकी हेज़ल आंखें कमरे को स्कैन कर रही थीं, किंग-साइज बेड को नोटिस किया जो रेशमी चादरों में लिपटा था, चांदी के बाल्टी में ठंडा होता शैंपेन, और हवा में लटकी सैंडलवुड की हल्की खुशबू।
मार्क लेफेब्रे खिड़की के पास इंतजार कर रहा था, उसका लंबा एथलेटिक बदन रात के आकाश के खिलाफ सिल्हूट बन रहा था। अपने लेट ट्वेंटीज में सफल आर्किटेक्ट, उसके काले बाल हल्के बिखरे हुए, वो मुस्कुराता हुआ मुड़ा जिससे उसके घुटने कमजोर हो गए। 'अबिगेल,' उसने बुदबुदाया, उसका क्यूबेक्वॉईस लहजा उसके नाम को मखमल की तरह लपेट रहा था। वो उसे हफ्ते पहले गैलरी ओपनिंग में मिली थी, उनका कनेक्शन तुरंत हुआ—कला और शांत बातचीत की ओर खिंचे रूहानी साथी। लेकिन आज रात, हवा में अनकही वादों की गूंज थी। उसका दयालु, सहानुभूतिपूर्ण स्वभाव हमेशा उसे सुनने वाली, सांत्वना देने वाली बनाता था, लेकिन यहां, इस लग्ज़री शरण में, उसे एक बदलाव महसूस हो रहा था। मार्क नजदीक आया, उसका हाथ उसके हाथ से रगड़ा, जिससे उसकी बांह में स्पार्क्स दौड़ गए। 'तुम पूरे हफ्ते मेरे दिमाग में घूम रही हो,' उसने कबूल किया, आंखें उसकी शहद जैसी रंगत वाली त्वचा पर टिक गईं जो लाइट्स के नीचे चमक रही थी।
अबिगेल का अंडाकार चेहरा लाल हो गया, उसके मध्यम स्तन हर उथली सांस के साथ फिटेड ब्लैक ड्रेस के नीचे ऊपर हो रहे थे जो उसके 5'6" छोटे बदन को चिपककर लिपट रही थी। ड्रेस उसके संकरे कमर से चिपकी हुई थी, जो नीचे एथलेटिक स्लिम कर्व्स का इशारा कर रही थी। वो ये चाहती थी—समर्पण करना, उन इच्छाओं को एक्सप्लोर करना जो वो सिर्फ सपनों में फुसफुसाती थी। फिर भी शक की चमक थी; क्या वो मार्क के लेट-नाइट टेक्स्ट्स में इशारा की गई तीव्रता के लिए तैयार थी? सूट की शान ने उसके नर्व्स को बढ़ा दिया—प्लश वेलवेट सोफा, प्राइवेट बार में रेयर व्हिस्कीज़ से भरा, शहर की दूर की गूंज इस बुलबुले के बाहर की दुनिया की याद दिला रही। जैसे ही मार्क ने शैंपेन डाला, फ्लूट्स हल्के से टकराए, अबिगेल ने अंदर तनाव को महसूस किया, एक स्वादिष्ट उत्सुकता नदी पर उमड़ते तूफानी बादलों की तरह बन रही थी। आज रात उसके विकास को चिह्नित करेगी, सहानुभूतिपूर्ण पर्यवेक्षक से जुनून के नृत्य में साहसी भागीदार बनने तक।


