वारिस के साथ कैरोलिना का निषिद्ध आकर्षण
बागों में नाराजगी से प्रतिद्वंद्वियों के बीच कच्चा, असुरक्षित ज्वाला भड़क उठा।
कारोलिना का शांत पर्दा भूखी भूख में फट गया
एपिसोड 3
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मैं वॉस फैमिली विला के छायादार बागों में खड़ा था, हवा जस्मीन और नाइट-ब्लूमिंग सिरियस की खुशबू से गाढ़ी थी। चांदनी ट्रेलिसों से छनकर पत्थर की राहों पर चांदी जैसे पैटर्न बिखेर रही थी जो एस्टेट में नसों की तरह मुड़ रही थीं। ये जगह मेरी शरणस्थली थी, मां के स्पर्श का अवशेष जो उनकी मृत्यु से पहले का था, लेकिन अब ये घुसपैठ महसूस हो रही थी। वहां वो थी—कैरोलिना जिमेनेज़, 19 साल की मैक्सिकन मॉडल जिसे मेरे पिता ने किसी विदेशी ट्रॉफी की तरह लाया था। उसकी लंबी सीधी सुनहरी बाल चांदनी पकड़ रही थीं, गर्म टैन वाली पीठ पर सोने की तरह झरना बनकर गिर रही थीं जब वो फव्वारे के पास घूम रही थी, गर्दन में लटकने वाले पुराने लॉकेट को उंगली से छू रही थी। 5'6" की पतली, उसके अंडाकार चेहरे पर शांति, गहरे भूरे आंखें दूर कहीं, वो एक शांति का प्रतीक थी जो मेरी नाराजगी के खिलाफ खटक रही थी। पिता, एलियास वॉस, शिपिंग मैग्नेट, उस पर नजर रखे हुए थे जो बिजनेस से आगे थी—स्टेप-राइवलरी भाड़ में जाए, वो हमारी टूटी हुई फैमिली ड्रामा में घुसपैठ कर रही थी। मैं मुट्ठियां भींच लीं, उसके अंडाकार चेहरे को तारों की ओर झुकते देखा, मध्यम चुचियां पतली सफेद सनड्रेस के नीचे हर सांस के साथ धीरे उठ रही। कपड़ा उसके पतले बदन से चिपका हुआ था, नीचे की कर्व्स का इशारा कर रहा, और मुझे नफरत थी कि मेरा नाड़ी तेज हो गई। वो शांत थी, निश्चल, लेकिन मैंने उसके posture में अकेलेपन की चमक देखी। पिता ने उसे यहां क्यों घुमाया? मां को रिप्लेस करने को? अपनी मिडलाइफ whims से मुझे तंग करने को? मैं आगे बढ़ा, पत्तियां पैरों तले हल्की कुचली गईं, मेरी परछाईं उसके ऊपर गिरी। 'तुम यहां क्या कर रही हो, कैरोलिना?' मेरी आवाज रात काटी, आरोप से भरी। वो मुड़ी, वो गहरी भूरी आंखें मेरी से मिलीं, बिना झपके। तनाव हमारे बीच गूंज रहा था जैसे दूर के सिसकारियों की, मुझे खुद के खिलाफ खींचते हुए। उसके होंठ थोड़े खुले, और उस पल में बाग छोटा सा लगने लगा, कुछ निषिद्ध से चार्ज।


कैरोलिना मेरे करीब आते ही नहीं सिहरी, उसकी गहरी भूरी आंखें मेरी पर उस खटकाने वाली शांति से जमीं। 'मार्को,' वो नरमी से बोली, उसकी मैक्सिकन लहजा मेरे नाम को रेशम की तरह लपेट रही थी। 