वेलवेट बंधनों में सांवि का विश्वासघात
वेलवेट छायाओं में बंधी सांवि निषिद्ध इच्छाओं के आगे झुक जाती है, जो उसकी दुनिया उजाड़ देती हैं।
सान्वी का रेशमी समर्पण
एपिसोड 5
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लंदन की सड़कों पर कोहरा चिपका हुआ था जैसे कोई राज़ रखने वाला प्रेमी, पुरानी ईंटों वाली इमारतों को धुंधली परत में लपेटे हुए जब सांवि राव काले कैब से बाहर निकली। बीस साल की उम्र में ये महत्वाकांक्षी भारतीय मॉडल ने महाद्वीप पार सपने का पीछा किया था, उसकी नाजुक काया उसके हेज़ल आंखों की आग को छिपा रही थी। उसके लंबे, लहराते गहरे भूरे बाल पीठ पर लहरा रहे थे, उसके अंडाकार चेहरे को निष्पक्ष त्वचा के साथ फ्रेम कर रहे थे जो स्ट्रीटलैंप्स के नीचे चमक रही थी। एक चिकने काले ट्रेंच कोट में लिपटी हुई, उसके अंदर फिटेड रेड ड्रेस जो उसकी 5'6" नाजुक बॉडी और मीडियम बस्ट को चिपकाए हुए थी, वो अपना फोन कसकर पकड़े हुए थी, विक्टर केन का मैसेज उसके दिमाग में जल रहा था: 'लॉकेट यहीं है। शोरडिच हाई स्ट्रीट पर स्टूडियो में अकेले आना। मिडनाइट। कुछ लुभाने वाला पहनना।' लॉकेट—उसकी मां का वारिसगिरी का सामान, उसकी बढ़ती शोहरत के कोलाहल में चोरी हो गया था—उसके अतीत के टुकड़े रखे थे जो वो खो नहीं सकती थी। विक्टर, वो रहस्यमयी ब्रिटिश फोटोग्राफर जिसकी सीमाओं को धक्का मारने की बदनामी थी, ने इसे चारा की तरह लटकाया था। सांवि का दिल डर और उत्सुकता के मिश्रण से धड़क रहा था; उसका करियर एक बड़े फिनाले कॉन्ट्रैक्ट के कगार पर था, और वो घोटालों का जोखिम नहीं ले सकती थी, फिर भी वो यहां थी, उसके जाल में फंसती हुई। स्टूडियो आगे ऊंठा हुआ था, एक कन्वर्टेड वेयरहाउस जिसमें फ्रॉस्टेड खिड़कियां से हल्की लाल रोशनी धड़क रही थी। उसने दस्तक दी, दरवाजा खुला तो विक्टर का मुस्कुराता चेहरा दिखा, उसका लंबा, दुबला बदन टेलर्ड ब्लैक शर्ट में लिपटा। 'सांवि, डार्लिंग,' उसने गरजकर कहा, उसका लंदन एक्सेंट चाकू की धार जितना तेज। 'बिल्कुल समय पर। अंदर आओ, आर्ट बनाते हैं।' अंदर हवा अगरबत्ती और...


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