दाओ का ब्लाइंडफोल्ड क्लाइंट सरेंडर
मखमली अंधेरे में, दाओ की इंद्रियां निषिद्ध समाधि को जागृत करती हैं।
डाओ की नशीली बेलें: छिपे समर्पण का नशा
एपिसोड 4
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शानदार टेस्टिंग सैलून क्रिस्टल झूमरों की नरम एम्बर रोशनी में चमक रहा था, उनके प्रिज्म पॉलिश्ड महोगनी टेबलों पर क्रिस्टल डेकैंटर्स और चमकते गिलासों पर नाजुक इंद्रधनुष बिखेर रहे थे। बैंकॉक के upscale इलाके के दिल में बसा ये छिपा हुआ रत्न दाओ मॉन्गकोल का साम्राज्य था, एक आश्रय जहां एलीट दुर्लभ वाइन का स्वाद चखने और फुसफुसाते राज उड़ाने आते थे। 25 साल की दाओ कमरे की आकर्षण को खुद में समेटे हुए थी—उसकी गर्म टैन स्किन उसके सिल्क चोंगसम के गहरे क्रिमसन के खिलाफ चमक रही थी, ऊंचा स्लिट उसके हर सुंदर कदम पर उसके पतले पैरों की झलक दिखा रहा था। उसके लंबे घुंघराले ब्रुनेट बाल पीठ पर ढीली, सपनीली लहरों में लहरा रहे थे, उसके अंडाकार चेहरे और गहरे भूरे आंखों को फ्रेम कर रहे थे जो किसी काव्यात्मक ख्याल में हमेशा खोई हुई लगती थीं। आज रात का वीआईपी क्लाइंट मार्कस हेल था, लंदन का एक चिकना आर्ट और वाइन कलेक्टर, उसके तेज नक्शे और टेलर्ड सूट से शांत कमांड झलक रही थी। वह वेलवेट आर्मचेयर में लेटा था, एक गिलास पुरानी बोर्डो घुमा रहा था, उसकी ग्रे आंखें दाओ पर टिकी हुईं जब वह दुर्लभ थाई राइस वाइन की बोतल लेकर आई। सजावटी स्क्रीन के पीछे छिपे छायाओं में अनदेखा विक्टर लैंग देख रहा था, उसका जबड़ा कड़ा। विक्टर, उसका पैशनेट लवर और सैलून में कभी-कभी सहयोगी, एक परिचित जलन महसूस कर रहा था। दाओ का सपनीला स्वभाव उसे अमर बनाता था, लेकिन ये मार्कस जैसे मर्दों को भी बहुत करीब खींच लाता था। दाओ ने नरम मुस्कान बिखेरी, उसकी आवाज मधुर लहर की तरह। "मिस्टर हेल, ये विंटेज इंद्रियों को जागृत करता है जैसे प्रेमी का पहला स्पर्श।" उसने डाला, उसकी उंगलियां उसकेसे दुर्फ्ती से छू गईं—या जानबूझकर? हवा में अनकही तनाव गूंज रही थी, पुराने ओक और जस्मीन अगरबत्ती की खुशबू माहौल...


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