'मैं बस... बागों की तारीफ कर रही थी। तुम्हारे पिता ने उनकी हिस्ट्री बताई थी।' मैं हंसा, कुछ फीट दूर रुक गया, इतना करीब कि उसके गर्म टैन स्किन पर चिपकी हल्की फूलों की परफ्यूम की खुशबू आ गई। विला हमारे पीछे मंडरा रहा था, उसके स्पेनिश कोलोनियल मेहराब फ्लडलाइट्स के नीचे चमक रहे, लेकिन यहां बागों में बस हम थे—मैं, नाराजगी भरा वारिस, और वो, घुसपैठिया। 'मेरे पिता की कहानियां बस कहानियां हैं। वो तुम्हें यहां घर-बसाने के लिए लाता है, ना? मां की याद फीकी पड़ते हुए तुम्हें किसी जीत की तरह घुमाता है।' उसके उंगलियां लॉकेट पर कस गईं, एक नाजुक चांदी का टुकड़ा जिसमें फीके इनिशियल्स उकेरे थे। मुझे वो पीस पता था; ये मां का था, उनकी अपनी त्रासदी से आया—एक प्रेमी जो समुद्र में डूब गया था, ठीक वैसे ही जैसे वॉस फैमिली की किस्मत लगभग डूब गई थी इससे पहले कि पिता ने उसे दोबारा बनाया। कैरोलिना का अंडाकार चेहरा नरम पड़ा, दया से नहीं, समझ से। 'ये लॉकेट... एलियास ने बताया। तुम्हारी मां का। वो आदमी जिससे वो प्यार करती थी ये तटों पर डूब गया। ये दर्दनाक है।' उसकी आवाज थोड़ी कांपी, शांत दिखावे को तोड़ते हुए। मुझे चुभन हुई—गुस्से में कमजोरी का दरार। इसे उसके साथ क्यों शेयर किया? 'तुम यहां फिट नहीं हो,' मैं गरजा, और करीब आया, अब हमारे बदन इंचों के फासले पर। उसके पतले फ्रेम से गर्मी निकल रही थी, हवा से बेलें हिलीं तो उसकी लंबी सुनहरी बाल लहराईं। 'तुम बस एक और मॉडल हो जिसे वो खालीपन भरने के लिए लटकाता है। लेकिन तुम्हें भी महसूस होता है ना? इस जगह का अकेलापन।' वो मेरे चेहरे को टटोली, उसकी सांस तेज हो गई। 'शायद होता है। मेरी अपनी फैमिली... मैक्सिको में, वो जटिल है। मॉडलिंग ने मुझे यहां लाया, लेकिन ये अलग-थलग कर देता है।' वो कबूलनामा हमारे बीच लटका, फव्वारे की कलकल ने बदलाव को रेखांकित किया। मेरी नाराजगी कुछ गर्म में मुड़ गई, उसकी नजदीकी से अनचाही हवस जगी। मैंने हाथ बढ़ाया, उसके गाल से बाल का तिनका हटाया, उंगलियां उसके गर्म टैन स्किन पर ठहरीं। वो पीछे नहीं हटी। बल्कि उसकी गहरी भूरी आंखें अनकही जरूरत से गहरी हो गईं। बाग की हवा गाढ़ी हो गई, जस्मीन भारी, तनाव कसता चला गया—गुस्सा, दुख, आकर्षण मुझमें लड़ रहे। 'तुम सोचती हो बस घूमकर दावा कर लोगी?' मैं बुदबुदाया, मेरा हाथ उसके कंधे पर गिरा, नीचे नाजुक हड्डी महसूस करते हुए। उसके होंठ खुले, हल्की सिसकी निकली, और मुझे एहसास हुआ कि मैं इस खिंचाव के खिलाफ जंग हार रहा हूं।


