अबिगेल की आधी रात की वेन्यू वाइन टेस्टिंग लालसा
वाइन भिगी बेलें राज़ फुसफुसाती हैं जब सहानुभूति निषिद्ध आग जला देती है
क्यूबेक की संध्या में अबिगेल की फुसफुसाई शपथें
एपिसोड 2
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क्यूबेक के वाइनयार्ड इलाके की लहराती पहाड़ियों पर चाँद नीचे लटका था, पुराने खलिहान पर चाँदी जैसी चमक बिखेरता हुआ, जो क्लारा और मार्क की शादी से पहले वाली वाइन टेस्टिंग का वेन्यू था। अबिगेल ओउलेट ठीक आधी रात को पहुँची, उसकी लिलाक फिशटेल चोटी उसके शहद जैसे रंग की त्वचा से हल्के से झूल रही थी। बीस साल की उम्र में, हेज़ल आँखों वाली ये पतली कनाडियन हसीना अंडाकार चेहरे के साथ इतनी दयालु थी कि लोग खुद-ब-खुद खिंचे चले आते, उसकी सहानुभूतिपूर्ण स्वभाव उसे दोस्तों की शादी की घबराहट के लिए परफेक्ट भरोसेमंद दोस्त बनाता। सफेद सनड्रेस में लिपटी हुई, जो उसके एथलेटिक स्लिम बदन और मीडियम बूब्स को चिपककर लपेटे हुए थी, वो खलिहान के देहाती अंदरूनी हिस्से में कदम रखी, जहाँ ऊपर लकड़ी की बालियाँ तनी हुई थीं और लंबी मेज़ों पर गहरे रेड्स और कुरकुरे व्हाइट्स की बोतलें लदी हुई कराह रही थीं।
कलारा मोरो, होने वाली दुल्हन, टेस्टिंग बार के पास टहल रही थी, उसके काले कर्ल बिखरे हुए, गाल वाइन से ज़्यादा से लाल। मार्क लेफेब्रे, उसका दूल्हा, एक बैरल से टेक लगाए खड़ा था, उसके चौड़े कंधे तने हुए, उंगलियों से गिलास लटक रहा। हवा में किण्वित अंगूरों और पुरानी ओक की महक भरी हुई थी, अबिगेल के परफ्यूम की हल्की फूलों वाली खुशबू से मिली हुई। 'अबिगेल, शुक्र है तू आ गई,' क्लारा ने साँस भरते हुए कहा, उसे गले लगा लिया। 'मार्क और मैं... फिर झगड़ रहे हैं। शादी का स्ट्रेस, जानती ना?' अबिगेल का दिल उनके लिए दुखी हो गया; वो उनकी नाराज़गी के नीचे छिपे जुनून को महसूस कर सकती थी, क्लारा की नज़रें मार्क के होंठों पर ठहरती हुईं, मार्क की नज़र क्लारा की कर्व्स पर भटकती हुई।
जब अबिगेल ने उनके लिए हरेक को वेलवेटी कैबरनेट का गिलास भरा, तो उसे लगा रात का जादू उनके चारों तरफ बुना जा रहा था। खलिहान की खिड़कियाँ वाइनयार्ड की अनंत कतारों को फ्रेम कर रही थीं, छायाएँ चाँदनी में प्रेमियों की तरह नाच रही थीं। उसकी अपनी नब्ज़ तेज हो गई, अपने पहले अफेयर की बिजली जैसी उत्तेजना याद आ गई, लेकिन ये अलग था—गहरा, सहानुभूति से उलझा हुआ। वो उनका दर्द कम करना चाहती थी, अपनी कोमल स्पर्श से उनके बीच का फासला पाटना। 'चलो इसे ठीक से टेस्ट करते हैं,' उसने बुदबुदाया, आवाज़ नरम, आँखें अनकही वादे से चमकती हुईं। वाइन ने उसके गले को गर्म किया, बंधनों को ढीला कर दिया, और जैसे हँसी उफान पर आ गई, अबिगेल सोचने लगी कि कहीं रात की लालसाएँ अनियंत्रित जंगलीपन में न बह जाएँ। हवा में संभावनाओं की गूँज थी, चाँद उनके पहले साझा घूँट का गवाह बन रहा था, बदन मद्धम रोशनी में धीरे-धीरे करीब सरक रहे थे।


