अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की

हेयलॉफ्ट की खामोशी में, उसकी लगाम ने मुझे बेलगाम वासना में खींच लिया।

अलेक्जेंड्रा की गरजती लगामें: जंगली समर्पण

एपिसोड 1

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अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की
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भोर की पहली किरण हेयलॉफ्ट में घुस आई, अलेक्जेंड्रा के राख-भूरे बालों को ठंडे हेलो की तरह चमका रही थी। उसके बर्फ-नीले आँखें मेरी आँखों से मिलीं, बिना बोले के आदेश से तेज़, जब वो अपने राइडिंग ब्रेeches से घास झाड़ रही थी। उस नज़र में कुछ जंगली सा हिल रहा था—बुरे सपनों से जन्मी भूख, जो आज़ाद होने को बेताब। मैंने महसूस किया तब, उसकी शालीनता का खिंचाव शिकारी बनता हुआ, वादा करता एक सवारी का जो हम दोनों को हाँफने पर मजबूर कर देगी।

मैं इस दूरस्थ ग्रामीण स्टेबल में नया ग्रूम बना था सिर्फ एक हफ्ते से, लेकिन अलेक्जेंड्रा पेत्रोव ने खुद को मेरी हर जागती सोच में उकेर लिया था। वो भोर के ठीक बाद पहुँची, उसकी चिकनी काली Mercedes मॉस्को से लंबी ड्राइव पर बजरी उड़ाती हुई। उसका चेहरा पीला था, वे बर्फ-नीले आँखें जो भी भूत साथ लाई थीं उसके साये में। बुरे सपने, वो बुदबुदाई जब मैंने पूछा कि ठीक हो ना, हादसे के जीवंत सपने जो उसकी जान लेने वाले थे इक्वेस्ट्रियन सर्किट पर। ऊँचे दाँव के जंप पर उसके घोड़े से गिरना, हड्डियाँ कठोर ज़मीन से टकरातीं। उसने वो शालीन ठाठ से झटक दिया, लेकिन मैंने देखा उसके लंबी उँगलियों में काँपना जब वो अपने घोड़े के मुँह को सहला रही थी।

अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की
अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की

हम सुबह की सवारी के लिए चुपचाप सैडल बाँधे, हवा ओस से भीगी घास के मैदानों की खुशबू से ठंडी। अलेक्जेंड्रा फिटेड काले ब्रेeches और क्रिस्प सफेद ब्लाउज़ में शालीनता की मूर्ति थी, उसके बहुत लंबे राख-भूरे बाल सख्त पोनीटेल में बँधे जो हर कदम पर लोलारहित क pendulum की तरह झूलते। 5'9" की ऊँचाई पर वो ज्यादातर औरतों पर भारी पड़ती, उसकी लंबी पतली काया ड्रेसेज चैंपियन की कृपा से चलती। मैं पैदल उसके पीछे, उसके स्टालियन को लीड करता, उसकी नज़र मेरी पीठ पर कोड़े की तरह। 'तेज़, इवान,' वो ट्रेनिंग सेशन में आदेश देती, आवाज़ ठंडी और अधिकारपूर्ण जब वो घोड़े को पेडॉक में paces करा रही। वो बिना मेहनत डोमिनेंस दिखाती, मेरी हर छोटी गलती सुधारती—लगाम ढीली, girth सही से टाइट नहीं। उसके सुधार तेज़ थे, लेकिन उनके नीचे कुछ कच्चा सा उबल रहा, एक तनाव जो मेरी नब्ज़ तेज़ कर देता। जब हम स्टेबल लौटे, उसके फेयर पीले चमड़ी पर पसीना चमकता, हमारी हवा में करंट दौड़ रहा। वो फ्लूइड ताकत से उतरी, मुझे लगाम थमा दी। 'हेयलॉफ्ट,' वो सीधे बोली, आँखें मेरी में जकड़ लीं। 'अभी।' मेरा दिल धकधका उठा जब मैं सीढ़ी चढ़ा उसके पीछे, भोर की रोशनी लकड़ी की स्लैट्स के दरारों से छनती, घास के गठ्ठर हमारे चारों तरफ प्राचीन वेदियाँ जैसे ढेर।