उसकी सिसकी ने मुझमें कुछ प्राइमल जगा दिया। मैंने उसे करीब खींचा, हाथ कमर पर सरकाए, पतली कर्व मेरी पकड़ में झुकती महसूस करते हुए। कैरोलिना की गहरी भूरी आंखें फैल गईं, लेकिन वो मुझमें दब गई, उसकी मध्यम चुचियां पतली सनड्रेस से होकर मेरी छाती से रगड़ीं। 'मार्को...' वो फुसफुसाई, आवाज सांसदार, लहजा हवस से गाढ़ा। मेरे होंठ उसके पर टकराए, भूखे, उसके मुंह की मिठास चखते हुए जब हमारी जीभें उलझीं। वो चूम्बन में नरमी से कराही, एक नीची, जरूरी आवाज जो मुझमें कंपकंपी लाई। मैंने उसे बेलों से ढके खंभे से सटा दिया, खुरदुरा पत्थर उसके नरम गर्म टैन स्किन के विपरीत जब मैंने ड्रेस की स्ट्रैप्स खींचीं। वो कंधों से सरक गईं, ऊपर से नंगी—नीचे ब्रा नहीं, मध्यम चुचियां परफेक्ट, निप्पल ठंडी रात की हवा में सख्त हो रही। मैंने उन्हें थामा, अंगूठे चोटियों पर घुमाए, एक और सिसकी निकाली, इस बार गहरी। 'भगवान, तुम कितनी हसीन हो,' मैं उसके गले पर गरजा, नाजुक मांस को काटा। उसके हाथ मेरी पीठ पर घूमे, नाखून धंसाए जब वो कमर तान दी, लंबी सीधी सुनहरी बाल खंभे पर बह रही। एहसास ने मुझे घेर लिया—उसकी स्किन गर्म रेशम जैसी, उसके पसीने का हल्का नमक, उसके बदन का कांपना। मैंने चूम्बनों की लाइन उसके कूल्हे पर उतारी, एक निप्पल मुंह में लिया, हल्का चूसा फिर जोर से, उसकी कराहें ऊंची, 'आह्ह... मार्को...' अलग-अलग, सांसदार सिसकियां मेरी अपनी गुर्राहटों से मिलीं। मेरा हाथ नीचे गया, ड्रेस के नीचे सरका कर लेस वाली पैंटी पाई जो हवस से भीगी। मैंने कपड़े से चूत को छेड़ा, उंगलियां गर्मी पर दबाईं, उसके कूल्हे सहज झटके। वो अब शांत नहीं—जंगली, शांत दिखावा चूर-चूर जब मजा बढ़ा। 'प्लीज,' वो गिड़गिड़ाई, गहरी भूरी आंखें विनती कर रही। मैंने उसके क्लिट पर गोले रगड़े, सांसें हांफतीं, बदन कांपता। तनाव उसमें कुंडलित, और अचानक वो टूट गई, तेज चीख निकली जब ऑर्गेज्म फोरप्ले की दीवानगी में लहराया। उसके रस मेरी उंगलियों को भीगो गए, पतली टांगें मेरी से कांप रही। मैंने उसे होल्ड किया, गहरा चूमा, हमारी साझा कमजोरी ने आग को हवा दी।


मैं और इंतजार न कर सका। फोरप्ले क्लाइमैक्स से अभी कांप रही उसे, मैंने ड्रेस ऊपर खींची और उतार फेंकी, बस वो भीगी लेस पैंटी में छोड़ दिया। उसकी गर्म टैन स्किन चांदनी में चमक रही, पतला बदन आमंत्रित तानकर जब मैंने शर्ट-पैंट उतारी, मेरा लंड जोर से धड़क रहा। कैरोलिना की गहरी भूरी आंखें मुझ पर टिकीं, भूखी, जब वो नरम घास पर घुटनों पर उतरी, सीधे ऊपर देखते हुए, ऊपर से नंगी, मध्यम चुचियां पूरी नजर में, निप्पल खड़े विनती कर रहे। 'मैं तुम्हें चाहती हूं,' वो बुदबुदाई, उसकी शांत प्रकृति अब साहसी। उसने मुझे मुंह में लिया, होंठ मेरी लंबाई पर खिंचे, जीभ कुशलता से घुमाई। मैं कराहा, उंगलियां उसकी लंबी सुनहरी बालों में डालीं, गहरा गाइड करते हुए। उसकी कराहें मेरे लंड पर कंपन कर रही, अलग-अलग—नरम गुनगुनाहट गले की सिसकियों में बदल गई जब वो चूसी, गाल धंसाए। मजा उफान पर, गर्म तीव्र, उसका अंडाकार चेहरा मेहनत से लाल। लेकिन मुझे और चाहिए था। उसे ऊपर खींचा, फिर खंभे से सटाया, लेकिन वो पीछे धकी, मांगते हुए। 