क्लोई का खोलते हुए दांव खुला

चेकमेट की गर्मी में, रानी अपना असली इनाम ले लेती है।

क्लोई का प्यादा पैशन की गद्दी तक

एपिसोड 1

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क्लब की लाइट्स के नीचे शतरंज बोर्ड चमक रहा था, प्यादा और राजा रणनीति में जमा हुए। लेकिन वो थी—क्लोई, उस चालाक मुस्कान और नीले-धूसर आंखों वाली—जिसने मुझे कैद कर लिया। उसके उंगलियां टुकड़ों पर नाच रही थीं प्रेमी के स्पर्श की तरह, मेरी घमंडी रक्षा को निष्क्रिय कर रही। मुझे पता न था, असली खेल तो अभी शुरू हो रहा था, जो लॉकर रूम में अंगों की उलझन और सांसें थम जाने वाले समर्पण में खत्म होगा।

ऑक्सफोर्ड का कम्युनिटी चेस क्लब पॉलिश्ड लकड़ी और बासी कॉफी की महक से भरा था, वो जगह जहां महत्वाकांक्षाएं फ्लोरेसेंट लाइट्स के नीचे चुपचाप सुलग रही होतीं। मैं घुसा, फिन हार्लो, पच्चीस साल का प्रोडिजी जिसके बारे में सब फुसफुसाते, लोकल्स को कुचलने को तैयार। तभी वो दिखी—क्लोई बेनेट, एक पुरानी शतरंज बोर्ड को झाड़ रही जैसे दूसरी जिंदगी का अवशेष हो। उसके हल्के भूरे लहराते बाल कंधों पर लुढ़क रहे थे, उन नीले-धूसर आंखों को फ्रेम करते जो शोक से कहीं ज्यादा तेज चमक रही थीं।

क्लोई का खोलते हुए दांव खुला
क्लोई का खोलते हुए दांव खुला

बाद में पता चला, वो कोप करने आई थी, उसके पिता का बोर्ड उसके जाने के बाद इकलौता सहारा। लेकिन उसके स्टांस में कोई नाजुकता न थी जब वो टुकड़े सेट कर रही। चतुर, आकर्षक, परिष्कृत—यूं लगी, उस पतली बॉडी में सफेद ब्लाउज और पेंसिल स्कर्ट जो सही जगहों पर चिपकी। हमारी नजरें कमरे में मिलीं, और उसने भौंह उठाई। 'गेम खेलोगे, हॉटशॉट? या सिर्फ बातें?'

मैं मुस्कुराया, उसके सामने वाली सीट पर सरक गया। 'डार्लिंग, मैं तो पूरी बातचीत हूं।' टूर्नामेंट के आसपास भिनभिनाहट थी, लेकिन सब सिमट गया हम दोनों तक, उसके उंगलियां सफेद रानी पर ठहरते हुए ई4 से ओपनिंग। मेरी सिसिलियन डिफेंस ने उसकी नजर पकड़ी—साहसी, अडिग। उसने चालाक मुस्कान से जवाब दिया। 'पार्टिक्यूलर। जैसे लड़का जो खुद को मर्द समझे।' उसकी बातें मेरे अहं को चीर रही थीं, हर चाल उस ब्रिटिश लहजे से लिपटी, किसी दांव से ज्यादा मुझे निष्क्रिय कर रही। दसवीं चाल तक तनाव चटकने को तैयार; उसकी फ्रेकल्ड गोरी स्किन लाइट्स के नीचे हल्की लाल हो गई। मैं झुका, टेबल के नीचे घुटने छुए। 'तू आग से खेल रही है, क्लोई।' वो हंसी, नरम और जानकार। 'अच्छा। मुझे गर्मी चाहिए।' मैच लंबा खिंचा, उसकी परिष्कृतता ने मेरी घमंड को चाल दर चाल उधेड़ा, आखिरी प्यादा गिरा। चेकमेट। वो जीत गई।

