सोफिया के टूटे प्रतिबिंब उजागर
आईनों के टूटने में मासूमियत जंगली वासना में भड़क उठती है।
सोफिया की स्टील की आगोश जगा देती छिपी ज्वालाएँ
एपिसोड 5
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मेरे अपार्टमेंट की पतली दीवार से आ रही कराहें ऐसी नहीं थीं जो अनदेखी कर दो। नरम, सांस भरी, कुछ कच्ची चीज से लिपटी—दर्द या सुख, पता न चला। सोफिया, मेरी प्यारी पड़ोसी पेस्टल पर्पल की लहरों और उन चुभते नीले आंखों वाली, पूरे हफ्ते से बिखर रही थी। जब उसका दरवाजा खुला, आंसू भरी गालें और सांत्वना की गुजारिश दिखी, तो मैं अंदर कदम रखा। जो सांत्वना से शुरू हुआ वो कुछ primal में मुड़ गया, उसकी शरारती आग ने हमें दोनों को निगल लिया टूटे प्रतिबिंबों के बीच। मैंने हमेशा सोफिया डेविस को नोटिस किया था, पड़ोस की वो लड़की जिसके ethereal पेस्टल पर्पल बाल रोशनी को पकड़ते जैसे गर्मी का सपना। इक्कीस साल की, वो खुद को एक मासूम मिठास से ढोती, हंसी में शरारती लय जो पूरे बिल्डिंग को चमका देती। लेकिन हाल में, उसकी नीली आंखों में छायाएं घुस आईं—नीली गहराइयां चिंता से तूफानी। उसका एक्स उसे तंग कर रहा था, वॉयसमेल्स पर धमकियां कि पुरानी प्राइवेट फोटोज उजागर करेगा। मैंने वो सब की गूंज साफ सुनी हमारी साझा दीवार से उस रात। ये उन कराहों से शुरू हुआ। उत्साही वाली नहीं, बल्कि टूटी हुईं, जैसे दर्द से गुजर रही हो, आईनों के सामने लाइन्स या पोज प्रैक्टिस कर रही हो। पड़ोसियों में उसका होम प्रैक्टिस स्पेस मशहूर था—बेडरूम की एक दीवार पर फुल-लेंथ आईने, उसके मॉडलिंग गिग्स के लिए परफेक्ट। मैं किचन में रुका, कॉफी मग होंठों तक आधा, दिल तेज हो गया जब आवाजें ज्यादा जिद्दी हुईं। क्या वो घायल है? उस हरामी के शब्दों के साथ अकेली? मैं बस सुन नहीं सकता था। उसके दरवाजे पर जोर से दस्तक दी, पुकारा, 'सोफिया? पड़ोस का रायन हूँ। अंदर सब ठीक?' कराहें अचानक रुक गईं, फिर शफलिंग कदम। दरवाजा खुला, और वो थी—छोटा कद पतली सिल्क रोब में लिपटा, फेयर स्किन फ्लश्ड, मीडियम वेव्स...


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