सारा का टर्बुलेंस में केबिन जागरण
टर्बुलेंस ३०,००० फीट ऊपर निषिद्ध चाहतों को आजाद कर देता है
सारा का आसमान में निषिद्ध आग को समर्पण
एपिसोड 1
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मैं न्यूयॉर्क से पेरिस जाने वाली रेड-आई फ्लाइट में अपनी विंडो सीट पर बैठ गया, केबिन की लाइटें धीमी पड़ गईं, पैसेंजर्स की कतारों पर ब्लैंकेट्स लपेटे नरम, अंतरंग चमक बिखर रही थी। इंजनों की गुनगुनाहट लगातार लोरी सी थी, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। तभी मैंने उसे नोटिस किया—सारा डेविड, जो आइल के पार १२बी में बैठी थी। वो सहज शालीनता की मूरत थी, २५ साल की फ्रेंच औरत लंबे सीधे काले बाल जो रेशमी सिल्क की तरह उसके गोरे रंग पर लहरा रहे थे। हल्की रोशनी में भी उसके हरे आँखें आत्मविश्वास भरी गर्माहट से चमक रही थीं, अंडाकार चेहरा उस पतली ५'६" काया से घिरा जो शालीनता और नजाकत चिल्ला रही थी। मीडियम बूब्स, पतला बदन—उसके बारे में सब कुछ मोहक था, जैसे वो हाई-फैशन ऐड में होनी चाहिए, इकोनॉमी में ठूंसकर नहीं। उसने मुझे घूरते पकड़ लिया और मुस्कुराई, उसके होंठों की वो गर्म मुस्कान ने मेरी नसें तुरंत शांत कर दीं। 'पहली बार नाइट फ्लाइट?' उसने नरम फ्रेंच लहजे में पूछा, उसकी आवाज़ मधुर फुसफुसाहट जो ड्रोन को चीर रही थी। मैंने सिर हिलाया, ऊँचाई और टर्बुलेंस से अपनी नफरत कबूल की। मुझे क्या पता था, असली तूफान बाहर और मेरे अंदर गरज रहा था। जैसे ही प्लेन टैक्सी करने लगा, मुझे पेट में वो जाना-पहचाना गाँठ महसूस हुई, लेकिन उसकी मौजूदगी ने उसे ढीला कर दिया। वो आत्मविश्वासी थी, गर्म, अपनी टाइट जींस में टाँगें क्रॉस करके जो उसके पतले कूल्हों को चिपकाए हुए थीं, उसकी सादा सफेद ब्लाउज नीचे की वक्रताओं का इशारा दे रही थी। कई घंटे बाद कैप्टन की आवाज़ क्रैकल हुई: 'लोगों, आगे थोड़ी हलचल है।' प्लेन झटका, मेरा दिल धड़का। सारा का हाथ मेरे हाथ से सट गया संयोग से—या जानबूझकर?—जब वो खुद को संभाल रही थी। बिजली सी दौड़ गई। उसका स्पर्श एक सेकंड ज़्यादा रुका, उसके...


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