अबिगेल ने गिलास में गहरे गुलाबी वाइन को घुमाया, उसके लेग्स धीरे-धीरे साइड्स पर नीचे सरक रहे थे जैसे छेड़ते उंगलियाँ। क्लारा घास भरे बेंच पर धम्म से बैठ गई, उसकी शादी का गाउन सैंपल पास में लटका भूल गया गर्मी के पल में। 'सब कुछ इकट्ठा हो गया है बस,' क्लारा ने कबूल किया, आवाज़ टूटते हुए। 'वेन्यू, मेहमान, मार्क का परिवार परफेक्शन की उम्मीद कर रहा।' मार्क ने सिर हिलाया, गर्दन मलते हुए, आँखें नाराज़गी से काली लेकिन अबिगेल की सहानुभूतिपूर्ण नज़र से मुलाकात होते ही नरम। 'वो सही कह रही। मैं उसे प्यार करता हूँ, लेकिन आज रात... पता नहीं।' अबिगेल उनके बीच बैठ गई, उसका पतला बदन एक पुल, हाथ पहले क्लारा के घुटने पर हल्का, फिर मार्क की जाँघ पर—मासूम सांत्वनाएँ जो हवा में हल्की चिंगारियाँ बिखेर गईं।
'और बताओ,' अबिगेल ने उकसाया, हेज़ल आँखें सच्ची फिक्र से चौड़ी। उसने रिफिल भरे, लिक्विड हल्का गुलगुलाते हुए, और वो कहानियों में डूब गए: क्लारा का शादी में खुद को खोने का डर, मार्क का क्यूबेक की परंपरागत जड़ों से दबाव। वाइन खुलकर बही, जीभें और अंग ढीले पड़ गए। अबिगेल मार्क के मज़ाक पर हँसी उसकी माँ की अंतहीन आलोचना पर, उसकी लिलाक चोटी क्लारा की बाँह से रगड़ी, एक सिहरन पैदा कर दी। खलिहान के लालटेन झिलमिलाए, उनके चेहरों पर सुनहरी रोशनी की पूल बिखेरीं, दूर कहीं उल्लू की आवाज़ ने अंतरंगता को रेखांकित किया।
जैसे गिलास खाली हुए, तनाव छेड़खानी में बदल गया। मार्क का हाथ बोतल लेते हुए अबिगेल के हाथ से रगड़ा, ज़्यादा देर ठहर गया। 'तू चमत्कार वाली है, आबि,' उसने कहा, आवाज़ भारी। क्लारा झुकी, उसकी साँस वाइन-मीठी अबिगेल के कान पर। 'हाँ, तू ये कैसे करती है? हमें फिर से... ज़िंदा महसूस करा देती है?' अबिगेल के गाल गर्म हो गए, उसकी सहानुभूति बिजली जैसी चीज़ में बदल गई। वो महसूस कर रही थी उनकी नज़रें उस पर—क्लारा की सराहना भरी नज़र उसके सनड्रेस में लिपटे कर्व्स पर, मार्क की भूखी नज़र उसके होंठों पर। बाहर वाइनयार्ड हल्का सरसराया, लेकिन अंदर हवा अनकही चाहत से गाढ़ी हो गई। अबिगेल का दिमाग दौड़ा: उसकी दयालुता ने हमेशा दिल जोड़े, लेकिन आज रात वो उन्हें बेहोशी तक उलझा सकती थी।


वो चीज़ों और फलों से लदी बड़ी मेज़ पर शिफ्ट हुए, बदन अब करीब। क्लारा ने अबिगेल को अंगूर खिलाया, उंगलियाँ होंठों से रगड़ीं, आँखें गर्मी से भरी पल में जमीं। मार्क देखता रहा, उसका तनाव उत्तेजना में बदल गया। 'हमारे लिए,' अबिगेल ने टोस्ट किया, गिलास ठोकते हुए, आवाज़ सुलगती बुदबुदाहट। वाइन उसकी रगों में गूँज रही, हर नज़र, हर गलती से स्पर्श को बढ़ा रही। वो महसूस कर रही थी वो कगार जिस पर वो डगमगा रहे थे, उसकी सहानुभूतिपूर्ण रूह जोखिम से रोमांचित—दुल्हन और दूल्हा, उसके दोस्त, चाँदनी वाले खलिहान की नज़रों तले लकीरें पार करने को तैयार। जो सांत्वना से शुरू हुआ था वो लालसा के तूफान में बदल रहा था।