मार्क ने अबिगेल को फ्लूट थमाया, उनकी उंगलियां एक स्पर्श में लंबे समय तक रुकीं जो बहुत कुछ कह गया। 'नई शुरुआतों को,' उसने टोस्ट किया, आवाज नीची और अंतरंग। उसने बबली को चखा, कुरकुरी झाग उसकी जीभ पर नाच रही थी, जो उसके नसों में फिज़ की तरह थी। वे वेलवेट सोफे पर बैठ गए, शहर की रोशनी उनके चेहरों पर बदलते पैटर्न रच रही थी। बातचीत पहले आसानी से बही—गैलरी के लेटेस्ट एग्जिबिट के बारे में, मार्क के लॉरेंटियन्स में सस्टेनेबल होम्स डिजाइन करने वाले लेटेस्ट प्रोजेक्ट के बारे में, अबिगेल की साइकोलॉजी स्टडीज जहां उसकी सहानुभूति चमकती थी, दूसरों को उनकी भावनाओं से नेविगेट करने में मदद करती। लेकिन शब्दों के नीचे तनाव सुलग रहा था। मार्क का घुटना उसके से रगड़ा, दुर्घटना जैसा लेकिन जानबूझकर, और वो पीछे नहीं हटी।
'बताओ तुम क्या सोच रही हो,' उसने उकसाया, ग्लास नीचे रखा, नजर तीव्र। अबिगेल हिचकिचाई, उसकी मछली पूंछ चोटी झूलती हुई जब उसने एक ढीली बैंगनी लट हेयर के पीछे की। 'मैं नर्वस हूं,' उसने धीरे से कबूल किया, उसकी हेज़ल आंखें उसकी से मिलीं। 'उत्साहित, लेकिन... ये पहले से कहीं बड़ा लग रहा है।' मार्क ने सिर हिलाया, उसके चेहरे पर समझ की चमक। उसने अपनी कमजोरियां शेयर कीं—कैसे आर्किटेक्चर उसके लिए अराजक दुनिया में कंट्रोल बनाने का तरीका था, फिर भी उसके साथ वो छोड़ना चाहता था। उनके हाथ आपस में उलझ गए, हथेलियां गर्म और हल्की नम, साधारण स्पर्श ने चिंगारी जला दी। अबिगेल ने अपनी धड़कन तेज महसूस की, उसका सहानुभूतिपूर्ण पक्ष उसे नजदीक खींच रहा था, खुद को उतना ही सांत्वना देना चाहती जितना उसे।
जैसे ही शैंपेन ने अंदर से उसे गर्म किया, मार्क झुका, उसकी सांस उसकी से मिली। 'मैंने इस रात को इतनी बार कल्पना की है,' उसने फुसफुसाया, उंगली उसके बाजू पर घुमाई, शहद जैसी त्वचा पर कांप उठी। वो कांपी, सूट की आसपास की गर्मी हीट को शांत करने में कम पड़ रही थी। खतरा उसे रोमांचित कर रहा था—होटल की एक्सक्लूसिविटी का मतलब प्राइवेसी था, लेकिन बाहर की दुनिया लटक रही थी, स्टूडेंट लाइफ, उसकी दयालु प्रतिष्ठा। अगर ये उसे बदल दे तो? मार्क ने उसके अंदर के संघर्ष को भांपा, उसे हल्के से गले लगा लिया। 'हम तुम्हारे पेस पर चलेंगे,' उसने वादा किया, होंठ उसके मंदिर को ब्रश किए। फिर भी उसके हाथ सूक्ष्म घूमे, ड्रेस के जरिए उसके छोटे बदन को मैप करते, इलेक्ट्रिक चार्ज बनाते। अबिगेल के विचार दौड़े: उसका शरीर लालायित था, दिमाग सावधानी फुसफुसा रहा था, लेकिन इच्छा जीती, उसे समर्पण की ओर धकेलती।