हेयलॉफ्ट सूरज से गर्म हुई भूसी और मिट्टी की प्राइमल खुशबू से महक रही, जो उसके आँखों में जलती आग से मैच कर रही। अलेक्जेंड्रा मुझसे मुड़ी, उसकी छाती सवारी की थकान से ऊपर-नीचे। बिना बोले, उसने ब्लाउज़ के बटन खोले, कंधों से सरकाकर पैरों पर जमा दिया। अब ऊपर से नंगी, उसकी फेयर पीली चमड़ी नरम भोर की रोशनी में चमक रही, उसकी 32B चूचियाँ परफेक्ट शेप की, निप्पल ठंडी हवा या हमारी नज़दीकी की गर्मी से सख्त चोटियाँ बनते। वो लंबी और पतली, उसके शरीर की हर लाइन अनुशासित खूबसूरती का प्रमाण, संकरी कमर बस इतनी फैलती कि छूने को बुलाए।

अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की
अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की

मैं जम गया, साँस अटक गई जब वो करीब आई, उसके बहुत लंबे सीधे राख-भूरे बाल पोनीटेल से ढीले होकर उसके चेहरे को रेशमी घूँघट की तरह फ्रेम। 'तुम मुझे देख रहे हो इवान,' वो बुदबुदाई, बर्फ-नीले आँखें मेरी छेदतीं, आवाज़ उस रहस्यमयी शालीनता से लिपटी अब भूख की धार लिए। उसके उँगलियाँ मेरे जबड़े की लाइन ट्रेस कीं, फिर छाती पर नीचे, जानबूझकर धीमे मेरी बेल्ट खोली। बुरे सपनों ने उसे हिला दिया था, वो फुसफुसाई, कंट्रोल की चाह छोड़ गए, दिमाग के अराजकता में कुछ ठोस पकड़ने को। मैंने उसे अपनी बाँहों में खींचा, उसके नंगी चूचियों का दबाव मेरी शर्ट पर, उसकी चमड़ी की गर्मी रिसती। मेरे हाथ उसकी पीठ पर घूमे, कूल्हों की वक्रता पर उतरे जो अभी भी टाइट ब्रेeches में लिपटी। वो मेरे स्पर्श में तन गई, होंठों से नरम हाँफ निकली जब मैंने उसकी चूचियाँ थाम लीं, अँगूठे सख्त निप्पलों के चारों तरफ घुमाए। उसका शरीर काँप उठा, दुबली मसलें मेरे हथेलियों तले तनीं। हम चूमे तब, उग्र और मांगते, उसकी जीभ मेरी दावा करती जब वो मुझसे रगड़ रही, घर्षण से स्वादिष्ट दर्द बनता। घास हमारी चमड़ी चुभती जब हम गठ्ठर पर गिरे, उसके पैर थोड़े फैले, और बुलावा।

उसने मुझे गठ्ठर पर पीछे धकेला, उसका डोमिनेंस अटल जब उसने हमारे बीच आखिरी रुकावटें उतार फेंकीं। उसके ब्रेeches ब्लाउज़ के ढेर में शामिल, लेस पैंटी को कलाई की झटके से फेंक दिया। अब पूरी नंगी, उसकी लंबी पतली काया मुझ पर मंडराती, फेयर पीली चमड़ी वासना से लाल, बर्फ-नीले आँखें जलतीं। मैंने जल्दी कपड़े उतारे, मेरी उत्तेजना साफ, इस शालीन रहस्य के लिए धड़कती। अलेक्जेंड्रा ने मेरी कूल्हों पर सवार होने को शिफ्ट किया, मुझे पूरी तरह पीठ के बल लिटाया जब वो नरम घास पर नीचे लेटी, उसके लंबे पैर चौड़े फैलाकर बुलावा।

अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की
अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की

मैंने उसके जांघों के बीच जगह ली, उसके कोर की गर्मी मुझे चुंबक की तरह खींचती। हमारी आँखें जकीं, उसकी शालीन रहस्यमयता फटकर कच्ची भूख दिखाई—बुरे सपनों ने उसे कमजोर किया था, लेकिन यहाँ, इस हेयलॉफ्ट में, वो सनसनी को समर्पण करके ताकत वापस ले रही। मैं धीमे उसके अंदर घुसा, इंच-दर-इंच, उसकी टाइट गर्मी मुझे लपेटती, मखमली दीवारें शानदार दबाव से सिकुड़तीं। वो हाँफी, उसके बहुत लंबे राख-भूरे बाल घास पर हेलो की तरह फैले, नाखून मेरे कंधों में धंसते। लय धीरे बनी, मेरे धक्के गहरे और नापे, हर एक से कराह गूँजती लॉफ्ट में। उसकी 32B चूचियाँ हमारी गति से उछलतीं, निप्पल चोटी बने ध्यान मांगते; मैं झुका एक को मुँह में लिया, धीमे चूसा जब वो नीचे तनी, उसका शरीर परफेक्ट ताल में लहराता।