वाइन की गर्मी अबिगेल में तरल आग की तरह फैली, उसके बंधन पिघलते चले गए जब क्लारा का हाथ मेज़ के नीचे उसकी जाँघ पर ऊपर सरका। 'तू हमेशा हमसे इतनी अच्छी रही,' क्लारा ने बुदबुदाया, होंठ अबिगेल के इंचों दूर। मार्क दूसरी तरफ से झुका, साँस उसके गले पर गर्म। अबिगेल का दिल धड़का, उसकी सहानुभूतिपूर्ण स्वभाव उन्हें चक्रवात में खींच रही। वो पहले क्लारा की तरफ मुड़ी, उनके होंठ नरम, खोजी चुम्बन में मिले—वाइन के स्वाद वाले और संकोची, फिर गहरा हो गया जब क्लारा की जीभ अंदर सरक गई।
अबिगेल के सनड्रेस के स्ट्रैप्स उसके कंधों से फिसल गए, शहद जैसी त्वचा और मीडियम चूचियाँ नंगी हो गईं, निप्पल्स खलिहान की ठंडी हवा में सख्त। क्लारा के हाथों ने उन्हें कोमलता से थामा, अंगूठे चोटियों के चारों तरफ घुमाए, अबिगेल से सिसकारी खींची। 'भगवान, तू कितनी हसीन है,' क्लारा ने फुसफुसाया, चुम्बन तोड़कर अबिगेल के गले पर होंठ उतारे। मार्क देखता रहा मंत्रमुग्ध, फिर शामिल हुआ, अपना मुँह अबिगेल के दावा किया जबकि क्लारा नीचे ध्यान दे रही। अबिगेल तनी, संवेदनाएँ खिलीं—क्लारा का नरम मुँह एक निप्पल चूसता हुआ, मार्क का दाढ़ी वाला चेहरा उसके जबड़े से रगड़ता।


उंगलियाँ उसकी लिलाक चोटी में उलझीं, उसे लहरों में ढीला कर दिया। अबिगेल के हाथ घूमे, मार्क की शर्ट के बटन खोले उसके मसल्ड चेस्ट को महसूस करने को, फिर क्लारा का स्कर्ट ऊपर चढ़ाया लेसी वाली जाँघों को सहलाने को। फोरप्ले धीरे-धीरे बना, बदन बेंच पर करीब दबे। क्लारा अब ऊपर से नंगी अबिगेल की गोद में सवार, अपनी भरी चूचियाँ अबिगेल की रगड़ती, धीरे पीसती। 'महसूस कर कितनी गीली तू मुझे बना देती है,' क्लारा ने साँस भरी, अबिगेल का हाथ अपनी टाँगों के बीच ले जाकर। अबिगेल हल्का सिसकी, उंगलियाँ कपड़े से छेड़तीं।
मार्क घुटनों पर आया, अबिगेल की अंदरूनी जाँघों को चूमता, ड्रेस ऊपर सरकाता। उसकी पैंटी गीली हो गई, उत्सुकता कसी हुई। वो पहले झड़ी डुअल हमले से—क्लारा के निप्पल काटने और मार्क की साँस उसके चूत पर—लहरें उसके पतले बदन से टकराईं, काँपते छोड़ दिया। 'और,' वो सिसकी, हेज़ल आँखें धुंधली। खलिहान की छायाएँ उन्हें लपेटीं, टेस्टिंग भूल गई इस छेड़छाड़ और बढ़ती ज़रूरत की धुंध में।
अबिगेल की दुनिया बदनों के दबाव तक सिमट गई, उसकी सहानुभूति निडर समर्पण को ईंधन दे रही। क्लारा ने अबिगेल की पैंटी उतारी, उसके चिपचिपे होंठ नंगे कर दिए, जबकि मार्क ने अपने कपड़े उतारे, उसका मोटा लंड बाहर उछल आया। अबिगेल घास से ढकी मेज़ पर पीठ के बल लेटी, टाँगें खुली आमंत्रित। क्लारा पहले गोता लगाई, जीभ अबिगेल की क्लिट पर उत्साही चाटों से, उंगलियाँ गहराई में धँसीं। 'म्म्म, कितनी मीठी,' क्लारा सिसकी, कंपन अबिगेल में झटके भेजते। मार्क ने अपना लंड अबिगेल के मुँह पर रखा, और उसने उत्सुकता से चूसा, गाल धँसाए, जीभ सिरे पर घुमाई।


