लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट

उसकी शर्मीली गुर्राहट ने छिपे किनारे पर नमक चुंबन वाली वर्चस्व को आजाद कर दिया।

पट्टाबद्ध लपटें: लियाना का आदिम जागरण

एपिसोड 3

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पोर्ट डिक्सन के डॉग बीच पर सूरज नीचे झुक गया था, लहरों को सोने की चमक देता हुआ। वहाँ वह थी—लियाना, छोटी-सी और शर्मीली, उसके भूरे बाल हवा में उड़ते हुए जब वह अपने फर वाले कुत्ते रासा के साथ हँस रही थी। मैं, डेनिज़, अपना कैमरा उसके ज़रिए उसे फ्रेम करने से खुद को रोक नहीं पाया, वो प्राकृतिक बंधन मुझे करीब खींच रहा था। उसे थोड़ा भी अंदाज़ा न था, मेरा बीच शेक इंतज़ार कर रहा था, जो उसकी चुप आग को जंगली और बेलगाम कुछ में बदलने का वादा कर रहा था।

मैं घंटों से पोर्ट डिक्सन के पास के उस बीच के टुकड़े पर उदास बैठा था, मेरा कैमरा गले में लटका पुराने दोस्त की तरह, कुत्तों की लहरें पकड़ते हुए जो लहरों का पीछा कर रहे थे और उनके मालिक नमक की छींटों में खोए हुए। पिछले हफ्ते की वो नज़दीकी चूक अभी भी दिमाग में घूम रही थी—शहर में किस के बीच में उसके फोन की कंपन से लियाना का चौड़ा-आँख वाला घबराहट—लेकिन आज छुटकारे जैसा लग रहा था। वह मृगतृष्णा की तरह प्रकट हुई, छोटा कद भीड़ काटता हुआ, रासा लेज़ पर आगे कूदता, वो शर्मीली मुस्कान उभरती जब वह उथले पानी में छपछपा रहा था।

लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट
लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट

मैंने अपना लेंस नीचे किया, दिल की धड़कन तेज़ हो गई। उसने मुझे अभी देखा न था, टूटे हुए टेनिस बॉल फेंकने में व्यस्त, उसकी हँसी हल्की और बेफिक्र, भूरे बाल हवा में कोड़े मारते। इंडोनेशियन सूरज उसकी चिकनी टैन वाली स्किन से प्यार करता था, उसे फ़िरोज़ा समंदर के मुकाबले चमकाता। मैं धीरे से नज़दीक आया, उसे चौंकाना न चाहते हुए। 'शानदार शॉट,' मैंने पुकारा, रासा की तरफ सिर हिलाते हुए जो पानी झटक रहा था जैसे फरदार भूकंप। वह मुड़ी, वो भूरी आँखें पहचान में चौड़ी हुईं, गले पर लाली चढ़ आई। 'डेनिज़? तू यहाँ क्या कर रहा है?'

हम आसानी से बातों में पड़ गए, पहले के डर लहरों की चोट से घुलते हुए। उसने पैरानॉया को गेंद फेंककर हिलाया, कबूल किया कि उसे इस भागने की ज़रूरत थी। मैंने उसे कैमरे पर कुछ स्नैप्स दिखाए—वो और रासा उछलते हुए, शुद्ध खुशी पिक्सेल में जमी हुई। 'तुम्हारा प्राकृतिक बंधन है,' मैंने कहा, आवाज़ नीची। 'मेरे शेक में आओ? मेरे पास और हैं, और इस धूप से छाया।' उसकी हिचकिचाहट चमकी, हमेशा की तरह शर्मीली, लेकिन जिज्ञासा जीत गई। रासा ने उसे आगे खींचा, और बस ऐसे ही, वह चली, मेरे पुराने बीच शेक की राह रेत के टीले काटती, एकांत का वादा करती।

लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट
लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट

