जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना

तूफान भरी गली पोशन की जंगली आज्ञाकारी पुकार के आगे झुक जाती है

जूलिया की जादुई मखमली समर्पण की फुसफुसाहटें

एपिसोड 2

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बारिश पोर्टलैंड पर किसी प्राचीन देवता के प्रकोप की तरह बरस रही थी, आरामदेह कैफे के पीछे की गली को नीオン की परावर्तनों और धड़कते पानी की चिकनी, छायादार नदी में बदल दिया। मैंने अपनी डिलीवरी बाइक के हैंडलबार कसकर पकड़े, हड्डी तक भीग चुका, मेरी कठोर काया पतली जैकेट के नीचे कांप रही जो मेरे चौड़े कंधों से बेकार चिपकी हुई थी। पैकेज वाटरप्रूफ बैग में सुरक्षित, मैंने बैक डोर पर रुककर उस तूफान को कोसा जो रूटीन ड्रॉप-ऑफ को सर्वाइवल ट्रेक में बदल चुका था। तभी मैंने उसे देखा—जूलिया जानसेन, वो बैरिस्टा जिसकी हरी आंखों में वो विचित्र चमक थी, बाढ़ में कूद पड़ी जैसे वो अराजकता की मालकिन हो।

वो एक दर्शन थी, 24 साल की डच हसीना लंबे, हल्के लहरदार हल्के भूरे बालों वाली जो उसके गोरे चेहरे को जंगली घुंघरुओं से फ्रेम कर रही थी। 5'6" की स्लिम, उसके मीडियम स्तन भीगे सफेद ब्लाउज से दबे हुए जो नीचे के खजाने का इशारा दे रहे थे, उसका शरीर लचीला और मोहक भी बरसात में। उसके हाथ में चमकता फ्लास्क था, बारिश की गर्जना पर हल्का गुनगुनाते हुए—एक विचित्र, आकाशीय आवाज जो तूफान को चीरती सायरन की पुकार की तरह। 'जैक्स, सही न?' उसने पुकारा, उसकी आवाज हल्की और शरारती, उस मोहक लहजे से लिपटी। 'इस पागलपन से अंदर आ जाओ। मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ उबल रहा है।'

मैं हिचकिचाया, दाढ़ी वाले जबड़े पर पानी बहता हुआ, लेकिन उसकी मुस्कान ने मुझे खींच लिया। विचित्र, यहां के लोग उसे कहते थे, हमेशा कोई हर्बल मिश्रण या कहानी के साथ जो तुम्हें मंत्रमुग्ध कर दे। जैसे ही मैं करीब आया फ्लास्क की गुनगुनाहट तेज हुई, मेरे सीने में कंपन की तरह गर्मी का वादा। उसने गली का दरवाजा खोला, मुझे डंपस्टर्स और ईंट की दीवारों के बीच संकरी जगह में इशारा किया, उसकी गोरी त्वचा मद्धम इमरजेंसी लाइट के नीचे चमक रही। हवा में बारिश, कॉफी के मैदा और कुछ फूलों की महक, नशे वाली। मेरी नजरें उसकी वक्रताओं पर घूमीं, उसके स्लिम कूल्हों के झूलने पर, और मुझे एक आदिम खिंचाव महसूस हुआ—तूफान से भरी भूख जो उस गुनगुनाते फ्लास्क की जिज्ञासा से मिली। मुझे पता नहीं था, वो मुझे उसकी ओर खींच रहा था, हम दोनों में कुछ जंगली जगा रहा था।

जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना
जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना

मैं कैफे के ओवरहैंग के नीचे गली की मामूली आड़ में कदम रखा, लेकिन बारिश अभी भी साइड से कोड़े मार रही थी, सब कुछ चांदी की चादरों की धुंधला बना दिया। जूलिया करीब दब गई, उसकी शरीर की गर्मी ठंडक चीरती, वो फ्लास्क उसके नाजुक हाथ में ताबीज की तरह जकड़ा। 'तूफान ने आगे बिजली काट दी है,' उसने समझाया, हरी आंखें शरारत से चमकतीं। 'लेकिन यहां पीछे... ये थोड़े ब्रू के लिए परफेक्ट है।' उसकी आवाज मोहक थी, विचित्र, मुझे उसके संसार में गहरा खींचती। मैंने पैकेज सौंपे—कैफे के लिए ताजे मसाले और जड़ी-बूटियां—और उसने फूलदार साइन किया, उसके गोरे उंगलियां मेरी से रगड़ीं, सीधा मेरे कोर में झटका भेजा।

