कैमिल का बुकरेश्ट उल्लंघन कंपन
ओपेरा के छायादार परिसर में, उसकी छेड़ ने एक खतरनाक जोड़ी जगा दी जो चुप न रह सके
कैमिल की फेस्ट लपटें: बेकाबू कंट्रोल
एपिसोड 5
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पहली बार जब मैंने बुकरेश्ट के उस ओपेरा हाउस में कैमिल ड्यूरांड को देखा, तो वो सिर्फ एक दर्शन नहीं थी—वो रेशमी सिल्क में लिपटी एक उकसावा थी। ग्रैंड हॉल के शानदार झूमरों से क्रिस्टल की रोशनी पॉलिश्ड मार्बल फर्शों पर टपक रही थी, एलीट भीड़ पर सुनहरी धुंध छा रही थी जो निचले, सभ्य स्वरों में बुदबुदा रही थी। हवा महंगे परफ्यूम्स, पुराने कॉग्नाक और वेलवेट अपहोल्स्ट्री के हल्के, बने हुए मस्क की मिली-जुली खुशबू से भरी थी। मैं इंस्टिंक्ट पर यहाँ आया था, उसकी मौजूदगी की अफवाहों से खींचा गया, मेरी पत्रकार की नाक स्कैंडल की खुशबू से सिहर रही थी, लेकिन कुछ भी मुझे उसके फैलाए कच्चे करंट के लिए तैयार न कर सका। उसका बबलगम पिंक बॉब झूमर की रोशनी को पकड़ रहा था जैसे कोई निषिद्ध सिग्नल, उसके कुंद सिरे उसकी पोर्सिलेन चेहरे को फ्रेम कर रहे थे जो कमरे की मद्धम शालीनता के खिलाफ विद्रोह चिल्ला रहा था। वो जेड ग्रीन आँखें, कटे हुए एमरल्ड जितनी तेज और अटल, भीड़ भरे परिसर के पार मेरी आँखों से टकराईं एक वादे के साथ जिसने मेरी नब्ज लड़खड़ा दी, मेरी नसों में अचानक बिजली की गड़गड़ाहट जो आसपास की विनम्र बातचीत को डुबो दी। मुझे हमारा पेरिस इंटरव्यू याद आ गया—उसकी हँसी शैंपेन के बुलबुलों जैसी, वो आगे झुकने का तरीका, उसके चूचियाँ मुझे घूरने को ललकार रही थीं, उसके शब्द इशारों से भरे जो मुझे दिनों तक कठोर और कुंठित छोड़ गए। निडर, हमेशा निडर, उसने अपनी उँगलियाँ अपनी शैंपेन फ्लूट की स्टेम पर घुमाईं, वो नाजुक स्पर्श धीमा और जानबूझकर, उसके मैनिक्योर्ड नाखून चमकते हुए ग्लास के तले को घेरते, किसी ज्यादा गहरे स्पर्श की नकल करते। उसके भरे होंठ उस आधे मुस्कान में मुड़े जो कह रहे थे कि वो बिलकुल जानती है वो मुझसे क्या कर रही है, जानती है मेरा शरीर...


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