आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम

ईर्ष्या की फुसफुसाहटें उलझी इच्छाओं की आधी रात की ज्वाला में बदल जाती हैं

A

Azar Ki Reshmi Kunjiyaan: Andheri Pyaason Ki

एपिसोड 4

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मैं पहाड़ी पर बने इस शानदार एस्टेट के ग्रैंड लाइब्रेरी में कदम रखा, जहां हवा पुराने चमड़े और चमकदार ओक की महक से भरी हुई थी। चांदनी ऊंची मेहराब वाली खिड़कियों से छनकर आ रही थी, जो छत तक फैली ऊंची किताबों की अलमारियों पर लंबी परछाइयां डाल रही थीं, जो चुपचाप पहरेदारों की तरह लग रही थीं। आज़ार जाफरी, ये चमकदार 20 साल की पारसी हसीना जो इस देर रात के प्रीव्यू की मेजबानी कर रही थी, सबके बीच खड़ी थी, उसके लंबे लहराते काले बाल उसके कांस्य रंग की पीठ पर ढीली लहरों में लहरा रहे थे, चांदी जैसी चमक पकड़ते हुए। वो हमेशा की तरह खुशमिजाज थी, उसके गहरे भूरे आंखें आशावादी ऊर्जा से चमक रही थीं, उसका एथलेटिक स्लिम बदन एक फिटेड एमरल्ड सिल्क ड्रेस में सहज ग्रेस के साथ हिल रहा था जो उसके 5'6" कद को चिपककर गले लगा रही थी और उसके मीडियम ब्रेस्ट्स को उभार रही थी।

धोखे की अफवाहों से भरा—ये अफवाहें कि एलियास वॉस, यानी मैं, और मीरा केन उसके पीठ पीछे साजिश रच रहे थे—आज़ार ने हमें एक एक्सक्लूसिव एस्टेट टूर के बहाने यहां बुलाया था। लेकिन मुझे बेहतर पता था। उसका न्योता एक टेस्ट था, उसकी हमेशा की पॉजिटिविटी में लिपटा एक शरारती चैलेंज। मीरा, वो तीखी जुबान वाली ब्लॉन्ड प्रतिद्वंद्वी जिसकी चुभती नीली आंखें और कर्वेस भरा बदन था, मुझसे ठीक पहले पहुंच चुकी थी, उसकी मौजूदगी पहले ही हवा में तनाव भर चुकी थी। आज़ार ने हम दोनों को गर्म गले लगाकर स्वागत किया, उसकी हंसी हल्की और मधुर थी, लेकिन मैंने उसके अंडाकार चेहरे पर अनिश्चितता की चमक पकड़ ली।

एस्टेट पहाड़ियों पर शानदार तरीके से खड़ी थी, इसका लाइब्रेरी वेलवेट आर्मचेयर्स, महोगनी साइडबोर्ड्स पर चमकते क्रिस्टल डेकैंटर्स और हमारी पदचापों को दबाते पारसी रग्स का शाही शरणस्थल था। आज़ार ने हमें पुराना व्हिस्की डाला, उसके उंगलियां मेरी उंगलियों से जानबूझकर रगड़ीं, जिससे मुझमें चिंगारी दौड़ गई। 'नई दोस्तियों के लिए,' उसने टोस्ट किया, उसकी आवाज झरने जैसी लेकिन इरादे से भरी। मीरा मुस्कुराई, एक शेल्फ से टिककर, उसकी रेड कॉकटेल ड्रेस उत्तेजक तरीके से चिपकी हुई। मुझे ईर्ष्या का करंट महसूस हुआ—मीरा के मेरी 'भटकती आंखों' पर ताने, मेरे उसके 'ध्यान खींचने की बेचारी कोशिशों' पर जवाब। आज़ार हमें देख रही थी, उसका आशावाद एक बीकन की तरह, हमें अपनी जाल में खींचता हुआ। घड़ी ने मध्यरात्रि बजाई, और कमरा अनकही इच्छाओं से धड़कने लगा, परछाइयां उलझे संगम के वादे फुसफुसा रही थीं।

आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम
आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम

जैसे ही व्हिस्की मेरी रगों को गर्म करने लगी, मैं एक प्लश वेलवेट आर्मचेयर में बैठ गया, आज़ार को लाइब्रेरी में एक चमकदार परी की तरह उड़ते-उड़ते देखता हुआ। उसकी ऊर्जा संक्रामक थी, उसकी खुशमिजाज बातें कमरे को भर रही थीं जबकि वो दुर्लभ फर्स्ट एडिशन्स और प्राचीन पारसी कहानियों वाले जटिल टेपेस्ट्रीज की ओर इशारा कर रही थी। 'ये एस्टेट सिर्फ पत्थर और किताबें नहीं है,' उसने कहा, उसके गहरे भूरे आंखें मेरी आंखों में जाकर अटक गईं, 'ये किस्मतों के उलझने का कैनवास है।' मीरा सामने की सेटी पर लेटी हुई थी, उसके ब्लॉन्ड लहरें बिखरी हुईं, पैर ऐसे क्रॉस किए कि मेरी नजर खुद-ब-खुद खिंच गई। ईर्ष्या उबल रही थी; मीरा हफ्तों से मेरे चारों ओर घूम रही थी, उसके फ्लर्टेशन बोल्ड, लेकिन आज़ार चांद थी उसके सूरज के मुकाबले—आशावादी, हमें दोनों को अपनी कक्षा में खींचती।

'सोचो तो दोनों अपनी आत्मा से अनचाही पहुंच गए,' आज़ार ने चिढ़ाया, धोखे के उसके डर का जिक्र करते हुए। उसने अफवाहें सुनी थीं: मीरा और मैं उसके एस्टेट बिड को कमजोर करने की साजिश रच रहे। मैं आगे झुका, जोरदार इनकार किया। 'आज़ार, तू इसकी जान है। मीरा तो बस... कॉम्पिटिटिव है।' मीरा ने तुरंत जवाब दिया, 'कॉम्पिटिटिव? प्लीज, एलियास, तू तो अंदर आते ही उसे आंखों से चोद रहा है।' आज़ार की हंसी उफान पर आ गई, हमें निहत्था कर दिया। 'ईर्ष्या तुम दोनों पर अच्छी लग रही है। क्यों लड़ें जब हम... एक्सप्लोर कर सकते हैं?' उसके शब्द भारी लटक गए, हवा तनाव से गाढ़ी हो गई। मेरा पल्स तेज हो गया, आज़ार के साथ चुराई नजरों की यादें लौट आईं—उसका एथलेटिक स्लिम बदन प्रीव्यूज के दौरान छिपे कोनों में मेरे खिलाफ दबा हुआ।

मीरा खड़ी हुई, किताबों की शेल्फ पर हाथ फेरते हुए करीब आई। 'एक्सप्लोर? जैसे तू मेरी पीठ पीछे एलियास को एक्सप्लोर कर रही है?' ताना लगा, लेकिन आज़ार ने आशावाद से जवाब दिया। 'कोई पीठ नहीं, मीरा। सामने, साइड—हम सब।' उसने और ड्रिंक्स डाले, उसके लंबे लहराते काले बाल लहराए, कांस्य रंग की त्वचा चैंडेलियर की नरम रोशनी में चमक रही। मैं हिला, उत्तेजना जागी जब उनकी आंखें मुझ पर लड़ रही थीं, फिर एकता की ओर नरम हुईं। लाइब्रेरी की भव्यता ने सब कुछ बढ़ा दिया: wrought-iron sconces से झिलमिलाती मोमबत्तियों की रोशनी, सेटलिंग लकड़ी की हल्की चरचराहट, दूर पहाड़ी हवा खिड़कियों को हिलाती। मेरे अंदर संघर्ष भड़क रहा था—आज़ार के प्रति वफादारी, मीरा से लालच—लेकिन आज़ार का खुशमिजाज इरादा मुझे खींच रहा था। 'छोड़ो ये दिखावा,' उसने कहा, हम दोनों के बीच आकर, उसकी जस्मीन की खुशबू नशे जैसी। तनाव स्प्रिंग की तरह लपेटा गया, ईर्ष्यापूर्ण ताने चार्ज्ड नजरों में बदल गए, हाथ जानबूझकर 'गलती से' रगड़े। मेरा दिमाग दौड़ रहा था: ये प्रीव्यू कोई टूर नहीं; ये सेडक्शन का प्रील्यूड था।

आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम
आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम

आज़ार का आशावाद गतिरोध तोड़ गया। उसने मीरा और मुझे एक विशाल ओक डेस्क की ओर खींचा जो लेदर-बाउंड टोम्स से भरा था, उसके हाथ अब बोल्ड। 'बस शब्दों का खेल खत्म,' उसने फुसफुसाया, उसकी सांस मेरे कान पर गर्म। उसके उंगलियां फुर्ती से उसकी एमरल्ड ड्रेस का जिपर खींची, वो उसके पैरों के पास जमा गई, उसके टॉपलेस बदन को उजागर करते हुए—मीडियम ब्रेस्ट्स चुस्त, निप्पल्स ठंडी लाइब्रेरी हवा में सख्त हो रहे। वो सिर्फ शीयर ब्लैक लेस पैंटी पहने थी जो उसके एथलेटिक स्लिम कूल्हों से चिपकी हुई। मीरा हांफी, फिर मुस्कुराई, अपनी रेड ड्रेस उतारकर मैच कर लिया, उसके भरे कर्व्स भी टॉपलेस, ब्लॉन्ड बाल जंगली।