शेक में समंदर का नमक और पुरानी सागवान की महक थी, दीवारें फीकी प्रिंट्स से सजीं—टकराती लहरें और भूले हुए प्रेमी। मैंने पंखा चला दिया, पत्तियाँ नम हवा हिलातीं जब लियाना अंदर कदम रखी, रासा कोने में मुड़कर संतुष्ट साँस के साथ लेट गया। उसने माथे से पसीना पोंछा, वो छोटा बदन पतली टैंक टॉप के नीचे चमकता, छोटी चूचियों से चिपका हुआ, गर्मी में निप्पल हल्के से उभरे। 'फोटोज़ दिखाओ,' उसने बुदबुदाया, शर्मीली लेकिन करीब झुकते हुए जब मैं लैपटॉप पर स्क्रॉल कर रहा था।

उसकी साँस अटकी एक पर—उसके हँसते हुए का क्लोज़-अप, आँखें जगमगातीं, रासा की जीभ चाटते हुए बीच में। 'ये... मैं हूँ?' आश्चर्य ने उसकी आवाज़ नरम की। मैं उसके पीछे खड़ा, हाथ कंधों को छूते, तनाव पिघलता महसूस करते। 'तू कमाल की है, लियाना। प्राकृतिक। असली।' वह मुड़ी, चेहरा मेरे से इंच भर, भूरी आँखें तलाशतीं। किस अनिश्चित शुरू हुआ, उसके होंठ नरम और हिचकिचाते, लेकिन मैंने गहरा किया, नमक और सनस्क्रीन का स्वाद लेते। मेरी उंगलियाँ नीचे सरकीं, टैंक टॉप ऊपर खींचकर सिर से निकाला, नंगा चेस्ट दिखा—छोटी, परफेक्ट चूचियाँ, काले निप्पल खिड़की से हवा में सख्त होते।

लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट
लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट

वह पीछे न हटी, बल्कि हल्के से कमर वक्र की, शर्मीली सिसकी निकली जब मैंने उन्हें धीरे से थामा, अंगूठे घुमाते। उसकी स्किन बुखार जैसी गर्म, चिकनी टैन मेरे स्पर्श में गुलाबी लाल। 'डेनिज़...' मेरा नाम एक विनती था, उसके हाथ मेरी शर्ट पर लड़खड़ाए। हम पुराने डेबेड पर लुढ़क गए, उसका ऊपरी नंगा बदन मुझसे दबा, टाँगें उलझीं। मैंने उसके गले पर किस किया, उसकी साँस की कंपकंपी चखते, जिस तरह उसकी शर्मीलापन खोल की तरह फटा, नीचे की आग दिखाते। रासा बेफिक्र सो रहा था जब फोरप्ले बढ़ा, उसकी उंगलियाँ मेरी पीठ में खोदतीं, बिना शब्दों के उकसातीं।

उसकी बिकिनी बॉटम्स फुसफुसाहट की तरह सरक गईं, उसे डेबेड पर नंगा और काँपता छोड़ते, वो छोटा बदन शेक की मद्धम रोशनी में मेरे लिए खुला। मैंने अपने कपड़े उतारे, उसके ऊपर मँडराते, हमारी आँखें चुप समझौते में जड़ीं। लियाना का शर्मीलापन होंठ काटने में बाकी था, लेकिन उसकी टाँगें इच्छा से फैलीं, भूरी आँखें ज़रूरत से काली। मैंने अपनी जाँघों के बीच खुद को रखा, मेरे लंड का सिरा उसकी गीली चूत के मुँह को छेड़ता, उसकी गर्मी मुझे खींचती महसूस करते। 'प्लीज,' उसने साँस ली, आवाज़ नरम गुर्राहट जो मुझे भड़क गई।

मैं धीरे से अंदर घुसा, हर इंच का मज़ा लेते जब उसकी तंग गर्माहट ने मुझे लपेटा, उसकी चूत की दीवारें उसकी हाँफों के साथ सिकुड़तीं। मिशनरी स्टाइल में हर झलक देख सका—उसकी छोटी चूचियाँ हर धक्के के साथ उठतीं, निप्पल चोटे हुए, उसके हाथ मेरे कंधों को पकड़े। शेक हमारी हलचल से चरमराया, बाहर लहरें तालियाँ बजातीं। मैंने स्थिर लय बनाई, गहरी और कब्ज़े वाली, उसका शर्मीलापन सिसकियों में बिखरता जो तेज़ होती गईं, कूल्हे ऊपर उठते मेरे स्वागत को। पसीना हमारी स्किन को चिकना कर गया, उसकी चिकनी टैन स्लेटेड रोशनी में सोनी चमकती।

लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट
लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट

उसने अपनी टाँगें मेरी कमर पर लपेट लीं, मुझे और गहरा खींचते, वो छोटा बदन अब मुझे पूरा लेता। 'ज़ोर से, डेनिज़,' उसने उकसाया, आवाज़ भारी, हिचक का नामोनिशान न। मैंने मान लिया, वो वर्चस्व जो वह तरस रही थी उसके साथ धक्के मारते, उसके बदन का तनना महसूस करते, अंदरूनी मांसपेशियाँ फड़फड़ातीं। उसका चरम लहर की तरह आया, पीठ मुड़ी, चीख निकली जब वह मेरे चारों ओर टूट गई, मुझे कगार पर ला दिया। मैं उसके अंदर झड़ गया, उसका नाम कराहते, उसके आगोश में ढह गया। हम उलझे लेटे, साँसें मिलतीं, उसकी उंगलियाँ मेरी पीठ पर कोमलता से घुमातीं। लेकिन ये बस शुरुआत थी; उसकी आँखें और वादा करतीं, वो शर्मीली लड़की अब तूफान के भूखी।

हमने नम चुप्पी में साँसें पकड़ीं, उसका सिर मेरे सीने पर, छोटी चूचियाँ नरम मेरी बगल से दबीं। लियाना ने मेरी स्किन पर आलसी गोले बनाए, शर्मीलापन लौटा कोमल लाली में, लेकिन नई हिम्मत से लिपटा। 'वो... तीव्र था,' उसने बुदबुदाया, कोहनी पर उठते, भूरे बाल पर्दे की तरह गिरते। रासा बाहर हिला, हल्के से सिसकियाँ लेता, लेकिन उसने अनदेखा किया, आँखें शरारत से चमकतीं। 'तू मुसीबत है, डेनिज़। अच्छी मुसीबत।'

मैं हँसा, उसे करीब खींचते, सिर के ताज पर किस करते। ऊपर पंखा घूम रहा था, सेक्स और समंदर की महक हिलाता। वह सरकी, मेरी कूल्हों पर ढीली सवार हो गई, फिर ऊपर नंगी, उसका छोटा बदन आफ्टरग्लो में चमकता, निप्पल अभी भी हमारी खेल से संवेदनशील। मेरे हाथ उसकी संकरी कमर घूमे, अंगूठे कूल्हों की वक्रता छूते। 'तूने रासा की तरह गुर्राई बाहर,' मैंने चिढ़ाया, शरारती थप्पड़ कमाया। तब कमजोरी घुसी—उसने कबूल किया डर अभी भी एड़ियों पर काट रहे, परिवार की उम्मीदें परछाइयों जैसी। लेकिन यहाँ, इस शेक में, वह आज़ाद महसूस कर रही थी।

लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट
लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट

उसके होंठ मेरे मिले, धीमे और खोजते, जीभें नाचतीं जब हाथ भटकते। उसने हल्के से खुद को मुझ पर रगड़ा, चिंगारियाँ फिर भड़काते, उसकी चिकनी टैन स्किन फिर बुखार जैसी। 'फिर?' मैंने फुसफुसाया, आधा मज़ाक। उसका शर्मीला सिर हिलना सारी आग था, बदन निमंत्रण में मुड़ा। हम उस कोमल जगह में ठहरे, फोरप्ले बिना जल्दबाज़ी के फिर बनता, उसका आत्मविश्वास पंखुड़ि दर पंखुड़ि खिलता।

हिम्मत पा, उसने मुझे पीछे धकेला, वो छोटी पटाखा हमारा रोल उलटते शरारती मुस्कान से। लेकिन मैंने कंट्रोल वापस लिया, उसे पेट के बल लोटाते, हाथ कूल्हों को ऊपर ले जाते। 'चारों हाथों पर, लियाना,' मैंने गुर्राया, वर्चस्व उफनता जब वह मान गई, गांड पेश की, चिकनी टैन स्किन भीख माँगती। उसका शर्मीलापन गया, उत्सुक समर्पण ने जगह ली, नरम गुर्राहट निकली जब मैं पीछे घुटनों पर, लंड सख्त और तैयार।

