डेल्फिना का निर्वासित दिल का हिसाब
पुनः प्राप्त इच्छा की गर्मी में बदला खिलता है
डेल्फिना की ऑब्सिडियन कोठरियों का भूखा समर्पण
एपिसोड 5
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मैं डेल्फिना के बदल चुके घर में कदम रखा, हवा में चमेली और चंदन की तेज़ खुशबू भरी हुई थी, जो मैटियो के एक बार शासित बाँझ महल से बिल्कुल अलग थी। दीवारें, जो कभी फीकी सफेद थीं, अब गहरे गुलाबी मखमली पर्दों से धड़क रही थीं और नक्काशीदार दीवार सज्जाओं से झिलमिलाती मोमबत्तियों की रोशनी चमकदार संगमरमर के फर्श पर नाचते परछाइयाँ डाल रही थी। बीच में एक विशाल फर की चटाई के चारों तरफ नरम, आरामदेह चेज लाउंज थे, और एक क्रिस्टल झूमर नीचे लटका था, जिसके प्रिज़्म कैद तारों की तरह रोशनी बिखेर रहे थे। ये अब उसका अड्डा था, उसके उग्र मन की मर्ज़ी से नया बनाया गया—एक कामुकता का मंदिर जहाँ दर्द ताकत में मुड़ जाएगा।
डेल्फिना सबके बीच खड़ी थी, उसके जेट-काले बिखरे लहरदार बाल कंधों पर लंबे लहराते हुए, उसके अंडाकार चेहरे को कोको की रंगत वाली चमकदार त्वचा को गर्म रोशनी में चमका रहे थे। 22 साल की इस आर्गेंटीनियाई आग की गुड़िया ने खुद को एथलेटिक किनारे तक पतला कर लिया था, उसका 5'6" कद तीव्रता बिखेर रहा था। उसके चॉकलेट ब्राउन आँखें दरवाज़े पर टिक गईं जब मैटियो रुइज़, उसका पूर्व पति, मेरे पीछे घुसा, चेहरे पर घमंडी हक का नकाब ओढ़े। राफेल नवारो—यानी मैं—उसका कई महीनों से प्रेमी था, जिसने उसके विश्वासघात के बाद उसे फिर से संभाला। इसाबेला कोर्टेज़, मेरी कामुक साथी जिसके वक्र डेल्फिना के जुनून से टक्कर लेते थे, पास ही लेटी थी, उसकी काली आँखें अराजकता का वादा कर रही थीं।
डेल्फिना के मीडियम ब्रेस्ट हर उत्साही साँस के साथ ऊपर उठ रहे थे, एक पतली काली सिल्क की रॉब के नीचे जो उसके पतले बदन से चिपकी हुई थी, बदले की आग का इशारा दे रही। 'मेरी दुनिया में स्वागत है, मैटियो,' उसने गर्राई, आवाज़ मखमली चाकू जैसी। 'तूने ये घर खो दिया है, लेकिन आज रात तू देखेगा जो तूने गँवा दिया।' तनाव बिजली की तरह चटक रहा था; मेरा नाड़ी तेज़ हो गई, जानता था ये टकराव कुछ primal में फूट पड़ेगा। उसके होंठ शिकारी मुस्कान में मुड़े, आँखें उसे, हमें, हिसाब में कूदने की चुनौती दे रही थीं। कमरा बिना कहे वादों से गूँज रहा था—बदन उलझे, दिल टकराए, और निर्वासित प्यार आग में फिर जन्मा।


मैटियो की आँखें सिकुड़ीं जब उसने शानदार बदलावों का मुआयना किया, जबड़े का तनाव डेल्फिना के सिंहासन जैसे काले साटन से ढके आर्मचेयर को देखकर। 'ये हमारा घर था, डेल्फिना। तूने इसे वेश्यालय बना दिया,' उसने थूका, लेकिन उसकी आवाज़ डगमगाई, नज़रों में इच्छा की चमक बता रही। मैं उसके करीब खड़ा था, हाथ उसकी कमर के निचले हिस्से को छूता हुआ, उसके पतले बदन से निकलती गर्मी महसूस करता। राफेल नवारो, वो आदमी जो मैटियो की बेवफाई ने उसे तोड़ा उसके बाद आया, मैं उसके दर्द को गहराई से जानता था—रातें जब वो मेरी बाहों में रोई, फिर और उग्र होकर उठी, उसका जुनून एक तूफान जो मैं तरसता था।