पसीना हमारी चमड़ी चिकना कर गया, घास की खुशबू उसके मस्क और हल्के परफ्यूम से मिली। 'तेज़ इवान,' वो आदेश देती, आवाज़ भारी, पैर मेरी कमर पर लिपटे मुझे गहरा खींचते। मैंने मान लिया, गति तेज़, मांस के टकराव की थप्पड़ उसकी चीखों को काटते। उसके अंदर की मसलें फड़फड़ाईं, सख्त हुईं जैसे चरम नज़दीक; मैंने महसूस किया उसके साँस अटकने से, बर्फ-नीले आँखें सुख से धुंधली। जब वो टूटी, तो चीख से जो मुझमें कंपकंपी लाई, उसका शरीर ऐंठा, मुझे अपनी चरम की ओर दूहता। मैं रुका, उसका सुख लंबा खींचा, उसके भंवर में खोया, उसके भरोसे का भावनात्मक बाढ़ मुझ पर लहरों की तरह।

अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की
अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की

हम घास में उलझे लेटे, साँसें मिलतीं आफ्टरग्लो में, उसका सिर मेरी छाती पर जब भोर की रोशनी स्लैट्स से मज़बूत हुई। अलेक्जेंड्रा की फेयर पीली चमड़ी पर भूसे से हल्की लाल लकीरें, उसके निप्पल अभी भी सख्त मुझसे सटे, शरीर ढीला लेकिन बाकी सुख से गुनगुनाता। वो मेरी बाँह पर आलसी पैटर्न बनाती, उसके बहुत लंबे सीधे राख-भूरे बाल हम दोनों पर रेशमी नदी की तरह बहते। पहली बार, कमजोरी ने उसकी शालीन मास्क को नरम किया; वो बुरे सपनों की फुसफुसाहट में बोली—टायरों की चीख, घोड़े की घबराई हिनहिनाहट, हड्डी-झकझोर देने वाला धक्का जो उसकी नींद सताता।

'मुझे इसकी ज़रूरत थी,' वो मानती, बर्फ-नीले आँखें मेरी उठाती, दुर्लभ कोमलता वहाँ। 'ज़िंदा महसूस करने को, कंट्रोल में।' मैंने उसके माथे को चूमा, हाथ संकरी कमर सहलाते, कूल्हों की वक्रता पर जहाँ उसकी लेस पैंटी पास फेंकी पड़ी। वो हिली, मुझे करीब खींचा, उसकी ऊपर से नंगी काया फिर मुझसे सटी। हँसी अचानक उफनी जब एक भूसा उसके साइड को चुभा, तीव्रता को इंसानी गर्मी से तोड़ा। 'तुम बाकियों जैसे नहीं हो,' वो बोली, उँगलियाँ मेरे बालों में। 'तुम सुनते हो।' पल खिंचा, कोमल और अंतरंग, उसकी लंबी पतली काया मेरी में लिपटी। लेकिन भूख फिर झलकी उसकी नज़र में, चिंगारी फिर सुलगती जब वो मेरे कान की लटक नोची, और की वादे फुसफुसाते। हवा फिर गाढ़ी, उसका हाथ नीचे सरकता, पुनर्जीवन की धार चेड़ता।

अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की
अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की

उसके शब्दों से हौसला पा, अलेक्जेंड्रा मुझ पर उठी, उसकी रहस्यमयी शालीनता अब पूरी तरह शिकारी कृपा में खोली। उसने मुझे घास में पीठ के बल चपटा किया, मेरी कूल्हों पर आत्मविश्वास से सवार, उसकी लंबी पतली काया चढ़ते सूरज के खिलाफ सिल्हूट। उसकी फेयर पीली चमड़ी पसीने की चमक से जगमगाती, बर्फ-नीले आँखें नई वासना से काली। मुझे फिर उसके अंदर गाइड किया, धीमे उतरी, चिकनी गर्मी में लपेटा, उसका टाइट कोर ऐसी चिमटा पकड़ में जो सुख के लिए बनी।