संवेदनाएँ हावी: क्लारा का मुँह उसकी चूत खाता हुआ, दो उंगलियाँ जी-स्पॉट पर मुड़ीं, दबाव बनातीं। अबिगेल की कूल्हे उछलीं, सिसकियाँ मार्क के लंड के चारों तरफ दबीं—'आह्ह... हाँ...'—जब उसने उसे गले तक लिया, लार टपकती। क्लारा का खाली हाथ अबिगेल का निप्पल चिमटा, आग को तेज़। बदलाव सहज आया; अबिगेल ज़ोर से झड़ी, दीवारें क्लारा की उंगलियों को कसीं, रस उसके मुँह में उफान पर। 'ओह गॉड, क्लारा!' अबिगेल चीखी, बदन काँपता।
वो फिर से पोज़िशन बदले, अबिगेल चारों तरफ। मार्क ने पीछे से घुसेड़ा, उसकी मोटाई उसे स्वादिष्ट खींचा, धीमे धक्के ज़ोरदार ठुकाई में। 'फक, कितनी टाइट है तू,' वो कराहा। क्लारा उसके आगे घुटनों पर, चूत अबिगेल के चेहरे पर पीसती। अबिगेल भूखे से चाटी, जीभ क्लारा की गीलापन में घुसकर, उसका रस चखा। क्लारा की सिसकियाँ खलिहान भर गईं—'हाँ, आबि, वहीँ...'—जब वो उसके मुँह पर सवार हुई। मार्क के हाथ अबिगेल के कूल्हों को पकड़े, गहरा ठोकते, बॉल्स उसकी क्लिट से टकराते।
मज़ा तीव्र परतों में: मार्क का लंड उसकी सर्विक्स से टकराता, क्लारा की जाँघें उसके कानों के चारों तरफ काँपतीं। अबिगेल की दूसरी झड़ी फट पड़ी, चूत मार्क के चारों तरफ ऐंठी, उसे दूधती। वो बाहर निकला, उसकी पीठ पर गर्म झटके मारे। क्लारा अगली झड़ी, अपना रिलीज़ अबिगेल के मुँह में उड़ेला। वो थोड़ी देर ढेर हुए, साँसें उखड़ीं, लेकिन अबिगेल की हेज़ल आँखें और चाहतीं, उसका दयालु दिल अब साझा बेहोशी से जंगली। मेज़ उनके वज़न से चरमराई, वाइन बोतलें खनकाईं, चाँद हर धक्के और चीख का गवाह।


पसीने से चिपचिपे और पल भर तृप्त, तिकड़ी अलग हुई, लालटेन की रोशनी में कोमल मुस्कानें बाँटीं। अबिगेल क्लारा और मार्क के बीच बेंच पर सिमटी, सिर क्लारा के कंधे पर, मार्क का हाथ उसकी कमर पर। 'वो था... कमाल का,' क्लारा ने फुसफुसाया, उंगलियाँ अबिगेल की लिलाक लहरों पर। 'तूने आज रात हमें ठीक कर दिया।' मार्क ने अबिगेल के माथे को चूमा। 'हाँ, हमारी छोटी सहानुभूतिवाली। अब कोई तनाव नहीं।'
वो पास के जग से पानी पिए, हँसी नरम और अंतरंग। अबिगेल को गहरा कनेक्शन महसूस हुआ, उसकी दयालुता गहरे बंधनों में खिली। 'मैं बस तुम्हें खुश देखना चाहती थी,' वो शरमाते हुए बोली, हेज़ल आँखें चमकतीं। क्लारा ने उसका चेहरा थामा। 'तूने उससे कहीं ज़्यादा किया।' मार्क ने सिर हिलाया, नज़रों में असुरक्षा। वाइनयार्ड की रात की हवा खुली खिड़कियों से उनकी त्वचा को ठंडक दे रही, इच्छाओं के फिर भड़कने से पहले का छोटा विराम।
