सान्वी का सशक्त ग्रहण

बोर्डरूम धोखे से उत्तेजक राजत्व तक, सान्वी अपनी मुक्त शक्ति हथिया लेती है।

सान्वी की छायादार चढ़ाई: बेकाबू हवस

एपिसोड 6

इस श्रृंखला की अन्य कहानियाँ

सान्वी का आधी रात का सौदा
1

सान्वी का आधी रात का सौदा

सान्वी का ब्लैकमेल वाला समर्पण
2

सान्वी का ब्लैकमेल वाला समर्पण

सान्वी का पब्लिक खतरा
3

सान्वी का पब्लिक खतरा

सान्वी का विकृत गठबंधन
4

सान्वी का विकृत गठबंधन

सान्वी की टूटी हुई वफादारी
5

सान्वी की टूटी हुई वफादारी

सान्वी का सशक्त ग्रहण
6

सान्वी का सशक्त ग्रहण

सान्वी का सशक्त ग्रहण
सान्वी का सशक्त ग्रहण

मैं एपेक्स इनोवेशन्स के मद्धम रोशनी वाले कॉर्पोरेट बोर्डरूम में खड़ा था, हवा में पॉलिश्ड महोगनी और ठंडे हो चुके ताज़ा कॉफ़ी की महक भरी हुई थी। फ्लोर-टू-सीलिंग खिड़कियाँ मुंबई की चमकती स्काईलाइन को ड्यूस्क में नज़रअंदाज़ करतीं, नीचे दूर अरेबियन सागर में नारंगी रंग घुलते हुए। तनाव तूफानी बादल की तरह लटका हुआ था जब सान्वी राव अंदर आईं, उनके लंबे घुंघराले गहरे भूरे बाल कंधों पर रेशमी घूंघट की तरह लहराते। 20 साल की उम्र में वो नाजुक महत्वाकांक्षा की मूरत थीं—फेयर स्किन रिसेस्ड लाइट्स के नीचे चमकती, हेज़ल आँखें खंजर सी तेज़, ओवल फेस विद्रोही संकल्प में सेट। उनका 5'6" फ्रेम नाजुक फिर भी कमांडिंग, टेलर्ड ब्लैक पेंसिल स्कर्ट ने उनकी संकरी कमर को जकड़ा हुआ था और क्रिस्प व्हाइट ब्लाउज़ ने उनके मीडियम बस्ट का इशारा किया बिना ज़्यादा दिखाए। उनकी पतली गर्दन के चारों ओर ब्लैक वेलवेट चोकर चमक रहा था, एक बोल्ड स्टेटमेंट पीस जिसमें एक सिंगल ओनिक्स जेम जड़ा था, उनकी अटल धड़कन की तरह धड़कता।

विक्रम खान, हमारे सख्त सीईओ, टेबल के सिरे पर बैठे थे, उनके चौड़े कंधे नेवी सूट में तने हुए। प्रिया मेहता, चालाक वीपी, उनके बगल में बेचैन हो रही थीं, उनकी परफेक्ट मैनिक्योर्ड नेल्स घबराहट से टैप कर रही। मैं, राहुल देसाई, वफादार सीटीओ, दीवार से टेककर खड़ा था, मेरा दिल सिर्फ आगामी टकराव से ही नहीं बल्कि सान्वी की मौजूदगी से कमरे को बिजली की तरह चीरते हुए तेज़ धड़क रहा था। उन्होंने हम सबके इनसाइट्स इकट्ठे किए थे—मेरी लेट-नाइट कन्फेशन्स प्रिया के शैडी डीलिंग्स के बारे में, विक्रम के अनिच्छुक एडमिशन्स ऑफ ओवरसाइट। आज सान्वी सबको ग्रहण कर लेगी। उनके कदमों की गूंज मकसदपूर्ण थी, हील्स मार्बल फ्लोर पर क्लिक करते, हर एक एंटीसिपेशन बढ़ाता। वो टेबल के किनारे रुकीं, उंगलियाँ ग्लास सरफेस पर सरकातीं, होंठों पर जानकार मुस्कान जो मेरी रीढ़ में सिहरन भेजती। ये सिर्फ मीटिंग नहीं थी; ये उनका राज्याभिषेक था। चोकर उनकी साँस के साथ कसता लगा, टूटे जंजीरों का प्रतीक, शक्ति वापस हासिल। मैं पहले ही शिफ्ट महसूस कर रहा था—उनकी आँखों में महत्वाकांक्षी आग कॉर्पोरेट जीत से ज़्यादा वादा कर रही। ये सरेंडर का वादा कर रही थी, कच्चा और बिना रोकटोक।