वे उठे, खिड़की की ओर चले, क्यूबेक की मीनारें हीरों की तरह चमक रही थीं। मार्क उसके पीछे खड़ा, बाजुएं उसके कमर को घेर लीं, ठोड़ी कंधे पर। 'देखो वो व्यू,' उसने कहा, लेकिन उसकी आंखें उसके रिफ्लेक्शन पर—अंडाकार चेहरा उत्सुकता से जगमगा रहा, बैंगनी बाल चमकते। वो पीछे उसमें झुकी, उसके उत्तेजना को महसूस किया जो उसके खिलाफ दब रही थी, आने वाले का वादा। बातचीत फ्लर्टी हो गई, 'अनचाहर्ट टेरिटरीज एक्सप्लोर करने' के इशारों से लिपटी। अबिगेल हंसी, उसकी सहानुभूति शरारती हो गई, उसके 'ग्रैंड डिजाइन्स' का मजाक उड़ाया। तनाव गहरा गया, हर नजर लदी हुई, हर स्पर्श प्रस्तावना। सूट की लग्ज़री ने उन्हें लपेटा—पैरों तले रेशमी कालीन, छिपे स्पीकर्स से हल्का जैज—अंतरंगता को बढ़ाता। अबिगेल का आत्मविश्वास हल्का जागा, उसके नजरों के बोल्ड रिटर्न में झलका, गहरी लिप्तता के लिए स्टेज सेट करता।
मार्क के होंठ अबिगेल की गर्दन पर मिले, एक नरम चुम्बन जिससे वो हांफी, बदन सहज रूप से मुड़ा। उसने उसकी ड्रेस धीरे से खोली, कपड़ा कंधों से सरसराते हुए पैरों पर जमा, उसे लेस पैंटी में टॉपलेस छोड़ दिया। उसके मध्यम स्तन, परफेक्ट शेप वाले, निप्पल ठंडी हवा में सख्त होकर, तेज सांसों से ऊपर-नीचे हो रहे थे। उसके हाथ पहले हल्के से उन्हें थामे, अंगूठे संवेदनशील चोटियों के चारों ओर घुमाए, उसके होंठों से सांस भरी कराह निकली। 'भगवान, तुम कितनी खूबसूरत हो,' उसने बुदबुदाया, आवाज भारी। अबिगेल की हेज़ल आंखें पलक झपकाई बंद हुईं, संवेदनाएं भारीभरकम—उसकी गर्म हथेलियां सूट की ठंडक के विपरीत, सीधे उसके कोर तक झटके भेजतीं।
वो उसके आगोश में मुड़ी, उनके मुंह भूखे चुम्बन में टकराए, जीभें नाचतीं जैसे हाथ एक्सप्लोर करते। मार्क की शर्ट उतरी, टोन्ड ऐब्स दिखे जिन्हें उसने उत्सुक उंगलियों से ट्रेस किया, उसका सहानुभूतिपूर्ण स्वभाव प्रसन्न करने की इच्छा से भरा। उसने उसे बेड की ओर पीछे धकेला, रेशमी चादरों के बीच लिटाया जो उसकी शहद त्वचा को प्रेमी की तरह सहला रही थीं। उसके पैरों के बीच घुटनों पर, वो उसके बदन पर चूमता नीचे गया—कॉलरबोन, स्तन, नाभि—हर दबाव आग जला रहा। अबिगेल नरमी से कराही, 'मार्क... हाँ,' उसका छोटा बदन मरोड़ खा रहा। उसका मुंह उसकी पैंटी पर मंडराया, लेस के जरिए गर्म सांस, उंगलियां किनारों पर अटकीं लेकिन अभी उतारते हुए चिढ़ा रही।


उत्सुकता चरम पर पहुंची जैसे उसने उसकी आंतरिक जांघों को सूंघा, होंठ गीले कपड़े को ब्रश किया। वो हल्के झटके से उछली, एक सिसकी निकली। 'प्लीज,' उसने फुसफुसाया, हाथ उसके बालों में। मार्क ने आंशिक मान लिया, जीभ लेस पर चटकाई, उसकी उत्तेजना चखी। उसकी कराहें विविध हो गईं—ऊंची सांसें गहरी कराहों से मिलीं। आंतरिक संघर्ष पिघल गया; उसकी दयालुता खुद पर फैली, सुख की अनुमति दी। उसने हल्के चूसा, कपड़े की बाधा यातना बढ़ा रही, उसके निप्पल अछूते दर्द कर रहे। अबिगेल के विचार घूमे: ये असुरक्षा सशक्तिकरण लग रही थी, खिड़की में उसका रिफ्लेक्शन एक जागती औरत दिखा रहा।