'मुझमें अंदर, मार्को।' मैंने पैंटी एक तरफ खींची, चिकनी चूत के मुंह पर सेट किया, गहरा धक्का मारा। वो चीखी, 'ओह्ह भगवान!' दीवारें कसकर मेरा लंड जकड़ लीं। मैंने खड़े-खड़े चोदा, चुचियां हर धक्के से उछल रही, निप्पल मेरी छाती से रगड़ रही। एहसास फूट पड़े—उसकी गर्मी मुझे लपेट रही, हमारी मिलन की गीली आवाजें कम, उसकी बढ़ती कराहों में डूबी, 'हां... और जोर से... आह्ह!' मैंने उसके कूल्हे पकड़े, पतली कमर मेरे हाथों में परफेक्ट फिट, गहरा भेड़ा, हर रिज, हर धड़कन महसूस। वो फिर आई, अचानक, बदन ऐंठा, अंदरूनी मांसपेशियां मुझे निचोड़ रही जब वो चिल्लाई, गहरी भूरी आंखें कंधे के ऊपर मेरी पर जमीं। मैंने उसे घुमाया आमने-सामने, एक टांग मेरे कूल्हे पर उठाई गहरी घुसपैठ के लिए, पीठ पत्थर से सटी। धक्के पागलपन भरे हो गए, उसके नाखून मेरे कंधों को चीरते, मजा असह्य बढ़ता। पसीना हमारे बदनों को चिकना कर गया, उसकी गर्म टैन स्किन मेरी से सरक रही, सुनहरी बाल कोड़े मार रही। 'मेरे लिए झड़ो,' मैंने हुक्म दिया, और वो झड़ी, लंबी सांसदार कराह के साथ, 'मार्कोओओ!' उसने मुझे पार करा दिया—मैं बाहर निकला, गर्म झड़ी उसके चुचियों पर उछाली, इस निषिद्ध पल में उसे अपना चिन्हित किया। हम हांफ रहे, वो ऊपर देख रही नंगी चुचियां चमक रही, आंखें कच्ची भावनाओं से भरी। बाग घूम रहा, लॉकेट पर साझा दुख ने इस तीव्रता को हवा दिया, नाराजगी समाप्ति में जल गई।


हम घास पर साथ गिरे, उसका सिर मेरी छाती पर, लंबी सुनहरी बालों का घेरा फैला। रात की हवा हमारे बुखार भरी स्किन को ठंडा कर रही, जस्मीन की खुशबू हमारे मस्क से मिली। कैरोलिना ने मध्यम चुचियों के बीच लॉकेट को ट्रेस किया, अब मेरी झड़ी से हल्का चिन्हित। 'वो लॉकेट... इतना दर्द समेटे हुए,' वो फुसफुसाई, आवाज फिर शांत लेकिन अंतरंगता से लिपटी। मैंने उसे करीब खींचा, हाथ उसकी गर्म टैन पीठ सहला रहा। 'मां ने अपने प्रेमी की मौत के बाद पहना। पिता ने बचाया, लेकिन कभी पूरा नहीं। अब वो तुम्हें चिपकाए रखता है, भूतों का पीछा करता।' कमजोरी बह निकली—मेरी नाराजगी कबूलनामे में नरम। 'मैं तुमसे नफरत करता था इसके लिए, लेकिन तुम भी अकेली हो। मॉडलिंग का ग्लैमर उसे छुपाता है।' वो सिर हिलाई, गहरी भूरी आंखें मेरी से मिलीं। 'मैक्सिको में, फैमिली की उम्मीदों ने कुचल दिया। यहां, एलियास की दिलचस्पी से देखा महसूस हुआ लेकिन फंसी। तुम्हारे साथ... ये असली है।' कोमल चूम्बन आए, नरम लंबे, बदन अब मासूम उलझे। उसके पतली उंगलियां मेरी से गूंथीं, शांति बहाल लेकिन कनेक्शन से गहरी। 'ये अच्छा अंत नहीं होगा,' मैं बुदबुदाया, लेकिन उसे कसकर पकड़ा, बाग की शांति ने हमें लपेटा। भावनात्मक दीवारें ढह गईं, साझा त्रासदियां हमें हवस से आगे बांध रही।