'वो फ्लास्क,' मैंने गुर्राया, चमकती चीज की ओर सिर हिलाते हुए, मेरी आवाज ठंड से खुरदरी। 'ये क्यों गुनगुना रहा है?' वो हंसी, हल्की, झंकार वाली जो मेरी नब्ज तेज कर दी। 'ये चुनता है, जैक्स। आज रात, इसने तुम्हें चुना। तूफान में कठोर डिलीवरी आदमी—अनघट।' उसने ढक्कन खोला, गुनगुनाहट तेज हुई, और चमकती तरल को अपने एप्रन पॉकेट से छोटे कप में उंडेला, बारिश के पानी से मिलाया। 'पी लो। ये अंदर से गर्म कर देगा।' मैंने शक से देखा, लेकिन उसके भीगे ब्लाउज का उसके स्लिम फ्रेम से चिपकना, उन मीडियम स्तनों को आउटलाइन करना, मुझे मानव बनाया। पोशन ने लिक्विड फायर की तरह मारा—मीठा, मसालेदार, हर नर्व जला दिया।

गर्मी मेरे सीने में फैली, नीचे की ओर, मेरे लंड को गीली जींस से सिहराने को मजबूर किया। जूलिया ने गौर से देखा, होंठ काटते हुए, उसकी विचित्र प्रकृति भूखी में बदल गई। 'महसूस हो रहा है?' वो फुसफुसाई, करीब आते हुए, उसके लंबे लहरदार बाल मेरे सीने पर टपकते। गली की दीवारें सिकुड़ गईं, ग्रैफिटी से खरोंची ईंटें बारिश से चिकनी, दूर का गड़गड़ाहट गुर्राहट की तरह। मैं उसकी महक ले सकता था—लैवेंडर और तूफान, उसकी गोरी त्वचा गुलाबी। मेरे हाथ खुजली कर रहे थे उसे पकड़ने को, इस मोहक प्राणी को हावी होने को जिसने जादू और बारिश से मुझे ललचाया। 'हां,' मैंने खुरदुरी आवाज में कहा, आवाज नीची। 'लग रहा है जैसे मैं अभी यहां तुम्हें चोद दूं।' उसकी आंखें फैलीं, लेकिन वो पीछे नहीं हटी; बल्कि झुक गई, सांसें मिलतीं। तनाव बिजली से गाढ़ा फटता, उसकी आज्ञाकारी विचित्रता झांकती जब उसने सिर झुकाया, गर्दन पेश की। अपराधबोध उसकी नजर में चमका—शायद कैफे मालिक, या कुछ गहरा—लेकिन पोशन ने डुबो दिया, हमें कगार पर खींचा।

जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना
जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना

हम संकरी जगह में एक-दूसरे का चक्कर लगाते, पैरों तले बारिश जमा, उसका स्कर्ट थोड़ा ऊपर सरकता जैसे वो हिली। मैं उसके स्लिम 5'6" फ्रेम पर ऊंचा खड़ा, मेरी कठोर काया उसे नाजुक, टूटने लायक बना रही। 'तुम मुसीबत हो, जूलिया,' मैंने बुदबुदाया, अपनी खुरदुरी उंगली उसके बाजू पर फेरते। वो सिहरी, ठंड से नहीं, हरी आंखें मेरी पर लॉक। 'शायद मैं मुसीबत बनना चाहती हूं।' फ्लास्क की गुनगुनाहट मेरे कानों में गूंजी, आग भड़काई, हमारे अंदर तूफान बनाया।

