लियाना का हिसाब चुकता करने वाला भोज
मसालों की चटकन और राज़ों की गंध में, उसने डिनर से कहीं ज़्यादा परोस दिया।
समर्पण की भापभरी सिसकी: लियाना का मसालेदार ज्वाला
एपिसोड 6
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लियाना के आरामदेह किचन में जस्मीन चावल और चटकते मसालों की खुशबू भारी लटक रही थी, मुझे उसके संसार में और गहरा खींचते हुए। काउंटर के ऊपर उसकी शरमाती नज़र, भूरी आँखों में बिना बोले न्योता चमकता हुआ, कुछ primal उकसा रही थी। उसके मॉडलिंग करियर के क़िस्से क़िस्से घूम रहे थे जो क़ैंडल के कगार पर था, लेकिन आज रात, अरिफ फैशनेबल देरी से आने वाला, वो अपने परिवार की सीक्रेट रेसिपी बुक को मोहक हथियार की तरह चला रही थी। मुझे क्या पता था, ये भोज जलन, चाहत और एक फैसले से हिसाब चुकाएगा जो सब कुछ चूर कर सकता था।
मैं लियाना के अपार्टमेंट में क़दम रखा, दरवाज़ा मेरे पीछे क्लिक करके बंद हुआ जैसे राज़ सील हो गया। किचन ने मुझे गर्माहट में लपेट लिया—चूल्हे पर उबलते बर्तन, हवा भरी हुई लेमनग्रास और लहसुन से, उसकी विरासत का संगीत। वो वहाँ खड़ी थी, छोटा क़द हल्का झूलता हुआ जड़ीबूटियाँ काटते हुए, उसके लंबे स्टाइलिश भूरे बाल ढीली पोनीटेल में बंधे जो खोलने को तरस रहे थे। 26 की, वो वो शर्मीली इंडोनेशियन ग्रेस लिए थी, उसकी गर्म टैन वाली स्किन सॉफ्ट ओवरहेड लाइट में चमक रही, भूरी आँखें मेरी तरफ़ झपकती हुईं घबराहट की चमक के साथ।


'पाक हसन, तुम आ गए,' उसने कहा, आवाज़ नरम, लगभग फुसफुसाहट, हाथ फूलों वाले एप्रन पर पोंछते हुए। नीचे का सनड्रेस उसके छोटे कर्व्स को इतना चिपककर चिढ़ा रहा था बिना दिखाए, छोटे चुचे हर साँस पर ऊपर उठते। मुझे उसका बोझ महसूस हो रहा था—मॉडलिंग एजेंसी में अफवाहें फट रही थीं, समझौतेवाली फोटोज़ की फुसफुसाहट जो उसके उभरते सितारे को ख़त्म कर सकती थीं। अरिफ और मैं दोनों उसके चक्कर में घूम रहे थे, हमारी दोस्ताना राइवलरी जलन और कच्ची हो गई थी।
'कमाल की खुशबू आ रही है,' मैंने जवाब दिया, काउंटर से टेकते हुए, इतना क़रीब कि उसकी स्किन की हल्की जस्मीन पकड़ में आ गई। वो मुस्कुराई, शरमाती लेकिन सच्ची, नासी गोरेंग की प्लेट मुझे तरफ़ सरका दी, भाप लिपटती हुई चाहत की तरह। 'फैमिली रेसिपी बुक,' उसने समझाया, उसके पास की घिसी चमड़े वाली किताब को थपथपाते हुए। 'अरिफ लेट हो रहा है—ट्रैफ़िक, उसने कहा।' उसकी आँखें मेरी एक सेकंड ज़्यादा पकड़े रहीं, मौक़े का बिना बोला मानना। हमने खाया, उसके डर की बातें कीं, जॉब लटकती डोर पर। उसकी हँसी पहले शरमाती आई, फिर आज़ाद, उसका पैर टेबल के नीचे मेरा छू गया। टेंशन मेरी जीभ पर मसाले की तरह बढ़ रही थी, वादा करते हुए एक हिसाब का जो न हम में से कोई नज़रअंदाज़ कर सकता था।