सान्वी का सशक्त ग्रहण
सान्वी का सशक्त ग्रहण

बोर्डरूम के दरवाज़े सॉफ्ट हिस के साथ बंद हो गए, हमें सान्वी के जाल में फँसा दिया। मैं अपनी जगह से उन्हें देख रहा था, नाड़ी तेज़ होती जब वो टेबल के चारों ओर शिकारी की तरह घूमीं। विक्रम ने गला साफ़ किया, उनकी गहरी आवाज़ गड़गड़ाई, 'सान्वी, ये बेहतर होनी चाहिए। सिंगापुर जाने वाले जेट से पहले समय कम है।' प्रिया मुस्कुराई, टाँगें क्रॉस कीं, उनकी सिल्क साड़ी चेयर से फुसफुसाई। लेकिन सान्वी की हेज़ल आँखें पहले उन पर लॉक्ड। 'प्रिया, तुमने मर्जर डेटा को सबोटाज किया है ना? रिपोर्ट्स फाल्सिफाई करके मुझे कमज़ोर करने के लिए।'

प्रिया का चेहरा टूटा, उनकी काली आँखें फैलीं। 'बकवास! प्रूफ कहाँ है?' सान्वी ने टैबलेट टेबल पर सरकाया, प्रोजेक्शन्स ज़िंदा हो गईं—ईमेल्स जो मैंने एनीमसली फॉरवर्ड किए, विक्रम के ओवरलुक अप्रूवल्स जो प्रिया के हाथों ट्विस्टेड। 'राहुल के लॉग्स, विक्रम के सिग्नेचर्स जो तुमने डिजिटली फोर्ज किए। सब यहाँ है।' मैंने हल्के से सिर हिलाया, सान्वी के प्रति मेरी वफादारी किसी कोड से ज़्यादा गर्म जल रही। विक्रम का चेहरा काला पड़ा, मुट्ठियाँ कसीं। 'प्रिया, ये सच है?' वो हकलाई, 'ये कंपनी के भले के लिए था—सान्वी बहुत महत्वाकांक्षी है, बहुत जवान।'

सान्वी का सशक्त ग्रहण
सान्वी का सशक्त ग्रहण

सान्वी हँसी, एक मधुर आवाज़ स्टील से लिपटी। वो टेबल पर झुकीं, ब्लाउज़ हल्का खिंचा, चोकर चमका। 'महत्वाकांक्षी? यही मेरी ताकत है, और तुम्हें डर लगा।' उनकी उंगलियाँ विक्रम के हाथ पर हल्के से ब्रश हुईं—इत्तेफाक से या जानबूझकर—उनमें झटका दिखा उनकी तेज़ साँस में। मुझे भी महसूस हुआ, आरोपों के बीच इच्छा की धारा बहती। प्रिया खड़ी हुई, गुस्से से, लेकिन सान्वी करीब आईं, उनकी परफ्यूम—जैस्मिन और महत्वाकांक्षा का मिक्स—हमें लपेटी। 'ये अब ख़त्म। सुलह, या बर्बादी।' विक्रम ने तेज़ साँस छोड़ी, आँखें उनकी शक्ल पर घूमीं। 'तुम क्या प्रपोज़ करती हो?' सान्वी की नज़र मुझ पर घूमी, शामिल करते हुए, कमांडिंग। 'हम इसे जेट पर ले जाते हैं। अब कोई गेम्स नहीं। अब मैं लीड करती हूँ।'