क्लोई का खोलते हुए दांव खुला
क्लोई का खोलते हुए दांव खुला

तालियां थम गईं जब क्लोई खड़ी हुई, जीत उन नीले-धूसर आंखों में चमक रही। लेकिन हैंडशेक की जगह, उसने लॉकर रूम का दरवाजा दिखाया। 'फिन, एक बात?' उसकी आवाज गहरी, परिष्कृत किनारे वाली, मुझे चुंबक की तरह खींच रही। मैं पीछे-पीछे गया, दिल धड़कता, दरवाजा क्लिक बंद हो गया डिम टाइल्ड स्पेस में—दीवारों पर लॉकर, टपकते नल की हल्की गूंज।

वो मुड़ी, लॉकर से पीठ टिकाई, पतली बॉडी इतनी मुड़ी कि मेरी सांस अटक गई। 'तूने अच्छा खेला,' वो बुदबुदाई, उंगलियां ब्लाउज का ऊपरी बटन खोलते। 'लेकिन हार तुझे सूट करती है।' फैब्रिक धीरे खुला, छाती की गोरी फ्रेकल्ड स्किन दिखी, हर सांस से उभरती। मैं करीब आया, कमर पर हाथ, स्कर्ट से गर्मी महसूस। उसने ब्लाउज पूरी उतार फेंका, पैरों पर गिरा, 32बी चुचियां नंगी, ठंडी हवा में निप्पल सख्त, परफेक्ट शेप में छूने को तड़पतीं।

क्लोई का खोलते हुए दांव खुला
क्लोई का खोलते हुए दांव खुला

मेरा मुंह पहले उसकी गर्दन पर पड़ा, नमक और जीत का स्वाद। वो हांफी, उंगलियां मेरे बालों में उलझीं, नीचे खींचा। 'वहां मत रुको,' वो फुसफुसाई, अभी भी चतुर। उसके हाथ मेरी छाती पर घूमे, शर्ट के बटन खोले जब बॉडी मेरी में दबी, वो छोटी चुचियां मेरी स्किन से रगड़ खा रही। तनाव कस गया, पेंसिल स्कर्ट जांघों पर चढ़ी, ब्लैक लेसी पैंटी झांक रही जब उसने एक टांग मुझमें अटकाई। हमने किस किया—गहरा, भूखा—उसकी जीभ उसके ओपनिंग दांव की तरह छेड़ रही। आंखों में शोक बाकी, लेकिन इच्छा ज्यादा जली, पतली बॉडी जरूरत से कांप रही। मैंने चुचियां थाम लीं, अंगूठे सख्त निप्पल्स के चारों ओर घुमाए, टाइल्स से गूंजता कराह निकला। वो खुल रही थी, लेयर दर लेयर, और मैं उसके शुरू किए खेल में खो गया।

क्लोई के हाथ मेरी बेल्ट पर थे सोचने से पहले, नीले-धूसर आंखें मेरी में जड़ीं उस आकर्षक आग से। वो ठंडी टाइल फ्लोर पर घुटनों पर बैठ गई, लॉकर रूम की परछाइयां उसकी गोरी फ्रेकल्ड स्किन पर नाच रही। 'मेरा इनाम,' वो बोली, आवाज भारी, धीरे-धीरे जिपर खोला। मेरा लंड बाहर उछल पड़ा, मैच के तनाव से सख्त और दर्द करता, और उसने उंगलियां लपेट लीं, एक बार, दो बार सहलाया, स्पर्श परिष्कृत लेकिन जंगली।

उसके नरम लहराते बाल मेरी जांघों से रगड़े जब वो झुकी, होंठ फैले मुझे अंदर लेने को। गर्म, गीली गर्मी ने घेर लिया, जीभ नीचे की तरफ घुमाती ग्रैंडमास्टर की सटीकता से। मैं कराहा, हाथ उसके लंबे बालों में उलझा, देखता उसकी पतली बॉडी को मेरे सामने घुटनों पर—चुचियां हल्की झूल रही, निप्पल्स अभी भी सख्त। वो गहराई से चूसी, गाल धंसाए, नीली-धूसर आंखें ऊपर उठीं मेरी मिलने को, अभी भी चतुर चुनौती। सनसनी बढ़ी, मुंह ने रिदम से काम किया, लार चमकती जब ज्यादा लिया, फ्री हाथ मेरी बॉल्स को धीरे थामा।