उसके शब्दों ने आग फिर जला दी। 'मुझे भुला दो,' कैरोलिना सांस लेती घूमी, ऊपर आकर पतला बदन मेरे सख्त हो रहे लंड पर रगड़ते हुए। लेकिन मैंने उलट दिया, हवस फिर उफान पर। 'घुटनों पर,' मैंने हुक्म दिया, आवाज खुरदुरी। वो उत्सुकता से मान गई, गांड ऊपर घास पर, लंबी सुनहरी बाल आगे झुकीं, गर्म टैन स्किन चमक रही। पीछे से, पीओवी परफेक्ट—उसका अंडाकार चेहरा थोड़ा मुड़ा, गहरी भूरी आंखें कंधे के ऊपर सुलग रही। मैंने कूल्हे पकड़े, डॉगीस्टाइल में गहरा बेरहम धक्का मारा। वो जोर से कराही, 'हां, मार्को! गहरा... आह्ह्ह!' उसकी चूत ने मखमली आग की तरह जकड़ा, पहले से चिकनी, हर धंसाव गीली गर्मी ला रहा, मध्यम चुचियां नीचे लहरा रही। मैंने आगे झुका, उंगलियां क्लिट ढूंढीं, गोले रगड़े जब चोदा, रफ्तार बढ़ी। एहसास घेर लिए—उसकी गांड की गोलियां ठोकरों से लहरा रही, पतली पीठ खूबसूरती से तनी, वो लालची पीछे धकेल रही। 'तुम कितनी अच्छी लगती हो,' मैं कराहा, हल्का थप्पड़ मारा, उसकी सिसकी गले की सिसकी में बदली। मजा कसा; वो पहले झड़ी, बदन जोर से ऐंठा, 'मैं आ रही हूं... ओह भगवान!' अंदरूनी ऐंठन मुझे निचोड़ रही। मैं न रुका, एंगल बदले, उसके स्पॉट को हिट किया जब तक वो गिड़गिड़ाई, कराहें अलग—ऊंची चीखें नीची गुर्राहटों में। पसीना उसकी रीढ़ पर टपक रहा, सुनहरी बाल गर्दन से चिपके। आखिर मैं गहरा आखिरी धक्का मारा, गले की कराह के साथ अंदर फूटा, उसे भरते हुए जब वो आफ्टरशॉक में कांप रही। हम ढह गए, उसकी गांड अभी भी मुझसे सटी, सांसें उखड़ी। ये दूसरा मिलन और कच्चा था, भावनात्मक गहराई ने हर एहसास को बढ़ाया, हमारा निषिद्ध आकर्षण अटूट।


बाद की चमक में, कैरोलिना मुझसे सटी, उसकी शांत निश्चलता बहाल, बदन लटका संतुष्ट। 'वो था... सबकुछ,' वो सांस ली, उंगलियां मेरी छाती ट्रेस कर रही। मैंने उसके माथे को चूमा, लॉकेट हमारे बीच ठंडा। 'अब तुम मेरी हो, उसकी नहीं।' लेकिन उसके पहले की नरम कराहें दिमाग में गूंज रही, शांति टूटी—पास ही पैरों की आहट। एलियास की सिल्हूट छायाओं से निकला, चेहरा जलन भरी फुर्रत से मुड़ा, हमारी पैशन सुन ली। 'ये क्या लानत है?' वो गरजा। कैरोलिना सख्त हो गई, गहरी भूरी आंखें डर से फैलीं, हमारी नाजुक अंतरंगता खतरे में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्टोरी में चुदाई कैसे शुरू हुई?
बागों में नाराजगी से बहस हुई, फिर चूम्बन और फोरप्ले से चुदाई भड़की।
कितनी बार झड़ी कैरोलिना?
तीन बार—फोरप्ले, स्टैंडिंग चुदाई और डॉगीस्टाइल में।
अंत में क्या हुआ?
एलियास ने उनकी चुदाई सुन ली और गुस्से में आ धमका।