कमरे में अनकही गर्मी धड़क रही। प्रिया का विद्रोह भूख में पिघला सान्वी के शब्दों के साथ। मैं कल्पना कर रहा था आगे क्या इंतज़ार—उनका नाजुक बदन आज़ाद। हम बाहर निकले, प्राइवेट जेट रूफटॉप हेलीपैड पर इंतज़ार कर रहा, इंजन्स हमारी उमड़ती लिबिडोज़ की तरह गुनगुनाते। अपुलेंट केबिन के अंदर, लेदर सीट्स और शैंपेन फ्लूट्स स्टेज सेट। सान्वी ने सेंट्रल डाइवेन क्लेम किया, चोकर प्रमुख, टाँगें एलिगेंटली क्रॉस। 'नकाब उतारो,' उन्होंने सॉफ्टली कमांड किया। विक्रम हिचकिचाए, फिर आज्ञा पालन की, शर्ट ने चिसेल्ड चेस्ट दिखाया। प्रिया फॉलो की, साड़ी पल्लू सरका। मैं ठहरा, देखता, मेरा लंड उनकी ताकत पर ट्विच कर रहा। तनाव और कसा, उनकी डोमिनेंस सायरन की पुकार हमें खींच रही।

सान्वी का सशक्त ग्रहण
सान्वी का सशक्त ग्रहण

प्राइवेट जेट के केबिन लाइट्स सल्ती चमक में डिम हो गईं जब हम ट्वाइलाइट स्काई में ऊपर चढ़े। सान्वी ग्रेसफुली उठीं, उंगलियाँ चालाकी से ब्लाउज़ के बटन्स खोलीं, नाजुक धड़ की फेयर स्किन दिखाई। अब टॉपलेस, उनके मीडियम ब्रेस्ट्स पर्ट खड़े, निप्पल्स कूल रिसाइकल्ड एयर में सख्त। उन्होंने पेंसिल स्कर्ट पहने रखी, फैब्रिक हिप्स से चिपका दूसरी स्किन की तरह। 'करीब आओ,' उन्होंने विक्रम और प्रिया से गुर्राई, आवाज़ वेलवेट चाबुक। मैं सामने बैठा, ट्रांसफिक्स्ड, मेरा इरेक्शन ट्राउज़र्स के खिलाफ खिंच रहा।

विक्रम पहले करीब आया, उसके हाथ काँपते हुए उनके ब्रेस्ट्स को कप्ड, थंब्स निप्पल्स के चारों ओर घूमे। सान्वी सॉफ्टली मोअन की, 'म्म्म, हाँ, जो तोड़ने की कोशिश की उसे पूजा।' उनकी हेज़ल आँखें फड़कीं, बदन उनके टच में आर्च हुआ। प्रिया बगल में घुटनों पर, होंठ सान्वी की जांघ ब्रश कर रही, हाथ स्कर्ट ऊपर सरकाते। सान्वी हाँफी, 'प्रिया, माफी मांगो।' प्रिया फुसफुसाई, 'प्लीज़, मुझे तुम्हें चखने दो।' सान्वी की उंगलियाँ प्रिया के बालों में उलझीं, ऊपर गाइड करतीं, स्कर्ट ऊपर सरककर लेस पैंटीज़ दिखाई जो एंटीसिपेशन से गीली।

मैं उन्हें तड़पते देख रहा था, नाजुक फ्रेम लहराता, साँसें भरी हुई सिसकियों में। 'राहुल, अब के लिए देखो...' उनके शब्दों ने मुझे और भड़काया। विक्रम का मुँह एक निप्पल पर चिपका, लालची चूसा, सान्वी से तीखा 'आह्ह!' निकला। प्रिया की उंगलियाँ पैंटी एज पर टीज़, अंदर डुबोईं स्लिक फोल्ड्स को स्ट्रोक करने। सान्वी के मोअन गहरे हुए, 'ओह्ह, हाँ, और गहरा...' उनके हिप्स झटके, प्लेज़र चेज़ करते, चोकर हर हाँफ में उछलता। जेट का गुनगुन हमें कंपाता, हर टच को बढ़ाता। वो इकस्तसी में भी डोमिनेट कर रही, उनके मुँह, हाथ डायरेक्ट करतीं, उनका बदन वापस हासिल शक्ति का मंदिर। तनाव बना, उनकी गीलापन सॉफ्ट वेट साउंड्स में सुनाई दे रहा फिंगर्स के डुबोने से, लेकिन वो रुकीं, आँखें मेरी पर लॉक्ड, और वादा।