मैं मंत्रमुग्ध देखता रहा जब आज़ार ने मीरा को करीब खींचा, उनके टॉपलेस बदन दबे—कांस्य सफेद के खिलाफ, मीडियम ब्रेस्ट्स नरम से मसले। 'देखो? साथ में बेहतर,' आज़ार ने खुशमिजाज फुसफुसाया, उसके गहरे भूरे आंखें चमक रही। उसके हाथ मीरा की पीठ पर घूमे, एक नरम हांफ से निकला। मैं आगे आया, शर्ट उतारकर, हाथों से आज़ार के ब्रेस्ट्स थामे, अंगूठे उसके सख्त निप्पल्स के चारों ओर घुमाए। वो सांसभरी सिसकारी भरी, 'म्म्म्, एलियास...', मेरी ओर अंगड़ाकर, उसके लंबे लहराते काले बाल फटाफट हिले। संवेदनाएं फटीं: उसकी कांस्य त्वचा मेरे हथेलियों तले रेशमी, गर्म और चुस्त उसके एथलेटिक बिल्ड से।

मीरा जुड़ी, आज़ार की गर्दन चूमते हुए जबकि मैंने उंगलियां उसके तनी पेट पर उतारीं लेस के किनारे तक। छेड़ते हुए, मैंने नीचे डाला, उसकी गीली गर्मी पाई। आज़ार सिसकी भरी, 'हां...', पैर थोड़े फैलाए। उसका आशावाद आग भड़का रहा था—'ये हम हैं, परफेक्टली उलझे।' फोरप्ले धीरे-धीरे बढ़ा: मेरा मुंह उसके निप्पल पर, हल्के चूसते, जीभ चटकाते जब वो जोर से हांफी, 'आह्ह्...'; मीरा के हाथ मेरी छाती पर, नाखून रगड़ते। आज़ार की आंतरिक चमक उसके सिसकारियों से झलक रही, बदन उत्साह से कांप रहा। लाइब्रेरी की परछाइयां हमारी त्वचा पर नाच रही, हर स्पर्श को ऊंचा कर रही—वेलवेट रग पैरों तले नरम, मोमबत्ती की रोशनी पसीने से चमकती कर्व्स को सजाती। तनाव चरम पर पहुंचा जब आज़ार ने हमें इकस्टसी के कगार पर धकेला, उसकी ऊर्जा असीम।

आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम
आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम

आज़ार ने हमें मोटी पारसी रग पर ले जाया, उसके खुशमिजाज आदेश अब डोमिनेंट। 'मीरा, पीठ के बल लेट,' उसने कहा, आवाज भारी। मीरा मान गई, पैर चौड़े फैलाए, ब्लॉन्ड बाल बिखरे। आज़ार उसके जांघों के बीच घुटनों पर, सभी चारों पैरों पर, उसका एथलेटिक स्लिम गांड ऊंचा, लंबे लहराते काले बाल लटकते। मैं आज़ार के पीछे घुटनों पर, लेकिन उसने मुझे पहले मीरा की ओर धकेला—नहीं, गर्मी ने मुझे देखने को खींचा जब आज़ार ने डुबकी लगाई, जीभ बाहर, मीरा की फैली चूत चाटते हुए। 'ओह फक, आज़ार!' मीरा चिल्लाई, आंखें बंद फड़फड़ातीं, मुंह खुला हांफता।

आज़ार की कांस्य त्वचा चमक रही, उसकी अपनी चूत खुली, विस्तृत होंठ फुले, रस टपकता जबकि वो कनिलिंगस कर रही। जीभ गहराई में घुसी, क्लिटोरिस के चारों ओर घूमी, लार चूत के रस से मिली। मीरा के सफेद नाखून रग में धंस गए, गांड करीब से दिखाई दे रही। उम्र का फर्क आग भड़का रहा था—मीरा बड़ी, आज़ार युवा एनर्जेटिक। मैं कराहा, खुद को सहलाते, फिर जॉइन किया: मेरी जीभ आज़ार की गांड पर ट्रेस, फिर नीचे फैली चूत पर। वो मीरा में कराही, 'म्म्म्फ़... एलियास...', कंपन मीरा को पार कर गया। तीव्र सुख बढ़ा—आज़ार के कूल्हे उछले, मेरी जीभ धक्के मारती, उसका मीठा अमृत चखती।