पोशन मेरे अंदर उफान पर, बारिश की ठंडक को पिघले जरूरत में बदल दिया। मैंने जूलिया की कमर पकड़ी, उसे अपने सख्त शरीर से चिपका लिया, उसकी सांस तूफान में खोई फुसफुसाहट। उसकी गोरी त्वचा मेरे खुरदुरे हाथों तले ठंडी थी, लेकिन तेज गर्म हो रही जैसे मैंने उसके भीगे ब्लाउज को चीर दिया, बटन बंदूकों की गोली की तरह उछले। उसके मीडियम स्तन बाहर गिरे, निप्पल्स तुरंत बारिशी हवा में सख्त, परफेक्ट गुलाबी चोटियां ध्यान मांगतीं। अब ऊपर से नंगी, वो मेरी ओर धनुष बनी, सिर्फ चिपका स्कर्ट और पैंटी बची, गीले कपड़े से लेस झांकती।

'जैक्स...' वो नरमी से कराही, उसकी विचित्र आवाज इच्छा से भारी। मैंने उसके स्तन थामे, अंगूठे उन सख्त निप्पल्स का चक्कर लगाया, मेरे स्पर्श तले उन्हें कठोर होते महसूस किया। वो कांपी, हरी आंखें आधी बंद, लंबे लहरदार बाल कंधों से चिपके। गली की छायाएं बिजली की चमकों से नाचतीं, उसके स्लिम वक्रों को हाइलाइट। मैंने जोर से चूसा, तेज सांस निकाली, उसका शरीर आज्ञाकारी झुक गया जैसे पोशन ने उसके अंदर आदिम जगा दिया। मेरा मुंह नीचे उतरा, एक निप्पल पकड़ा, जोर से चूसा जबकि बारिश हमारे बीच टपकती। वो मेरे सिर को जकड़ ली, उंगलियां मेरे गीले बालों में उलझीं, उसके कराहे बढ़े—नरम 'आह्स' जरूरी सिसकियों में।

जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना
जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना

मैंने उसके खिलाफ रगड़ा, मेरा लंड जींस से उसके जांघ पर दबा, घर्षण बिजली जैसा। उसके हाथ मेरे सीने पर घूमे, नाखून खरोंचे, लेकिन मैंने हावी होकर उसके कलाईयां एक हाथ से सिर के ऊपर ईंट की दीवार से चिपका दीं। 'तुमने ये मेरे लिए बनाया था ताकि मैं तुम्हें लूं, न?' मैंने गुर्राया, स्वतंत्र हाथ उसके स्कर्ट के नीचे सरकाया, उंगलियां पैंटी के किनारे चेड़ीं। वो पैर पटकती सिर हिलाई, कूल्हे उछले। 'हां... प्लीज...' फोरप्ले लंबा खिंचा, मेरा मुंह स्तनों पर बारी-बारी, हल्का काटा, उसका शरीर मरोड़ता। तनाव कसा, उसकी सांसें उखड़ीं, पोशन ने हर स्पर्श को फोड़ दिया।

उसका पहला चरम इस चेड़ने में आया—मेरी उंगलियां पैंटी के अंदर सरकीं, उसके चिकने फोल्ड्स को सहलाया जबकि निप्पल चूस रहा था। वो चीखी, लंबी, गले से कराह, शरीर दीवार से सिहरता, रस मेरे हाथ को लथपथ। मैं रुका नहीं, लंबा खींचा, उसकी आज्ञाकारी विचित्रता पूरी खिली जैसे वो असंगत गिड़गिड़ाई।

पोशन की आग और मांग रही। मैंने जूलिया को खुरदुरे से घुमाया, उसका स्लिम शरीर आज्ञाकारी, उसके हाथ चिकनी ईंट की दीवार पर दबाए। बारिश हम पर उंडेली जैसे मैंने स्कर्ट ऊपर किया, पैंटी को चीर दिया। उसकी गांड, उसके स्लिम फ्रेम पर परफेक्ट गोल, तूफानी रोशनी में चमकती, मांगती। पीछे से, पीओवी उस फोकस पर लॉक, मैंने अपना मोटा लंड आजाद किया—पोशन से सूजा, नसों वाला धड़कता—और एक क्रूर धक्के में उसकी टाइट चूत में घुसेड़ दिया। वो जोर से कराही, गहरी, गले से 'ओह भगवान, जैक्स!', उसकी दीवारें मुझे चिमटे चूतड़ की तरह।

जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना
जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना

गली में डॉगीस्टाइल, मैंने उसके कूल्हे पकड़े, बेरहम धड़कता। हर धक्का गीली त्वचा को तड़काता, उसकी गांड प्रभाव से हिलती, गोरी चूतड़ मेरी हथेलियों तले लाल। वो आज्ञाकारी पीछे धकेलती, विचित्र प्रकृति कच्ची जरूरत में टूट गई, लंबे बाल सिर झटकते। 'जोर से... मुझे हावी हो जाओ,' वो हांफी, आवाज कराहों में टूटती—ऊंची सिसकियां मेरी गुर्राहटों से मिलीं। फ्लास्क की गुनगुनाहट हमारी लय से ताल मिलाती, मेरी खुरदुरापन भड़काती; मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारा, निशान छोड़े, उसके चीखें उन्मादपूर्ण चीखों में तेज। सुख तीव्र बना, उसकी चूत फड़फड़ाई, मुझे दूधती जैसे मैं गहरा भेड़ा, उसके कोर को मारा।

पोजीशन थोड़ी शिफ्ट—मैंने उसके बाल खींचे, पीठ और मोड़ी, उसके उछलते मीडियम स्तनों को बारिश को उजागर। संवेदनाएं हावी: उसकी गर्मी मुझे जकड़ी, बारिश मेरी जलती त्वचा को ठंडा, गड़गड़ाहट हमारी कराहों की सिम्फनी को छिपाती। अंदर की आग भड़की; ये मोहक लड़की, मेरी जीत के लिए ब्रू, उसकी आज्ञाकारी तरफ पूरी जागी। वो पहले आई, हिंसक, दीवारें ऐंठीं, गले से विलाप—'मैं झड़ रही हूं! चोद!'—शरीर कांपता, रस जांघों पर छूटा। मैं न रुका, इसके बीच धक्का मारा, अपना चरम तूफान की तरह बना।

पसीना और बारिश मिले, उसकी हरी आंखें कंधे पर पीछे झांकतीं, पोशन-लस्ट और उभरते अपराध से भरीं। मैं गरजा, गहरा दफनाया, गर्म वीर्य से भर दिया, धड़कनें छूटतीं जैसे वो हर बूंद दूधती। हम दीवार से ढहे, हांफते, उसका शरीर मेरी बाहों में लटक। लेकिन रात खत्म न हुई; पोशन अभी गुनगुना रहा।

जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना
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हम गली की दीवार से सटे ढहे, बारिश झिरझिर में बदली, हमारी सांसें बाद में ताल मिलीं। जूलिया मेरी बाहों में मुड़ी, उसकी गोरी त्वचा चमकती, हरी आंखें अप्रत्याशित कोमलता से नरम। 'वो... जादुई था,' वो फुसफुसाई, मेरे जबड़े पर उंगली फेरते, उसकी विचित्र मुस्कान लौटी कमजोरी से लिपटी। मैंने उसे करीब खींचा, कठोर काया उसके स्लिम को लपेटा, उसके माथे को नरमी से चूमा—पहले के हावीपन से विपरीत।

'पोशन,' मैंने बुदबुदाया, उसके गीले बाल सहलाते। 'इसने मुझे तुम्हें हथियाना चाहा।' वो सिर हिलाई, मेरे सीने में घुसी। 'इसने तुम्हारे लिए गुनगुनाया, जैक्स। मेरे अंदर कुछ जगा... आज्ञाकारी, जंगली।' हम नरमी से बातें कीं, कहानियां शेयर—मेरी अनंत डिलीवरी, उसके कैफे सपने हर्बल रहस्यवाद से भरे। तूफान की खामोशी में भावनात्मक जुड़ाव खिला, उसका अपराध झलकता लेकिन हमारी साझा गर्मी से रोका। 'पछताना मत,' मैंने कहा, उसके चेहरे को थामा। वो हल्की मुस्कुराई, लेकिन छायाएं लटकीं।