फोरप्ले लग्ज़रियस स्ट्रेच हुआ, मार्क की उंगलियां उसके मुंह से जुड़ीं, लेस के जरिए उसके क्लिट पर सर्कल दबाए। चरम जैविक रूप से बना, उसका बदन तन गया, तेज चीख के साथ लहरें टकराईं, पैंटी भिगो दी। उसने कांपों के बीच उसे थामा, जांघों को कोमल चूमा। सांस उखड़ी हुई, उसने उसे ऊपर खींचा, जोर से चूमा, खुद को चखा। आत्मविश्वास खिल गया; वो और के लिए तैयार थी।
उत्साहित होकर, अबिगेल ने पैंटी उतारी, रेशमी चादरों पर पूरी नंगी, उसकी विस्तृत चूत उत्तेजना से चमक रही। मार्क उतरा, उसका सख्त लंड बाहर उछला, मोटा और नसों वाला, जिससे उसकी हेज़ल आंखें फैल गईं। 'मैं ट्राई करना चाहती हूं... सब कुछ,' उसने सांस ली, आवाज नई साहस से कांपती। उसने उसे आल फोर्स पर पोजिशन किया, सूट के मिरर उसके छोटे रूप को रिफ्लेक्ट कर रहे—बैंगनी चोटी झूल रही, शहद त्वचा लाल। भरपूर लुब लगाकर, उसकी उंगलियां पहले उसकी टाइट गांड में घुसीं, एक फिर दो, कोमल स्ट्रेच। अबिगेल गहराई से कराही, 'ओह्ह्ह... ये तीव्र है,' जलन सुख में बदल गई जैसे उसने उसे खोला, उसका सहानुभूतिपूर्ण पक्ष उसकी देखभाल पर भरोसा कर रहा।


वो धीरे घुसा, सिर उसकी कुंवारी गांड को तोड़ा, इंच दर इंच। वो तेज हांफी, 'आह्ह! मार्क... धीरे,' चादरें पकड़ीं, बदन पूर्णता में ढलता। दर्द उन्माद में बदल गया, उसके हाथ संकरी कमर पर, उथले धक्के गाइड। 'तुम बहुत अच्छा कर रही हो,' उसने कराहा, आवाज तनावपूर्ण। लय बनी, उसकी कराहें विविध—सांस भरी 'हाँ' से गटुरल चीखें—जैसे वो पूरी भर गया। पोजिशन बदली; उसने उसे सीधा अपने सीने से सटाया, एक हाथ क्लिट रगड़ता, दूसरा निप्पल चुटकता। अबिगेल का रिफ्लेक्शन उन्माद दिखा: अंडाकार चेहरा आनंद से विकृत, मध्यम स्तन उछलते।
संवेदनाएं लेयर्ड—गांड में स्ट्रेच, क्लिट धड़कती, उसका लंड अंदर पल्सिंग। 'जोर से,' उसने मांगा, आत्मविश्वास उफान पर, पीछे धकेलती। मार्क ने मान लिया, गहरा पेला, उसका बदन कांप। आंतरिक विचार दौड़े: ये समर्पण ने आजाद किया, सहानुभूति साझा असुरक्षा पर फैली। चरम नजदीक; उसका पहले, गांड स्फिंक्टर ने उसे स्पाज्म में जकड़ा, लंबी 'फक्!' निकली जैसे रस टपके। वो पीछा किया, कराहा 'अबिगेल!' गर्म वीर्य भर दिया। वे ढेर हुए, हांफते, लेकिन गर्मी बाकी।