डिनर लटका रहा प्लेटें साफ़ होते हुए, रेसिपी बुक के पन्ने अभी भी खुले न्योते की तरह। लियाना की शर्म टूट गई तब, भूरी आँखें मेरी पर लॉक हो गईं हिम्मत से जो हम दोनों को चौंका गई। उसने एप्रन धीरे से खोला, काउंटर पर गिरा दिया, उंगलियाँ हल्की काँपती हुईं सनड्रेस के हेम को पकड़ते हुए। एक सहज हरकत में, उसने उसे ऊपर खींचा और सिर से निकाला, छोटे बदन का गर्म टैन वाला स्मूथ चेहरा दिखा दिया, छोटे चुचे चुचे ऊपर तने हुए एक्सपोज़्ड, निप्पल पहले से ही किचन की नम हवा में सख्त हो रहे।
मैं साँस न ले सका, नज़र तंग कमर ट्रेस करती हुई स्लिम हिप्स पर पहुँची जो सिर्फ़ नाज़ुक लेस पैंटी में लिपटी थीं। वो खड़ी रही, कमज़ोर लेकिन कमांडिंग, लंबे स्टाइलिश भूरे बाल अब आज़ाद लहराते, उसके चेहरे को हेलो की तरह फ्रेम करते। 'मैं इतना डर गई थी,' उसने क़बूल किया, आवाज़ भारी, क़रीब आते हुए नंगी स्किन मेरी शर्ट से छू गई। उसके हाथ मेरी छाती पर आए, मुझे काउंटर से पीछे धकेलते, उसके छोटे चुचे नरम दबे मेरे ख़िलाफ़। अफवाहें, अरिफ के साथ जलन—ये सब ने इसे हवा दिया, उसका कंट्रोल छीनने का तरीक़ा।


हमारे होंठ धीमी आग में मिले, उसका मुँह पहले हिचकिचाता, फिर भूखा, जीभ मेरी को चाटती मसाले के स्वाद से। मेरे हाथ उसके पीठ पर घूमे, छोटे बदन में कँपकी महसूस करते। वो किस में नरमी से कराही, मेरे अंगूठे उसके सख्त निप्पलों को छूते हुए आर्च करती, हल्का चिमटा तो वो हाँफ़ी। किचन हमारे चारों तरफ़ घूमी, काउंटर भोजन के बचे टुकड़ों से भरे, लेकिन अब वो भोज थी—शर्म ख़त्म, उंगलियाँ मेरी बेल्ट से छेड़तीं, आँखें ज़रूरत से काली। एंटीसिपेशन टाइट लिपटा, उसका बदन मेरी बढ़ती सख्ती से रगड़ता, पैंटी गीली मेरी जाँघ पर।
उसकी उंगलियाँ मुझे पैंट से आज़ाद कर दीं, और लियाना घुटनों पर बैठ गई शरमाती दृढ़ता से जो मेरे ख़ून को गरम कर गई। किचन के टाइल्स उसके बदन के ख़िलाफ़ ठंडे थे, लेकिन उसका गर्म टैन वाला बदन लाइट में चमक रहा, छोटा क़द मेरे सामने घुटनों पर भेंट की तरह। वो भूरी आँखें ऊपर देखीं, लंबे स्टाइलिश भूरे बाल चेहरे के चारों तरफ़ लहराते, होंठ फैले मेरी तरफ़ हाथ में लेते। उसके मुँह का पहला स्पर्श बिजली का था—नरम, हिचकिचाता, फिर हिम्मतवाला, जीभ सिर के चारों तरफ़ घुमाती भूख से जो उसकी शर्म से मेल न खाती।
मैं कराहा, हाथ उसके बालों में उलझा हल्के से, गाइड करता लेकिन जबरदस्ती न करते हुए वो धीरे बबल करती, मुझे गहरा लेती। उसके छोटे चुचे रिदम के साथ झूलते, निप्पल टाइट चोटियाँ ध्यान माँगतीं। आवाज़ें—गीली चूसने की, उसके दबी कराहें—किचन भर गईं, फ्रिज की दूर की गुनगुनाहट से मिलकर। वो लाजवाब थी, ये 26 साल की इंडोनेशियन हसीना अपनी रोक-ठोंक खोल रही, बढ़ती हिम्मत से चूसती, गाल धँसते मेरी संयम को खोखला करते। थूक उसके ठुड्डी पर टपक रहा, लेकिन उसे फ़िक्र न थी, आँखें नम लेकिन मेरी पर जमीं, और माँगतीं।