पोशन फिर भड़का, हमें खींचा। मैंने जूलिया को आसानी से उठाया, उसके पैर मेरी कमर लपेते, आश्रय वाली क्रेट स्टैक पर ले गया। उसे पीठ के बल लिटाया, पैर चौड़े फैलाए, वो ऊपर मोहक नजर से देखा, हल्की मुस्कान और वादा। मेरा मोटा लंड, अभी सख्त, पूरी गहराई में धक्का—पूर्ण बाहर और पिस्टन स्पीड पर—दृश्य धक्के उसके कूल्हों को हिलाते, मीडियम स्तन हर हिंसक गोता से जंगली उछलते। वो लगातार कराही, सांस वाली 'हां' और हांफें, गहरे सुख में डूबी।

जूलिया की बारिश भिगी डिलीवरी उत्तेजना
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सिनेमैटिक आर्क हमारे चारों ओर घूमी, मेरे दिमाग में कैमरा जैसी, बारिशी रोशनी अंतरंगता बढ़ाती। उसकी चूत मेरे चारों ओर फैली, चिकनी और जकड़ती, गोरी त्वचा लाल हो जाती जैसे मैंने बेरहम चोदा। पोजीशन मिशनरी लेकिन डायनामिक बनी—अब उसके पैर कंधों पर, गहरे एंगल उसके जी-स्पॉट को मारते, स्तन हांफते। 'जैक्स! इतना गहरा!' वो चीखी, मोहक देखती, शरीर आगे उछलता। सुख चरम पर; वो जोर से झड़ी, दीवारें ऐंठीं, कराहों की सिम्फनी—लंबे, सिहरते विलाप।

मैं शिफ्ट हुआ, धीमा ग्राइंड किया, फिर तेज, उसके नाखून मेरी पीठ खरोंचे। भावनात्मक निकटता चरम पर—आंखें लॉक, पोशन हमें बुनता। उसकी आज्ञाकारी विचित्रता चमकी, गिड़गिड़ाई 'फिर अंदर झड़ जाओ।' गड़गड़ाहट गूंजी जैसे मैं फटा, उसे फिर भरा, शरीर साझा उन्माद में लॉक। लहरें टकराईं, उसके चरम लड़ीं, जब तक हम रुके, थके।

बाद की चमक हमें लपेटी जैसे बारिश नरमी से टपकती। जूलिया कांपते कपड़े पहनी, अपराध उसके चेहरे पर—'मैंने क्या किया?' वो फुसफुसाई, पोशन का धुंध छंटा। मैंने उसे थामा, लेकिन वो नरमी से खींची। 'शानदार, जैक्स... लेकिन मैं नहीं कर सकती।' जैसे ही मैंने बाइक पकड़ी, छायाओं से फिगर उभरा: लिला, कैफे सहकर्मी, आंखें गर्म, मांगती, 'जूलिया, उस ब्रू की गुनगुनाहट—मुझे स्वाद चाहिए।' जूलिया जम गई, सस्पेंस गाढ़ा—अगला तूफान उबल रहा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कहानी में पोशन का क्या असर है?

पोशन जैक्स के लंड को सख्त और जूलिया को आज्ञाकारी बनाता है, तूफान में जंगली चुदाई करवाता है।

जूलिया की चुदाई किस पोजीशन में ज्यादा उत्तेजक है?

डॉगीस्टाइल में गांड थप्पड़ और मिशनरी में गहरा धक्का सबसे ज्यादा सुख देते हैं।

कहानी का अंत कैसा है?

चुदाई के बाद लिला आती है पोशन का स्वाद मांगने, अगली चुदाई का सस्पेंस छोड़ती है। ]

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जूलिया की जादुई मखमली समर्पण की फुसफुसाहटें

Julia Jansen

मॉडल

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