क्लोई का खोलते हुए दांव खुला
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मैंने उथली धक्के दिए, उसके दीदार में खोया—शोक से उपजी साहसिकता उसे निडर बना रही। वो मेरे चारों ओर गुनगुनाई, कंपन सीधे कोर तक, स्पीड तेज। 'क्लोई,' मैं भारी आवाज में, कूल्हे उछले। वो पीछे हटी बस टिप को जीभ से छेड़ा, मुस्कुराई। 'अभी नहीं।' लेकिन फिर डूबी, बेरहम, जब तक मैं कगार पर न पहुंचा। उसका सुख उसे ईंधन दे रहा, छोटी कराहें निकल रही जब वो मुझे सुना रही, जांघें दबाईं। लॉकर रूम गीले आवाजों से गूंजा, हमारा निजी टूर्नामेंट बुखार पर। आखिरकार, वो आखिरी बार गहराई से लिया, और मैं कांपते झड़ गया उसके मुंह में, वो निगल गई, आंखें न हटीं। वो धीरे उठी, होंठ चाटे, बदल गई—साहसी, जिंदा।

हम लॉकरों से सांसें पकड़े, उसकी ऊपरी नंगी बॉडी मेरी छाती से सटी, त्वचा गर्म और फ्रेकल्ड मेरे तलुओं के नीचे। क्लोई की हंसी पहले फूटी—नरम, सच्ची—तीव्रता तोड़ते। 'वाह, वो तो अप्रत्याशित एन पासेंट था।' उसकी चतुरता धुंध काटी, नीली-धूसर आंखें चमकीं जब मेरी स्किन पर पैटर्न बनाए। मैं हंसा, माथे को चूमा, पसीने का हल्का नमक चखा।

'बोर्ड के बारे में बता,' मैंने कहा, आवाज नरम, करीब खींचा। वो सांस ली, कमजोरी ने परिष्कृत खोल चीर दी। 'पापा का। उन्होंने सब सिखाया। शोक हरामी है, फिन—शतरंज उसे करीब रखती।' छोटी चुचियां कबूलनामे से उभरीं, निप्पल्स मेरे खिलाफ नरम। मैंने सिर हिलाया, हाथ कूल्हों पर सरकाए, अंगूठे लेसी पैंटी में अटकाए लेकिन अभी न खींचे। 'तू कमाल है। ऐसे जीतना... हार संभालना।' वो मुस्कुराई, आधी उदास आधी साहसी, मुझे पास की बेंच पर धकेला। मेरी गोद पर चढ़ी, अभी भी पैंटी में, लंबे लहराते बालों ने पर्दा डाला जब गहरा किस किया, अब कोमल।

क्लोई का खोलते हुए दांव खुला
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उसकी बॉडी सुस्त हिली, बस इतना घिसा कि फिर उभारा, गोरी स्किन फिर लाल। हम बातें किए—चालों के, गलतियों के, रिस्क के रोमांच के—उसकी पतली बॉडी मेरी बाहों में ढीली। हास्य उसके शब्दों में: 'अगली बार, तुझे जीतने दूंगी... शायद।' कोमलता खिली, शोक इस चुराई अंतरंगता में हल्का। लेकिन इच्छा सुलग रही, हाथ घूमे, और चाहिए। लॉकर रूम हमारी दुनिया लगी, गूंजें फीकी जब हम ठहरे, दिल परफेक्ट ओपनिंग प्ले की तरह ताल में।