सान्वी का सशक्त ग्रहण
सान्वी का सशक्त ग्रहण

सान्वी का कमांड केबिन धुंध में कटा। 'विक्रम, मेरे पीछे। राहुल, सामने। प्रिया, मदद करो।' मेरा दिल धड़का जब मैंने कपड़े उतारे, लंड जोर से धड़क रहा। उन्होंने प्लश डाइवेन पर टाँगें चौड़ी फैलाईं, स्कर्ट ऊपर धकेला, पैंटीज़ फाड़ दी, चमकती गुलाबी चूत एक्सपोज़, होंठ सूजे और आमंत्रित। विक्रम पीछे पोज़िशन, उसकी मोटी शाफ्ट उनकी गांड पर दबाई, लुब्ड और रेडी। मैं सामने घुटनों पर, मेरी लंबाई उनकी स्लिक एंट्रेंस को नुड्ज। प्रिया बगल घुटनों पर, उंगलियाँ सान्वी के फोल्ड्स फैलातीं मेरे लिए।

एक यूनिफाइड थ्रस्ट से हमने उन्हें पेनेट्रेट किया—विक्रम ने पहले उनकी टाइट गांड भरी, गहराई से ग्रोन, 'फक, कितनी टाइट।' मैं उनकी चूत में सरका, वेलवेट वॉल्स ने मुझे क्लेंच किया, गर्म और टपकती। सान्वी चिल्लाई, 'आह्ह्ह! हाँ, मुझे पूरी तरह भर दो!' डबल पेनेट्रेशन ने उनके नाजुक बदन को लिमिट्स पर खींचा, फेयर स्किन गुलाबी लाल। वो हमारे बीच रॉक हुई, मोअन बढ़े—'म्म्म्फ, ज़ोर से, मुझे ओन करो जबकि मैं तुम्हें ओन करती!' प्रिया की जीभ उनके क्लिट पर लैप्ड, स्पार्क्स ऐड, उनकी खुद की सिसकियाँ मिक्स।

जेट की मोशन हमारे रिदम से सिंक, विक्रम के हिप्स उनकी गांड पर स्लैम, बॉल्स स्किन पर थप्पड़, मेरा लंड गहरा डुबोता, हर ड्राइव में सर्विक्स हिट। सान्वी की हेज़ल आँखें पीछे घूमीं, लंबे घुंघराले बाल फटाफटाते तड़पते। 'ओह गॉड, राहुल, गहरा—विक्रम, मेरी गांड को कच्चा चोद!' प्लेज़र वेव्स में बना; उनकी चूत स्पाज्म्ड, मुझे मिल्की, गांड विक्रम को ग्रिप। मुझे उनका ऑर्गेज़म क्रेस्ट महसूस हुआ—बदन काँपता, 'मैं झड़ रही हूँ! आआआह्ह्ह!' जूस मेरी शाफ्ट के चारों ओर स्क्वर्ट, हमें भिगोया। हम रुके नहीं, उनके क्लाइमैक्स से गुज़रते पाउंडिंग, उनके मोअन गटुरल, 'हाँ, हाँ, और!'

सान्वी का सशक्त ग्रहण
सान्वी का सशक्त ग्रहण

प्रिया ने सान्वी के निप्पल्स चूसे, फ्रेंज़ी बढ़ाई। पोज़िशन हल्की शिफ्ट—सान्वी अब ऑल फोर्स पर, विक्रम डॉगी-स्टाइल उनकी गांड में दोबारा, मैं फेस-टू-फेस, उनकी टाँगें मेरी कमर पर लिपटीं गहरी वेजाइनल थ्रस्ट्स के लिए। सेंसेशन्स ओवरव्हेल्म्ड: उनके अंदरूनी वॉल्स रिपलिंग, गांड की गालें इम्पैक्ट्स से जिगल। पसीना उनकी फेयर स्किन पर मोती, चोकर गले पर गीला। दूसरा पीक उन्हें हिट—'फ़ूउक, फिर!'—वॉल्स कन्वल्स, मेरी रिलीज़ नज़दीक खींची। विक्रम ग्रंटेड, 'आ रहा!' उनकी गांड भर दी। मैं रुका, उनकी डोमिनेंस को सैवर करते इम्पेल्ड भी। वो हाँफी, भरी आवाज़ में, 'मत रुको... मुझे पूरी तरह ग्रहण करो।' डबल फिलिंग ने उन्हें खींचा, प्लेज़र-पेन इकस्तसी में ब्लर, उनका बदन अंतहीन वेव्स में काँपता। प्रिया ने उन्हें डीप किस किया, जीभें नाचतीं, जबकि हम लूटते रहे।