थोड़ा आराम के बाद, उसने उसे मिशनरी में पलटा, कम और लुब से चिकनी गांड में दोबारा घुसा। टांगें कंधों पर, गहरा ऐंगल नए स्पॉट्स हिट। उसकी कराहें कमरे भर गईं—ऊंची सिसकियां, नीची गुर्राहटें—नाखून उसकी पीठ रगड़ते। सुख तेज, क्लिट उसके बेस पर घिसती। दूसरा चरम बना, बदन ऐंठा, 'मैं फिर झड़ रही हूं!' लहरें जोर से टकराईं, उसे निचोड़ा। मार्क अनियमित धक्के मारा, दोबारा भरा। थककर वे उलझे, उसकी गांड नरम, आफ्टरशॉक्स से धड़कती। अबिगेल ने अपना रिफ्लेक्शन झलका—आंखें उग्र, बदन जुनून से चिह्नित—डर न पाने वाली औरत में विकसित।


दृश्य मिनटों में अनंत लगे, हर धक्का संवेदना में विस्तृत: चिकना स्लाइड, उसकी दीवारें जकड़तीं, पसीने से भीगी त्वचा हल्के थप्पड़। बातचीत बीच-बीच—'बहुत अच्छा लग रहा है,' 'सब ले लो'—कनेक्शन गहरा। उसका छोटा बदन तीव्रता संभाला, संकरी कमर मुड़ी, स्तन हांफते। भावनात्मक गहराई: भरोसा मजबूत, उसकी दयालुता उसके सम्मान से मिली। जैसे वे धीमे हुए, पूर्णता धुल गई, लेकिन रात और वादा कर रही।
चादरों में लिपटे, अबिगेल मार्क से सटी, उनके बदन पसीने से चिपचिपे, सांसें पोस्ट-क्लाइमैक्स धुंध में सिंक। 'वो था... अविश्वसनीय,' उसने फुसफुसाया, उसकी छाती ट्रेस की, उसकी सहानुभूतिपूर्ण नजर नरम। उसने उसके माथे को चूमा। 'तुम अविश्वसनीय हो। तुम्हें कैसा लग रहा है?' ईमानदार बात बही—उसके शुरुआती नर्व्स गए, चमक ने ले लिया। 'सशक्त,' उसने कबूल किया, 'जैसे मैंने खुद का एक हिस्सा खोज लिया।' हंसी उबली जैसे वे पानी पीए, सपने शेयर किए।
अचानक दस्तक चौंका दिया। मार्क शरारती मुस्कुराया। 'वो सोफी है—मेरा सरप्राइज।' दरवाजा खुला; सोफी ट्रेम्ब्ले अंदर आई, आग वाले लाल बालों वाली स्टनिंग, कर्वेस भरी फिगर, हरी आंखों में क्यूबेक्वॉईस चिंगारी। दोस्त और कभी-कभी प्रेमिका, वो शरारत से क्रैश की। 'एक और के लिए जगह?' अबिगेल का दिल दौड़ा—झटका, जिज्ञासा। मार्क ने कोमल समझाया; सोफी नजदीक आई, हाथ उसके गाल पर। 'सिर्फ अगर तुम कंफर्टेबल हो,' उसने गरजकर कहा। अबिगेल, विकसित होकर, सिर हिलाया, जिज्ञासा जीती। कोमल चुम्बन बदले, हाथ जुड़े, तनाव जैविक रूप से फिर जला।


सोफी उतरी, पूर्ण स्तन और शेव्ड चूत दिखाई, नंगी जुड़ गई। अबिगेल, दिल धड़कता, सोफी को हिचकिचाते चूमा, होंठ नरम, जीभें एक्सप्लोर। मार्क देखता, खुद को फिर सख्त रगड़ता। सोफी ने अबिगेल का हाथ अपनी गीलापन पर गाइड किया, कराही 'म्म्म, मुझे छुओ।' अबिगेल की उंगलियां अंदर गईं, क्लिट सर्कल, सहानुभूति इरोटिक हो गई जैसे सोफी की हांफें उसे उकसाईं। पोजिशन: अबिगेल पीठ पर, सोफी चेहरा पर सवार, चूत नीचे घिसती। अबिगेल उत्सुकता से चाटी, खट्टा-मीठा स्वाद, जीभ फोल्ड्स पर चटकाती जबकि सोफी पास मार्क का लंड चूस रही।