'बस यही, लियाना,' मैंने बुदबुदाया, कूल्हे आगे झटके। वो मेरे चारों तरफ़ गुनगुनाई, वाइब्रेशन सीधा कोर में, उसका ख़ाली हाथ मुझे थामे, जो मुँह न पहुँच सका उसे सहलाता। अफवाहें मिट गईं, अरिफ का साया बेकार; ये उसका हिसाब था, अराजकता में सुख क़ब्ज़ा करते हुए। वो तेज़ हुई, सिर इधर-उधर मुड़ता, जीभ नीचे चपटी दबाती, वो लाजवाब दबाव बनाती। मेरी जाँघें तनीं, उंगलियाँ उसके बालों में कसीं रिलीज़ क़रीब आते हुए, लेकिन मैं रुका, उसकी शरमाती तबदीली को चखते हुए वाइल्ड आग में। वो हटकर हाँफ़ी, 'मुझे सब चाहिए,' फिर वापस गोता लगाया, बेरहम जब तक मैं टूटा, गर्मी उसके गले में उंडेल दी। उसने हर बूँद निगली, विजयी, हाँफ़ती मुस्कान के साथ उठी, होंठ सूजे चमकते।
हम हाँफ़ते खड़े रहे, उसका छोटा बदन मेरे से सटा, छोटे चुचे मेरी छाती पर हाँफ़ते, निप्पल अभी भी तीव्रता से तने। लियाना की गर्म टैन स्किन लाल हो गई, पसीने की चमक उसे चमका रही, लंबे भूरे बाल बिखरे सबसे अच्छे अंदाज़ में। उसने हाथ की पीठ से होंठ पोंछे, भूरी आँखें फिर शरमाती लेकिन नई ताक़त से चमकतीं। 'वो... मेरा चुनाव था,' उसने फुसफुसाया, उंगलियाँ मेरी जबड़े पर रेखा खींचतीं, उसकी हिम्मत में कमज़ोरी चमकती।
मैंने उसे क़रीब खींचा, माथे को चूमा, उसकी स्किन का नमक चखा। किचन का गंदगी हमें घेरे—आधे खाए प्लेट्स, खुली रेसिपी बुक—लेकिन ये अंतरंग लग रहा, जिया हुआ। 'अफवाहें तुझे न तोड़ेंगी,' मैंने कहा, हाथ उसकी तंग कमर पर सरकते लेस वाली हिप्स पर रुकते। वो मुझमें झुकी, आह भरी, उसका बदन मेरे से परफेक्ट ढलता। हम बातें करने लगे, नरम शब्दों में कोमल स्पर्शों के बीच—मॉडलिंग गिग खोने का डर, अरिफ का लगातार पीछा, हम मर्दों के बीच सुलगती जलन। उसकी शर्म लहरों में लौटी, लेकिन आग भी, उसका हाथ नीचे सरककर मुझे फिर ज़िंदा सहलाने लगा।


'तुम्हारे साथ हिम्मत मिलती है बोल्ड होने की,' उसने क़बूल किया, मेरी होंठ काटते हुए, छोटे चुचे चिढ़ाते छूते। हँसी उबली, हल्की और सच्ची, मैंने उसे धीरे घुमाया, दोनों हँसते एक मसाला की बोतल के लगभग गिरने पर। पल ने साँस ली, एंटीसिपेशन धीरे मीठा फिर बनता, उसकी पैंटी फिर मेरी जाँघ पर गीली।
चाहत फिर भड़की, मैंने उसे आसानी से किचन काउंटर पर उठाया, उसके छोटे टाँगें मेरे चारों तरफ़ लिपटीं काग़ज़ और बर्तन बिखरते। लियाना हाँफ़ी, भूरी आँखें थ्रिल से चौड़ी, उसकी गर्म टैन स्किन पीछे आर्च करती मैंने लेस पैंटी को सरका दिया। लेकिन वो ज़्यादा कंट्रोल चाहती—नीचे सरककर, वो मुड़ी, छोटे हाथ किनारे पर टिकाए, कूल ग्रेनाइट पर चारों टाँगों पर खुद को पेश किया। उसके लंबे स्टाइलिश भूरे बाल आगे लहराए, शरमाती लाली छुपाते, लेकिन बदन माँग रहा—छोटी गांड ऊपर की, तंग कमर न्योता देते डिप।