इसाबेला आगे बढ़ी, कूल्हे लहराते, हाथ में गहरा लाल वाइन का ग्लास। 'ईर्ष्या हो रही है, मैटियो? डेल्फिना विकसित हो गई है। वो अब तेरी निर्वासित बीवी नहीं।' डेल्फिना हँसी, गहरी और गले से, उसके करीब आकर साँसें मिला लीं। 'तूने मुझे अपने राज़ों के लिए फेंक दिया, लेकिन आज रात तू देखेगा मैं सब वापस ले रही हूँ।' उसकी चॉकलेट ब्राउन आँखें उसमें जल रही थीं, बिखरे लहरदार बाल उसके चेहरे को जंगली हेलो की तरह फ्रेम कर रहे। मैंने उसके पतले बदन को तनते देखा, मीडियम ब्रेस्ट सिल्क से दबे, जब वो धीरे-धीरे उसके चारों तरफ घूमी, कोको त्वचा चमक रही।
हवा दुश्मनी और उत्तेजना से गाढ़ी हो गई। मैटियो ने उसकी कलाई पकड़ी, लेकिन वो सहज सुंदरता से छूट गई, उसका 5'6" बदन फुर्तीला। 'मुझे तभी छू जब मैं इजाज़त दूँ,' उसने हुक्म दिया, आवाज़ अधिकार से टपकती। मुझे गर्व का—और भूख का—झोंका लगा। इसाबेला मेरे पास दब गई, फुसफुसाई, 'वो शानदार है। चल, इसे गिड़गिड़ाने को मजबूर करें।' डेल्फिना की नज़र मुझसे मिली, बदले से लिपटा एक मौन न्योता। हम फर चटाई पर पहुँचे, ग्रुप की ऊर्जा और सिकुड़ गई। उसकी भीतरी आग, जो विश्वासघात से बुझी थी, अब धधक रही, हमें सबको अपनी कक्षा में खींच रही। हर नज़र, हर शब्द तनाव बढ़ा रहा, मेरा दिल धड़क रहा जैसे बिखराव का इंतज़ार। वो कोई शिकार नहीं; वो इस हिसाब की वास्तुकार थी, और हम उसके इच्छुक साधन।


मैटियो का विद्रोह टूटा; वो चेज पर धंस गया, आँखें उसे निगल रही। डेल्फिना के होंठ फैले, साँस तेज़, कमरे की चमेली की खुशबू हमारी बढ़ती गर्मी से मिली। 'नकाब उतारो, सब,' उसने आदेश दिया, उसका जुनून बम का फ्यूज़ जला दिया।
डेल्फिना की रॉब कंधों से फिसली, पैरों के पास जमा हो गई जैसे उतारी गई बेड़ियाँ, उसके ऊपर से नंगे वैभव को उजागर किया—मीडियम ब्रेस्ट चुस्त, निप्पल्स चार्ज्ड हवा में सख्त। वो सिर्फ़ लेस थोंग पहने थी जो उसके पतले कूल्हों से चिपकी, कोको त्वचा उत्सुकता से लाल। मैं आँखें न हटा सका जब उसने मैटियो को चेज पर पीछे धकेला, उसकी गोद पर चढ़कर छेड़ा, उसके लंबे बिखरे लहरदार बाल आगे लुढ़के। 'महसूस कर जो तूने खोया,' उसने बुदबुदाया, धीरे पीसते हुए, चॉकलेट ब्राउन आँखें मेरी मंज़ूरी के लिए टिक।
इसाबेला जुड़ी, अपनी ड्रेस उतारकर डेल्फिना के ऊपर नंगे हालत को मैच करती लेस बॉटम्स में, उसके हाथ डेल्फिना की पीठ पर घूमे, एक नरम सिसकी निकाली। 'म्म्म, हाँ,' डेल्फिना ने साँसभरी सिसकी ली, इसाबेला की उँगलियाँ उसकी रीढ़ पर सरकाते हुए कमर व弓। मैं करीब आया, शर्ट उतारकर, पीछे से उसके ब्रेस्ट पकड़े, अंगूठे उसके सख्त निप्पल्स के चारों तरफ घुमाए। एहसास बिजली जैसा—उसकी त्वचा इतनी गर्म, मुलायम, झुकती फिर भी हुक्म चलाती। वो मुझमें झुकी, फुसफुसाई, 'राफेल, इसे भुला दे मुझे।'


मैटियो के हाथ उसकी जाँघों पर पकड़े, लेकिन वो रफ्तार कंट्रोल कर रही, अपनी थोंग वाली चूत को उसके बढ़ते उभार पर रगड़ रही। 'अभी नहीं,' उसने हाँफा, इसाबेला को गहराई से चूमने के लिए मुड़ी, उनकी जीभें दिखते हुए नाच रही। मैंने उसके बदन को काँपते महसूस किया, मेरा लंड तनता देखते हुए। फोरप्ले धीरे-धीरे खुला—गर्दन पर चूमे लुढ़कते, उँगलियाँ लेस के किनारों को छेड़ती। डेल्फिना की सिसकियाँ विविध हो गईं, साँसभरी 'आह्ह' इसाबेला की कामुक सिसकियों से मिलीं। तनाव जैविक रूप से बढ़ा, उसका पतला बदन हममें लहराता, हर स्पर्श उसकी ताकत बढ़ाता।