पोजीशन बदली: आज़ार अब पूरी तरह सभी चारों पैरों पर, मीरा उसके नीचे 69 में, यूरी पैशन फूटा। जीभें जोरों से काम कर रही—आज़ार की मीरा के क्लिटोरिस पर, मीरा की आज़ार की गांड और होंठों पर। लार लकीरें खींच रही, चूतें रस से चिकनी। मैं आज़ार के पीछे पोजिशन में, लंड उसके प्रवेश द्वार पर छेड़ता, लेकिन रुका, फोरप्ले को चरम पर पहुंचाने को। आज़ार पहले चरम पर पहुंची, बदन कांपता, 'आह्ह्ह! हां!' लहरें उसके एथलेटिक फ्रेम से टकराईं, कांस्य त्वचा लाल। मीरा पीछे, चीखें आज़ार की जांघ में दबीं। मेरा अपना रिलीज बन रहा था, लेकिन मैं पीछे हटा, स्वाद लेता।

आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम
आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम

लाइब्रेरी ने हर चाट, हर हांफ को बढ़ाया—सिसकारियां अलमारियों से गूंजीं: आज़ार की सांसभरी 'और...', मीरा की गहरी 'फक...'. संवेदनाएं हावी: आज़ार की चूत मेरी घुसती जीभ के चारों ओर सिकुड़ती, गर्म, मखमली; उसके आशावादी सिसकारियां जंगली। भावनात्मक गहराई उफानी—ईर्ष्या साझा आनंद में पिघली, आज़ार की ऊर्जा हमें बांध रही। हम लोटे, पोजीशन्स फ्लुइड: अब मीरा सभी चारों पैरों पर, आज़ार नीचे ऊपर चाटती, मैं चुम्बनों को अल्टरनेट करता। सुख परतें बनीं, चरम लहराए—आज़ार का दूसरा ऑर्गेज्म मीरा की जीभ से, बदन ऐंठा, गहरे भूरे आंखें उलट गईं। विस्तृत एनाटॉमी धड़क रही: क्लिट्स फुले, होंठ फैले, रस बहता। ये पहला सीन खिंचा, बदन मौखिक उन्माद में उलझे, थकान के कगार पर बनता।

हम रग पर उलझकर गिर पड़े, सांसें उखड़ीं, बदन चिकने। आज़ार मीरा और मेरे बीच सिमटी, उसका सिर मेरी छाती पर, लंबे लहराते काले बाल बिखरे। 'वो... कमाल था,' उसने खुशमिजाज फुसफुसाया, आशावाद बरकरार। उसके गहरे भूरे आंखें मेरी आंखों से मिलीं, अब कोमल। 'कोई डर नहीं, एलियास। हम साथ हैं।' मीरा ने आज़ार की बांह सहलाई, ईर्ष्या स्नेह में नरम। 'तू सही कह रही। उलझे, लेकिन परफेक्ट।'

बातें अंतरंग बहीं: मैंने कबूल किया, 'मैंने कभी धोखा नहीं दिया, आज़ार। मीरा की आग ने बस... तेरी आग को पूरक बनाया।' आज़ार हंसी, मेरी जबड़े पर चूमा। 'मुझे पता था। ये साबित करता है।' कोमल पल रुके—उंगलियां उलझीं, नरम स्पर्श पसीने से भीगी त्वचा पर। लाइब्रेरी की गर्मी ने हमें लपेटा, मोमबत्तियां नीचे झुक रही। आज़ार की ऊर्जा धीरे जली, उसका एथलेटिक स्लिम बदन करीब सिकुड़ा, और वादा करता। भावनात्मक कनेक्शन गहरा हुआ, धोखे के डर भरोसे में बदल गए।

आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम
आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम

आज़ार का आशावाद फिर भड़का। 'अब मेरी बारी चमकने की,' उसने गरजकर कहा, डेस्क पर पीठ के बल लेटी, पैर चौड़े फैलाए, ऊपर से सेडक्टिव नजर। मैं उसके जांघों के बीच पोजिशन में, मेरा बड़ा लंड पूरी तरह गहराई में धक्का मारता और पूरी तरह बाहर, पिस्टन स्पीड पर। उसकी चूत टाइट पकड़ रही, विस्तृत दीवारें मुझे दूध रही। 'ओह गॉड, एलियास! और जोर से!' वो सिसकारी भरी, उसके अंडाकार चेहरे पर हल्की मुस्कान, गहरे भूरे आंखें तीव्र नजर।