वो मुझे ड्रेसेज प्रिसिजन से सवार हुई—उठना-उतरना परफेक्ट कैंटर की तरह लय बनाती, उसके बहुत लंबे राख-भूरे बाल हर गति से झूलते, मेरी छाती पर रेशम की फुसफुसाहट। उसकी 32B चूचियाँ लुभावनी उछलतीं, निप्पल तने; मैंने ऊपर पहुँचकर मसला, हल्का चिमटा खींचा उसके खुले होंठों से हाँफ। 'हाँ, वैसा ही,' वो कराही, हाथ मेरी छाती पर सहारे, संकरी कमर मरोड़ती जब वो नीचे पीसती, कूल्हे घुमाकर ऐसी गहराई मारी जो मेरी आँखों के पीछे तारे फोड़ दे। हेयलॉफ्ट हमारी सिम्फनी से भर गया—उसकी साँसदार चीखें, मिलन की गीली आवाज़ें, नीचे गठ्ठरों की चरचराहट। ताकत हल्के शिफ्ट हुई; वो लीड कर रही थी लेकिन उसका शरीर बढ़ते बेतहाशा का राज़ खोल रहा, मसलें काँपतीं जब सुख कंट्रोल हड़प ले।

अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की
अलेक्जेंड्रा की भोर की लगाम जागृत भूख की

मैंने ऊपर धक्का देकर मिला, हाथ उसके कूल्हों पर जकड़े, उसके शालीन शरीर की लाइनों का तनाव रिलीज़ की ओर महसूस। उसकी गति फ्रेंज़ी में लड़खड़ाई, अंदर की दीवारें जंगली धड़कन, और जब वो आई तो भूकंप जैसा—सिर पीछे झुकाया, गले से चीख जब वो मुझ पर ऐंठी, अपना सार मुझे डुबोया। वो नज़ारा, वो एहसास उसके बिखरने का मुझे पार धकेला; मैं गहरा उछला, उसके अंदर उंडेला कराह से जो मेरी हड्डियाँ हिला गई। हम साथ ढहे, उसका वज़न स्वागत योग्य लंगर, उसके समर्पण की भावनात्मक गहराई हमें किसी बुरे सपने से ज़्यादा बाँध।

जब हमारी नब्ज़ें धीमी हुईं, अलेक्जेंड्रा ने खुद को अलग किया, अपनी जन्मजात शालीनता से कपड़े इकट्ठे। वो सफेद ब्लाउज़ और काले ब्रेeches में लौटी, बटन बंद करते हुए जैसे जंगलीपन को सील। उसके राख-भूरे बालों में घास चिपकी, जो उसने ढीली लहरों में झटका, बर्फ-नीले आँखें मेरी संतुष्ट चमक से मिलीं। हम चुपचाप कपड़े पहने, हेयलॉफ्ट अब पूर्ण सुबह की रोशनी में नहाया, किरणें बीमों से छनतीं।

वो एक पोस्ट से टिकी, बाहें अपनी मामूली चूचियों के नीचे क्रॉस, लंबी काया शांत ताकत बिखेरती। 'वो... ज़रूरी था,' वो बोली, होंठों पर आधी मुस्कान। कृतज्ञता ने उसकी आवाज़ नरम की, उसके रहस्य से मिली। मैंने उसे आखिरी आलिंगन में खींचा, कपड़े पहने शरीर शीलपूर्वक सटे, बाकी गर्मी चखते। लेकिन जब हम सीढ़ी उतरे, उसका हाथ मेरे में, इवान—मैं खुद—ने खबर फुसफुसाई जो साया डाला: 'डिमित्री वोल्कोव नेशनल ड्रेसेज ट्रायल्स में एंटर हो गया। वो तेरी टाइटल के लिए आ रहा।' जलन अनचाही मेरे पेट में हिली, उसके उस प्रतिद्वंद्वी चैंपियन के साथ विज़न बिना बुलाए। उसकी पकड़ कसी, आँखें सिकुड़ीं—क्या ये पुरानी आगें जगा देगा, या नई जंगें गढ़ेगा?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलेक्जेंड्रा की भूख कैसे जागृत हुई?

हादसे के बुरे सपनों से ट्रॉमा में groom इवान के साथ हेयलॉफ्ट चुदाई से उसकी जंगली वासना जागी।

कहानी में सबसे हॉट सीन कौन सा?

अलेक्जेंड्रा की ड्रेसेज प्रिसिजन वाली राइड, जहाँ वो ऊपर सवार होकर टाइट पकड़ में चरम तक ले जाती।

ये स्टोरी किसको पढ़नी चाहिए?

20-30 के युवाओं को जो घुड़सवार美女 वाली explicit हिंदी एरोटिका पसंद करते हैं।

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Alexandra Petrov

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