वो सबसे पहले चिढ़ाने वाली पीस से चरम पर पहुँची, बदन काँपता, लंबी 'ओओओह' निकली जब लहरें उसे चीर गईं। गीलापन उसकी थोंग भिगो गया, आँखें विजय से धुंधली। 'अब पूरी तरह नंगे हो जाओ,' उसने माँगा, आवाज़ भारी, हमें उसके जाल में गहरा खींचते।
डेल्फिना ने मैटियो को धक्का देकर अलग किया, मुझे अपना लिया, आँखें पुनः प्राप्त आग से जंगली। उसने मुझे फर चटाई पर धकेला, उतावली हाथों से मेरी पैंट उतारी, उसका पतला बदन ऊपर मंडराता काउगर्ल में चढ़ी, अपना मोटा लंड अपनी टपकती चूत के मुँह पर लगाया। मेरी नज़र से ये मंत्रमुग्ध करने वाला था—उसकी कोको त्वचा चमकती, मीडियम ब्रेस्ट हल्के उछलते जब वो नीचे धंसी, इंच-इंच मुझे निगलती। 'फक, राफेल, तू मेरा है,' उसने गहराई से सिसकी ली, आवाज़ गले की और विविध इसाबेला की हल्की सिसकियों से पास।


उसकी टाइट चूत ने मुझे जकड़ा, गीली गर्मी धड़कती जब वो पहले धीरे सवार हुई, लंबे बिखरे लहरदार बाल हर कूल्हे की लहर के साथ झूलते। मैंने उसकी संकरी कमर पकड़ी, ऊपर धक्का देकर मिला, हर किनारा, हर काँप महसूस। 'ज़ोर से,' उसने माँगा, तेज़ होकर, चॉकलेट ब्राउन आँखें मेरी में घुसतीं, अंडाकार चेहरा आनंद से विकृत। इसाबेला हमारे पास मैटियो के मुँह पर चढ़ी, सिसकियाँ ताल में—'आह्ह, हाँ!'—जबकि डेल्फिना की गटुरल हो गईं, 'म्म्म्फ, ओह गॉड।' फोरसम एकजुट हो गया; डेल्फिना झुककर इसाबेला को चूमा, उनके ब्रेस्ट रगड़े, उन्माद बढ़ाया।
पोज़ीशन हल्के बदली—वो पीछे झुकी, हाथ मेरी जाँघों पर, अपनी क्लिट उजागर कर मेरे अंगूठे के लिए घुमाने को, आनंद तेज़। एहसासों ने घेर लिया: उसकी दीवारें फड़फड़ातीं, रस मेरे शाफ्ट को लथपथ, त्वचा की थप्पड़ कम, फोकस उसके बढ़ते चीखों पर। 'मैं झड़ रही हूँ,' उसने हाँफा, बदन ऐंठा, चूत ने मुझे लयबद्ध ऐंठनों से दूधा, लंबी 'येेेेस!' गूँजी। मैं रुका, उसकी बादशाही का मज़ा लेता, उसका पतला 5'6" बदन शक्तिशाली लहराता।
मैटियो देखता रहा, खुद को सहलाता, लेकिन डेल्फिना ने अनदेखा किया, चरम के बाद गहरा पीसकर और माँगती। इसाबेला ने उसके जीभ पर चरम पाया तेज़ 'ओह्ह्ह!' से, उतरकर डेल्फिना की गांड को उँगली से छेड़ा, एहसासों के लेयर जोड़े—भराव, खिंचाव, बिजली सी झनझनाहट। डेल्फिना का दूसरा चरम तेज़ बना, सिसकियाँ साँसभरी फूटों में टूटीं, ब्रेस्ट हाँफते, निप्पल्स हीरे जैसे सख्त। मैं बेरहम धक्के मारता, उसके तीव्रता में खोया, अड्डे की मोमबत्तियाँ धुंधली आनंद के चरम पर। वो आगे गिरी, मुझे उग्र चूमते, हमारा कनेक्शन मांस से परे—बदला प्यार को ईंधन। (Word count: 612)


हम धीरे अलग हुए, डेल्फिना का बदन पसीने से चिपचिपा, फर पर मेरे पास गिरा। उसका सिर मेरी छाती पर, लंबे लहरदार बाल बिखरे, उसने मेरी त्वचा पर पैटर्न बनाए। 'वो हर आँसू के लिए था जो तूने बहाया, मैटियो,' उसने नरम कहा, आँखें अब मेरी तरफ कोमल। इसाबेला उसके दूसरे पास लिपटी, उँगलियाँ उलझीं। 'तू हमारी रानी है,' इसाबेला ने बुदबुदाया, डेल्फिना के कंधे को चूमा।