मैं पीछे पोज़िशन लिया, हिप्स पकड़े, धीरे गहरा सरक गया। वो चीख़ी, आवाज़ कच्ची और सच्ची, दीवारें गर्म गीली मेरा घेरतीं। किचन हमारी रिदम से गूँजा—स्किन काउंटर से ठोकती, उसकी कराहें भाप की तरह ऊपर। 'ज़ोर से, पाक हसन,' उसने गिड़गिड़ाया, पीछे धकेलती, शर्म इस हिसाब के भोज में जल चुकी। मैंने मान लिया, स्थिर धक्के देते, एक हाथ नीचे सरककर उसके सूजे क्लिट को घुमाता, कँपकँपी महसूस करता।


उसके छोटे चुचे लटके झूलते हर धक्के पर, निप्पल सतह को छूते। पसीना हमें चिकना कर दिया, उसकी गर्म टैन चमकती, बदन कँपता सुख बनते हुए। भावनाएँ घूमीं—उसकी जॉब का ख़तरा, अरिफ का भूत, हमारी जलन इस मिलन में बदल गई। वो पहले टूटी, मेरा नाम चीख़ते हुए, तंग कसकर काँपती, मुझे किनारे खींचती। मैं गहरा दफ़न, गर्मी उंडेल दी, उसके पीठ पर गिरा हम हाँफ़ते, अभी भी जुड़े। उसने सिर घुमाया, होंठ मेरे को ढीला, तृप्त चुम्बन में मिले, उसकी हिम्मत अब हमेशा की।
हम धीरे अलग हुए, लियाना काँपते टाँगों पर काउंटर से उतरी, उसका छोटा बदन अभी भी आफ्टरशॉक्स से गुनगुनाता। उसने सनड्रेस पकड़ा, बिना अंडरवियर के पहन लिया, कपड़ा उसकी गीली स्किन से चिपका, एप्रन ढीला बाँधा शील के लिए। उसके लंबे भूरे बालों को उंगलियों से संभाला, भूरी आँखें मेरी से मिली तृप्ति और अचानक सावधानी के मिश्रण से। 'अब क्या?' उसने बुदबुदाया, आवाज़ में शर्म लौटती लेकिन ताक़त घुली। किचन गवाह बना—बिखरे मसाले, सिलवटदार रेसिपी बुक—उसकी तबदीली का।
मैंने उसे बाहों में खींचा, मंदिर चूमा। 'जो तू चुने, मैं हूँ।' बात अरिफ पर घूमी, जलन जो हमने नेविगेट की, उसकी जॉब का नाज़ुक धागा। वो नरमी से हँसी, कमज़ोरी चमकती। 'ये मेरा हिसाब चुकता करने वाला भोज था,' उसने कहा, हाथ मेरी छाती पर। तभी, दरवाज़ा बजा—तीखा, ज़िद्दी। उसकी आँखें चौड़ी। मैंने घड़ी देखी; अरिफ, आख़िरकार।
उसने ड्रेस सम्हाला, गाल लाल, बाहर क़दमों की आहट। नॉब घूमा—हमारी जल्दबाज़ी में अनलॉक—और वो खड़ा था, आँखें तंग करते हुए सीन पर: हम बहुत क़रीब, हवा भरी गुज़री मोहब्बत से। लियाना जमी, उसका फ़ैसलेवाला चुनाव लटका, भविष्य की चाहतें लुभावनी खुलीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लियाना कौन है इस कहानी में?
लियाना 26 साल की शरमाती इंडोनेशियन मॉडल है जो किचन में पाक हसन के साथ सेक्स करके अपनी जलन और डर का हिसाब चुकाती है।
कहानी में सबसे गरम सीन कौन सा है?
किचन काउंटर पर लियाना की चुदाई और पहले ओरल सेक्स जहाँ वो लंड चूसकर निगल लेती है, सबसे उत्तेजक है।
अरिफ का रोल क्या है?
अरिफ लियाना का पीछा करने वाला है, जिसकी जलन कहानी को क्लाइमेक्स देती है जब वो सेक्स के बाद पहुँचता है। ]