हम लिम्ब्स के उलझे ताने में ढह गए, जेट क्लाउड्स से स्टेडी क्रूज़। सान्वी विक्रम और मेरे बीच लेटीं, प्रिया उनके पैरों पर कर्ल्ड, सब हाँफते। उनका चोकर हर पैंट के साथ उठता, फेयर स्किन लव बाइट्स से मार्क्ड। 'वो था... सुलह,' उन्होंने फुसफुसाया, हेज़ल आँखें अब सॉफ्ट, मेरा चेहरा ट्रेस करतीं। मैंने उनके बाल सहलाए, 'तुमने हमें ओन किया, सान्वी। पूरी तरह।' विक्रम ने सिर हिलाया, कंधे पर कोमल किस। 'अब कोई सबोटाज नहीं, प्रिया?' प्रिया फुसफुसाई, 'कभी नहीं। तुम हमारी क्वीन हो।'

सान्वी मुस्कुराईं, मुझे करीब खींचा, हमारे नंगे बदन अब मासूमियत से उलझे। 'राहुल, तुमने देखा फिर जॉइन किया—परफेक्ट लॉयल्टी।' उनकी उंगलियाँ मेरी में उलझीं, इमोशनल डेप्थ आफ्टरग्लो में उभरी। हम फ्यूचर्स की बात की, मर्जर्स हिले, महत्वाकांक्षाएँ अलाइन। केबिन इंटीमेट लगा, बाहर तारे चमकते। उनकी डोमिनेंस वल्नरेबिलिटी में बदली, 'मुझे ये शक्ति चाहिए थी... लेकिन तुम्हारा ट्रस्ट भी।' हग्स लंबे, किस सॉफ्ट, बॉन्ड्स फ्लेश से परे रिबिल्ड।

सान्वी का सशक्त ग्रहण
सान्वी का सशक्त ग्रहण

सान्वी की कोमलता ने फिर से भड़काया। 'राहुल, मिशनरी—गहरा, मुझे पूरी क्लेम करो।' वो डाइवेन पर पीठ के बल लेटीं, टाँगें चौड़ी फैलाईं, चूत अभी भी पहले से गीली, होंठ फूले और चमकते। मैं उनके नाजुक 5'6" फ्रेम पर पोज़िशन, लंड रिजिड, उनकी एंट्रेंस टीज़। विक्रम और प्रिया देखते, हाथ एक-दूसरे पर घूमते। एक स्लो थ्रस्ट से मैं गहरा दफनाया, उनकी वॉल्स हर इंच को हग। 'ओह्ह्ह, राहुल! इतना गहरा,' वो मोअन कीं, नाखून मेरी पीठ रेक।

मैंने मिशनरी स्टाइल में ड्राइव किया, हिप्स ग्राइंडिंग, लंडहेड उनकी डेप्थ्स को किस। उनके मीडियम ब्रेस्ट्स हर प्लंज के साथ उछले, निप्पल्स जो मैं भूखे चूसा। सान्वी के मोअन केबिन भरे—'म्म्म, हाँ, ज़ोर से चोदो!' उनकी टाँगें मेरे चारों ओर लॉक, हील्स खोदते, मुझे नामुमकिन गहरा खींचतीं। सेंसेशन्स एक्सप्लोडेड: उनकी गीलापन मुझे कोट, क्लिट मेरे प्युबिक बोन पर ग्राइंड। 'महसूस हो रहा? अब तुम मेरे हो,' वो हाँफीं, नीचे भी डोमिनेटिंग।