मैटियो उठा, चेहरा अपमान और वासना से लाल। 'ये कुछ नहीं बदलता,' उसने बुदबुदाया, लेकिन डेल्फिना विजयी मुस्कुराई। 'ये सब बदल देता है।' मैंने उसे कसकर पकड़ा, उसकी धड़कन अपनी से मिलती महसूस, मैटियो के काटा भावनात्मक खाई अब हमारे बंधन से पुल। प्यार की फुसफुसाहटें आफ्टरशॉक से मिलीं, उसका जुनून गहरे कनेक्शन में विकसित। 'राफेल, तूने मुझे ताकत दी,' उसने कबूला, आवाज़ असुरक्षित फिर भी सशक्त। बदलाव ने अंतरंगता साँस ली, और के लिए रिचार्ज।
डेल्फिना ने मुझे पीठ के बल उलट दिया—नहीं, उसने मुझे मिशनरी में खुद के ऊपर खींचा, टाँगें मेरी कमर लपेटीं, गहरी योनि पैठ की माँग। ऊपर से, उसका पतला बदन परफेक्ट व弓, कोको त्वचा चमकदार, चॉकलेट आँखें विनती करतीं 'गहरा, राफेल।' मैं धंसा, उसकी चूत ने चिकने गर्मी से स्वागत किया, दीवारें मखमली लोहे जैसे जकड़ीं। धीमे धक्के जोरदार लय में बने, उसके मीडियम ब्रेस्ट हर टक्कर से उछलते, निप्पल्स ध्यान माँगते।


'हाँ, मुझे चोद जैसे वो कभी न कर सका,' उसने विविध सिसकी ली, ऊँची सिसकियाँ इसाबेला की फुसफुसाहटों से मिलीं जब वो डेल्फिना के पैर की उँगलियाँ चूसी, मैटियो पास सहला रहा। एहसास लेयर: उसकी क्लिट मेरी पेल्विस से रगड़ती, जी-स्पॉट हिट्स उसे कँपकँपी में। मैंने रफ्तार बदली—गहरे, पीसते चक्र फिर तेज़ पिस्टन—उसके रस बाढ़, सिसकियाँ 'आह्ह! ओह्ह्ह, राफेल!' तक। भीतरी विचार दौड़े: उसकी ताकत, मेरी भक्ति, बदला पूरा।
पोज़ीशन विकसित; मैंने उसकी टाँगें कंधों पर टाँगीं गहरे एंगल के लिए, सर्विक्स को हल्का हिट, उसका अंडाकार चेहरा आनंद से टेढ़ा। इसाबेला डेल्फिना के मुँह पर चढ़ी, सिसकियाँ 'म्म्फ्स' में दबीं जब डेल्फिना उत्सुकता से चाटी। मैटियो की ईर्ष्या उसके सहलाहट को ईंधन, लेकिन हम अनदेखा, एकता में खोए। डेल्फिना का चरम टूटा—बदन उछलता, चूत जंगली ऐंठन, चीखी 'झड़ रहीं हूँ!' इसाबेला में कंपित।
मैं पीछा किया, गर्म बीज गहरा पंप, उसकी दीवारें हर बूँद दूध ली। उलझन में गिरे, साँसें हाँफीं, भावनात्मक चरम उसकी विकास को सील। दर्द आनंद में बदला, उसका पतला बदन आफ्टरग्लो में काँपता, आँखें विजय से चमकती। फोरसम चरम पर, आग में बने बंधन। (Word count: 658)
हाँफते आफ्टरग्लो में, डेल्फिना इसाबेला और मेरे बीच सिमटी, मैटियो किनारे पर। उसका बदन चमकता, पतली वक्र शिथिल, जुनून तृप्त फिर भी आँखें सतर्क। 'मैंने अपना दिल वापस ले लिया,' उसने फुसफुसाया, मुझे गहरा चूमते। लेकिन मैटियो मुस्कुराया, फोन निकाला। 'शो का मज़ा आया? तेरी "लेयर पार्टीज़" की ये फोटोज़ बर्बाद कर देंगी जब तक...' सस्पेंस लटका, उसका विकास नई परीक्षा पर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डेल्फिना की कहानी में बदला कैसे होता है?
डेल्फिना पूर्व पति मैटियो को देखते हुए राफेल और इसाबेला के साथ ग्रुप सेक्स करती है, चूत चोदकर अपनी ताकत दिखाती है।
स्टोरी में कौन से सेक्स पोज़ीशन्स हैं?
काउगर्ल, मिशनरी, फेस सिटिंग और गांड फिंगरिंग जैसे उग्र पोज़ीशन्स से चरम सुख मिलते हैं।
कहानी का अंत क्या है?
चरम के बाद मैटियो फोटोज़ से धमकी देता है, सस्पेंस छोड़ता है।