कराहें लेयर्ड—अबिगेल की मुंहभरी 'म्म्फ,' सोफी की ऊंची 'उई, वैसा ही,' मार्क की गहरी ग्रंट्स। सोफी आगे झुकी, 69 स्टाइल, अबिगेल की चूत खाई, उंगलियां उसके वीर्य-भरी गांड चिढ़ाईं। संवेदनाएं फटीं: जीभ क्लिट पर, गांड प्रोब्ड, अपना मुंह भरा। अबिगेल उछली, चरम तेज फटा, सोफी की जांघों में चीखी। वे बदले; मार्क ने अबिगेल को मिशनरी में घुसाया, सोफी उसके चेहरे पर रिवर्स बैठी। अबिगेल ने अब गांड चाटी, गहरा रिमिंग, हाथ गाल फैलाए। मार्क ने चूत जोर से पेली, बॉल्स थप्पड़।
तीव्रता चरम पर: अबिगेल का बदन ओवरलोड—लंड स्ट्रेचिंग, जीभ पर गांड का स्वाद, सोफी की कराहें वाइब्रेट। आत्मविश्वास उड़ान पर; उसने निर्देश दिया, 'मुझे गहरा चोदो, उसकी चूत चाटो।' पोजिशन चेंज: अबिगेल मार्क पर रिवर्स काउगर्ल, गांड फिर भेदी, सोफी आमने-सामने, चूतें स्किसरिंग जबकि चूमतीं। ग्राइंड्स सिंक, क्लिट्स रगड़तीं, मार्क का लंड स्ट्रेच विजिबल। मिरर में अबिगेल का रिफ्लेक्शन देवी—बैंगनी बाल जंगली, चेहरा चिकना, मध्यम स्तन उछलते। चरम चेन: सोफी पहले, अबिगेल के माउंड पर स्क्वर्ट, 'आह्ह्ह!'; अबिगेल ने गांड/चूत जकड़ी, लंबी चीख; मार्क अंदर फटा।
एक्सटेंडेड प्ले: सोफी ने उंगलियां अबिगेल की चूत में फिस्टेड हल्के, मार्क गांड धीरे चोदा। हर डिटेल जीवंत—रस टपकते, दीवारें पल्सिंग, पसीना शहद त्वचा पर मोती। बातचीत गंदी-कोमल: 'तुम हमारी हो,' 'तुम्हारा स्वाद पसंद।' भावनात्मक: अबिगेल की दयालुता ने बांधा, असुरक्षा साझा। चरम कई, बदन कांपते। ढेर में गिरे, पूर्ण, उसका विकास पूरा—हर मिरर में बोल्ड, कॉन्फिडेंट सेडक्ट्रेस झलकती।
भोर घुस आई, तिकड़ी उलझी, अबिगेल बीच में, बदन थके। सोफी ने उसकी चोटी सहलाई; मार्क ने कंधा चूमा। 'अविस्मरणीय,' अबिगेल ने सांस ली, आत्मविश्वास चमकदार। हंसी, और के वादे। फोन बजा—डॉ. रू: 'हिडन कैम से शो एंजॉय किया। मेरे वीआईपी क्लाइंट्स सर्विस करो वरना फोटोज पब्लिक।' डर उगा; एक्सपोज़र खतरा। अबिगेल की आंखें सख्त—नई साहस जंग के लिए तैयार।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अबिगेल का सरेंडर क्या है?
अबिगेल पेंटहाउस में मार्क को पहली बार अपनी गांड समर्पित करती है, फिर सोफी के साथ थ्रीसम में चरम सुख पाती है।
स्टोरी में कितने चरम सुख हैं?
कई चरम सुख हैं—एनल, चूत चाटना, थ्रीसम ग्राइंडिंग से। हर पोजिशन में डिटेल्ड डिस्क्रिप्शन।
अंत में क्या होता है?
डॉ. रू का ब्लैकमेल मैसेज आता है, अबिगेल की नई बोल्डनेस जंग के लिए तैयार हो जाती है। ]