कोयले फिर भड़के जब क्लारा ने अबिगेल को अपनी गोद में खींचा, उनकी चूचियाँ एक-दूसरे से दबीं। मार्क पीछे खड़ा, अबिगेल के कूल्हे उठाए। वो क्लारा के स्ट्रैप-ऑन पर उतरी—छिपे शादी के बैग से निकाला—सिसकते हुए जब वो उसे भर दिया। 'मुझे सवारी कर, आबि,' क्लारा ने उकसाया, हाथ उसकी गांड पर। अबिगेल उछली, क्लिट क्लारा के बेस से पीसती, जबकि मार्क ने अपना फिर सख्त लंड उसके मुँह में डाला।


लय तेज हुई: अबिगेल का पतला बदन लहराता, चूत खिलौने को कसती, मुँह मार्क को गीला चूसता। क्लारा ने ऊपर ठोका, गहरा मारा, उसका अपना रस टपकता। 'ज़ोर से,' अबिगेल मार्क के चारों तरफ सिसकी, जिसने उसके चेहरे को धीरे चोदा। वो बदले—अबिगेल पीठ के बल, टाँगें मार्क के कंधों पर जब वो मिशनरी स्टाइल में ठोका, लंड बेरहम पिस्टन। क्लारा उल्टा उसके चेहरे पर सवार, चूत जीभ को दबाती।
संवेदनाएँ चरम पर: मार्क के धक्के उसके केंद्र को हिलाते, क्लारा का रस उसके ठुड्डी पर। अबिगेल की झड़ी ज्वालामुखी की तरह बनी, पैर की उंगलियाँ मुड़ीं। 'मैं... झड़ रही हूँ!' वो चिल्लाई, दीवारें ऐंठीं, हल्का स्क्वर्ट मार्क पर। वो पीछा किया, उसे धड़कते गर्मी से भरा। क्लारा पीसकर झड़ी, जाँघें अबिगेल के सिर को जकड़ा, चीखें गूँजीं—'हाँ, हाँ!' बदन एक साथ काँपे, अबिगेल की सहानुभूति अब उनके सामूहिक रिलीज़ का रास्ता।
चरम के बाद, वो जुड़े रहे, मार्क अभी भी गहरा दफन, क्लारा अबिगेल को गहरा चूमती। खलिहान सेक्स और वाइन की महक आ रही, चाँदनी उनके उलझे बदनों को सजाती। अबिगेल का दिमाग तृप्ति से घूम रहा, उसकी निडरता पक्की, फिर भी जोखिम का रोमांच बाकी—क्या कोई देख ले?
बाकी चमक में, वो लापरवाह कपड़े पहने, फुसफुसाहटें और हँसी बाँटीं। मैरी डुवाल, क्लारा की कजिन, झाँका, आँखें फैलीं बिखरे दृश्य पर फिर उत्सुकता से फिसल गई, होंठों पर राज़ वाली मुस्कान। अबिगेल का दिल धड़का—देख लिया गया, लेकिन रोमांच और बढ़ा।
जब क्लारा और मार्क हवा लेने बेलों पर निकले, ल्यूक, मार्क का बेस्ट मैन, ने दरवाजे पर अबिगेल को घेर लिया। लंबा और उदास, उसकी आँखें उसके बदन को नापीं, जाँघ से झाँकते गार्टर पर ठहरीं—दुल्हन का राज़ वाला टोकन। 'कुछ आवाज़ें सुनीं,' वो गुर्राया, आवाज़ नीची। 'ये क्या छिपा रखा है?' अबिगेल की नब्ज़ दौड़ी, सहानुभूति नई भूख से लड़ती, रात की लालसाएँ अभी खत्म न हुईं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अबिगेल की कहानी में क्या मुख्य सेक्स सीन हैं?
तिकड़ी चुदाई, चूत चाटना, लंड चूसना, डॉगी स्टाइल ठुकाई और स्ट्रैप-ऑन सवारी। सब explicit और जंगली।
ये स्टोरी किसके लिए बेस्ट है?
20-30 साल के हिंदी वाले लड़कों के लिए, जो हॉट इरोटिका पढ़ना चाहते हैं। अनौपचारिक भाषा में।
कहानी का अंत क्या है?
ल्यूक अबिगेल को घेरता है, रात की लालसा जारी रहती है। और मज़ा बाकी।