क्लोई का घिसना जिद्दी हो गया, लेसी पैंटी गीली मेरे खिलाफ। वो थोड़ी खड़ी हुई, उतार फेंकी, चिकनी फोल्ड्स दिखाए फिर मुझे बेंच पर लिटाया। लेकिन नहीं—वो कंट्रोल चाहती, उल्टा चढ़ी, पतली गांड मेरी तरफ जब मेरे सख्त होते लंड पर उतरी। 'अब तू देख,' वो छेड़ी, आवाज हांफती। उसकी गोरी फ्रेकल्ड पीठ खूबसूरती से मुड़ी, लंबे लहराते बाल झूले जब उतरी, टाइट गीली गर्मी में लपेटा।

मैंने कूल्हे पकड़े, महसूस किया राइड—धीरे पहले, स्ट्रेच का मजा लेती, 32बी चुचियां छिपी लेकिन कराहें हवा भरी। रिवर्स काउगर्ल, लेटे मुझे फ्रंट व्यू, बॉडी लहराई, गांड हर उतराई पर उछली। सनसनी लाजवाब—वेलवेट ग्रिप पल्स कर रही, उसका सुख हिप सर्कल से साफ जब चोटी की दौड़। 'फिन... हां,' वो हांफी, एक हाथ पीछे संभाला, दूसरा जांघों के बीच, उंगलियां क्लिट घुमाईं।

क्लोई का खोलते हुए दांव खुला
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मैंने ऊपर धक्का दिया उसके मिलने को, बेंच चरकी, लॉकर रूम की परछाइयां नाचीं। उसकी स्किन चमक रही, फ्रेकल्स लाली के खिलाफ साफ, नीली-धूसर आंखें पीछे झांककर कच्ची जरूरत से। तेज अब, रिदम लड़खड़ाया चरम बनते—बॉडी तनी, अंदरूनी दीवारें सिकुड़ीं। वो चीखी, मेरे चारों ओर टूटी, रिलीज की लहरें मुझे गहरा दूधिया। मैं जल्दी उसके पीछे, भीतर झड़ गया गरजते, बॉडीज कांपती यूनियन में लाक। वो आगे गिरी, फिर मेरी बाहों में पीछे, थक लेकिन चमकती—शोक विजयी कामुकता में बदल।

हम आफ्टरग्लो में कपड़े पहने, क्लोई ब्लाउज स्कर्ट में लौटी, कांपते उंगलियों से बटन। उसके हल्के भूरे लहराते बाल बिखरे, गोरी गाल गुलाबी, लेकिन वो परिष्कृत पोइज आर्मर की तरह लौटा। 'लापरवाह एंडगेम,' वो चुटकी ली, मेरी कॉलर सीधी करते विंक। 'लेकिन वर्थ।' मैंने आखिरी बार करीब खींचा, गहरा किस, हमारी साझा जीत का स्वाद।

दरवाजा खुला क्लब शोर पर, नजरें उसकी टूर्नामेंट जीत पर। वो चमकी, शोक हल्का अब, साहसी। फिर एलियास आया—लंबा, तीव्र, दूसरा प्लेयर जिसकी नजर ज्यादा ठहर गई। 'इंप्रेसिव, क्लोई। लेकिन वो लापरवाह एंडगेम... रिस्की।' उसकी आंखें क्रिटीक से ज्यादा वादा, अंधेरा वादा झिलमिलाते जब उसकी आंखों से मिलीं। वो मुझकी तरफ देखी, इंट्रिग का स्पार्क, फिर उसको। मेरा पेट मरोड़ा—ये नया दांव क्या? बोर्ड इंतजार कर रहा, लेकिन गहरे खेल भी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्लोई ने फिन को कैसे हराया?

शतरंज मैच में चतुर चालों से चेकमेट दिया और लॉकर रूम में सेक्स से असली जीत हासिल की।

स्टोरी में सबसे हॉट सीन कौन सा?

क्लोई की मुंह चूसाई और रिवर्स काउगर्ल चुदाई जहां दोनों ऑर्गेज्म तक पहुंचे।

ये कहानी किसके लिए?

20-30 साल के हिंदी वाले लड़कों के लिए, explicit शतरंज थीम वाली erotic फिक्शन।

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Erika Bennett

मॉडल

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