मैंने उसकी संकरी कमर पकड़ी, पीछे से अंदर सरकते, कोण गहरा और कब्ज़े वाला। शेक की तंगी में डॉगी स्टाइल जानवर जैसा लगा, उसकी सिसकियाँ तकिए में दबीं, बदन हर धक्के से हिलता। बाहर लहरें धड़क रही थीं, हमारी लय से—ज़ोर से, तेज़, उसकी छोटी चूचियाँ नीचे लहरातीं। उसने पीछे धकेला, धक्का दर धक्का मिलाते, अंदरूनी दीवारें मखमली आग की तरह पकड़तीं। 'हाँ, वैसा ही,' उसने हाँफा, आवाज़ कच्ची, भूरे बाल जंगली बिखरे।

लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट
लियाना की बीच किनारे की गुर्राहट

पसीना टपकता, हमारे बदन गीली बेचैनी से थपथपाते, उसका चरम कंपनों में बनता। मैंने आगे झुका, उंगलियाँ उसकी चूत की बीजाणु ढूँढीं, बेरहम घुमाते। वह उछली, चीखी जब टूट गई, मेरे चारों ओर धड़कती, मुझे आनंद में घसीटती। मैंने आखिरी बार गहरा धक्का मारा, गरजते झड़ गया, उसके ऊपर ढह गया। हम एक साथ हाँफे, उसका बदन मेरे नीचे लटक और तृप्त। वर्चस्व खेल ने उसे पूरा खोल दिया, वो शर्मीली लड़की अब गुर्राती लोमड़ी, और वादे फुसफुसाते जब हम अलग हुए।

आफ्टरग्लो ने हमें गर्म ज्वार की तरह लपेटा, लियाना डेबेड पर मुझसे सटी, जल्दी से टैंक और शॉर्ट्स में, गाल रहस्यों से लाल। रासा ने सिर अंदर डाला, पूँछ हिलाती, चार्ज्ड हवा से बेखबर। वह हल्के से हँसी, चेहरा मेरी गर्दन में दबाते। 'मुझे कभी पता न था मुझमें ये है,' उसने कबूल किया, आवाज़ आश्चर्य और हल्के डर से लिपटी। उसका छोटा हाथ मेरा निचूड़ा, शर्मीली लड़की विकसित, चुप आत्मविश्वास बिखेरती।

मैंने उसके बाल सहलाए, शेक के आगोश में संतुष्ट, लेकिन मेरा फोन शांति तोड़ा—नहीं, उसका। वो मेज़ पर ज़ोर से कंपा, स्क्रीन पर 'इबू' चमकता। वह जम गई, आँखें वो पुराना घबराहट में चौड़ी। नकली शांति से जवाब देते, उसकी माँ की आवाज़ बह निकली, हँसमुख और बेखबर: 'लियाना, जान, सरप्राइज़! हम कल आ रहे हैं—मैं, अयाह, और चचेरे भाई-बहन। बीच पैक कर लो फैमिली मज़े के लिए!' कॉल खत्म, और वह मुझे घूरती, खौफ उभरता। इस चमकते रहस्य को कैसे छुपाएँ, पैशन के निशान उसकी स्किन पर खिलते, परिवार उतरते हुए? उसकी गुर्राहट लौटी, शरारती लेकिन डर की धार से, सूरज डूबते मुझे हताश किस में खींचती।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लियाना की कहानी में क्या मुख्य सेक्स सीन हैं?

मिशनरी और डॉगी स्टाइल चुदाई शेक में, शर्म से गुर्राहट वाली वर्चस्व तक।

कहानी का अंत कैसा है?

परिवार के सरप्राइज़ विज़िट से खतरा, लेकिन लियाना की गुर्राहट बनी रहती है।

ये स्टोरी किसके लिए बेस्ट है?

20-30 साल के लड़कों के लिए, शर्मीली लड़की की हॉट बीच चुदाई।

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पट्टाबद्ध लपटें: लियाना का आदिम जागरण

Liyana Noordin

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