उग्र चुदाई ने उसे हिला दिया—कूल्हे उछलते, मीडियम ब्रेस्ट्स हर धक्के से जंगली उछलते। बदन आगे झटके खाता, कांस्य त्वचा लहराती, एथलेटिक स्लिम फ्रेम जोर सोखता। सुख ने डुबो दिया: 'म्म्म्फ़... हां!' हांफें बढ़तीं। मीरा देख रही, फिर जॉइन की, आज़ार को गहराई से चूमा, हाथ उसके उछलते ब्रेस्ट्स पर। सिनेमैटिक तीव्रता बनी—मेरे दिमाग में कैमरा जैसा स्वीप, उसके मरोड़ते बदन के चारों ओर, डेप्थ ऑफ फील्ड अलमारियां धुंधली।

पोजीशन बदली: मैंने उसके पैर कंधों पर उठाए, गहराई से पीटा, क्लिट मेरे बेस से रगड़ता। आज़ार विस्फोटक चरम पर, 'आह्ह्ह्ह! कमिंग!' चूत ऐंठी, रस छूटा। मैं रुका नहीं, उसके जरिए धक्के मारता, उसकी सेडक्टिव नजर न टूटी। मीरा उसके चेहरे पर सवार, आज़ार बेचैनी से चाटती सिसकारियों के बीच। संवेदनाएं हावी: उसकी गर्म, चिकनी गहराई धड़कती; ब्रेस्ट्स मेरी नजर तले हांफते; उसके आशावादी चीखों में भावनात्मक नजदीकी।

आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम
आज़ार की उलझी मध्यरात्रि संगम

हम रग पर डॉगी में शिफ्ट—मीरा नीचे मेरी बॉल्स चाटती जबकि मैं आज़ार को पीट रहा। ब्रेस्ट्स लोलारहित लटक रही, गांड की गालें टकराहटों से लहरा रही। 'मुझे हमेशा चोद!' आज़ार गिड़गिड़ाई, ऊर्जा असीम। दूसरा ऑर्गेज्म बिजली की तरह मारा, बदन ऐंठा, सिसकारियां चरम पर: 'हांsss!'. मैं आखिरकार फूटा, उसे गहराई से भरा, कराहें मिलीं। आफ्टरशॉक्स हमें कांपाए, पोजीशन्स फ्लुइड—अब साइडवेज, धीमी ग्राइंड्स आनंद लंबा खींचती। लाइब्रेरी की परछाइयां हमारी युनियन को फ्रेम कर रही, हर धक्का उसके सुख को गूंजा रहा, ईर्ष्या इकस्टेटिक संगम में पूरी तरह साफ।

आफ्टरग्लो गर्म कंबल की तरह उतरा। आज़ार मेरे खिलाफ सिमटी, मीरा उसके दूसरी तरफ, बदन उलझे। 'वो संगम... जादुई,' आज़ार ने आशावादी सांस भरी, हमें दोनों चूमा। भावनात्मक पेमेंट लगा—उसके डर भगाए, बोल्डनेस पक्की। हमने स्नेह फुसफुसाए, हाथ आलसी सहलाते।

अचानक, लाइब्रेरी का दरवाजा चरमराया। थियो फट पड़ा, आंखें फैलीं बर्बादी पर। 'क्या ये—? फाइनल एस्टेट रिचुअल के लिए परफेक्ट टाइमिंग,' उसने घोषित किया, मुस्कान भयावह। सस्पेंस लटका: कौन सा रिचुअल? आज़ार की आंखें फैलीं, हुक सेट फॉर कैओस।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज़ार की स्टोरी में त्रिगुट कैसे शुरू होता है?

ईर्ष्या की अफवाहों से लाइब्रेरी में मीरा और एलियास के साथ आज़ार टॉपलेस हो जाती है और मौखिक फोरप्ले शुरू कर देती है।

स्टोरी में कौन सी पोजीशन्स हैं?

69, डॉगी, मिशनरी पिस्टनिंग और साइडवेज ग्राइंड्स के साथ तीव्र चुदाई और मल्टीपल ऑर्गेज्म्स।

कहानी का अंत क्या है?

चुदाई के बाद थियो का अचानक आना, फाइनल रिचुअल का सस्पेंस छोड़ता है।

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Azar Ki Reshmi Kunjiyaan: Andheri Pyaason Ki

Azar Jafari

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