पेस तेज़ हुआ, पसीने से चिपचे बदन रिदमिक थप्पड़। प्रिया सान्वी के चेहरे पर स्ट्रैडल, चूत उनकी जीभ पर ग्राइंड, सान्वी से मफल्ड 'म्म्फ!' निकले। विक्रम खुद को स्ट्रोक, आँखें खा रही। सान्वी का ऑर्गेज़म तेज़ बना—बदन टाइट, 'मैं करीब... मत रुको!' मैंने एंगल गहरा किया, उनका जी-स्पॉट बेरहमी से हिट। वो टूट गईं, 'आआआह्ह्ह! इतना जोर से झड़ रही!' चूत कन्वल्सिंग, मेरी शाफ्ट के चारों ओर स्क्वर्ट। मैंने गुज़ारा पाउंडिंग, उनकी पुकारें भरीं, 'भर दो मुझे, राहुल!'

पोज़िशन ट्वीक—वो कोहनियों पर प्रॉप्ड, टाँगें शोल्डर्स पर अल्ट्रा-डीप पेनेट्रेशन के लिए। हर थ्रस्ट बॉटम आउट, उनकी हेज़ल आँखें मेरी पर लॉक्ड, लस्ट से जंगली। प्लेज़र टाइट कोइल्ड; उनका दूसरा क्लाइमैक्स हिट, 'फ़ूउउक, हाँ!' वॉल्स ने मुझे मिल्क किया, मेरी रिलीज़ ट्रिगर—गर्म स्पर्ट्स उनकी डेप्थ्स भर। हम साथ काँपे, मोअन हारमोनाइज़—उनका ऊँचा कीनिंग, मेरा गटुरल। प्रिया उनकी जीभ पर आई, विक्रम उनके ब्रेस्ट्स पर स्पिल। एग्जॉस्टेड इकस्तसी लिंगर, सान्वी का बदन काँपता, चूत कम से ओवरफ्लो, उनकी शक्ति वल्नरेबिलिटी में मुक्त।

डॉन होराइजन पर क्रिप्ट जब जेट सिंगापुर की ओर उतरा। सान्वी मुझमें नेस्टल्ड, चोकर उनके ग्रहण का बैज, बदन आफ्टरग्लो में चमकता। 'हम सुलह कर चुके,' वो फुसफुसाईं, मेरे चेस्ट को किस। विक्रम और प्रिया सहमत, लॉयल्टीज़ स्वॉर्न। लेकिन उनकी आँखों में दूर का आग—मुक्त महत्वाकांक्षाएँ हिलोर। 'ये तो बस शुरुआत है,' उन्होंने कहा, कॉर्पोरेट एम्पायर्स कंकर करने का इशारा, शायद लर्किंग राइवल्स। मैं सोच रहा था उनके सशक्त रास्ते पर क्या परछाइयाँ इंतज़ार। फुल सर्कल लूम्ड, उनका फ्यूचर बॉन्डलेस फिर भी फ्रॉट।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सान्वी का सशक्त ग्रहण क्या है?

ये एक हिंदी एरोटिक स्टोरी है जहाँ सान्वी कॉर्पोरेट धोखे का बदला डोमिनेंट ग्रुप सेक्स से लेती है। जेट पर डबल पेनेट्रेशन और ऑर्गेज़म्स भरे सीन हैं।

स्टोरी में सबसे हॉट सीन कौन सा?

डबल पेनेट्रेशन और मिशनरी चुदाई वाले सीन सबसे उत्तेजक हैं, जहाँ सान्वी सबको कमांड करती है और मल्टीपल बार झड़ती है।

ये स्टोरी किसके लिए?

20-30 साल के हिंदी बोलने वाले युवाओं के लिए, जो डोमिनेंट फीमेल लीड एरोटिका एंजॉय करते हैं। बिना सेंसरशिप की एक्सप्लिसिट चुदाई।

देखें53K
पसंद49K
शेयर18K
सान्वी की छायादार चढ़ाई: बेकाबू हवस

Saanvi Rao

मॉडल

इस श्रृंखला की अन्य कहानियाँ