मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़

खामोश जिम में, उसकी ताकत मेरी मजबूत पकड़ से टकराई, और उसे समर्पण के मीठे दर्द का अहसास हुआ।

मार्गोट का पसीने चूमा समर्पण छायादार ताकत के आगे

एपिसोड 3

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जिम लोहे और पसीने का मंदिर था, आखिरी क्लास खाली हो जाने के बहुत बाद भी, उसके आईने उन परछाइयों को झलका रहे थे जो जैसे राज़ खुलने का इंतज़ार कर रही हों। मैं पुल-अप रिग पर टिका खड़ा था, भुजाएँ क्रॉस की हुईं, दिल उत्सुकता से धड़क रहा था। मार्गोट गिरार्ड—छब्बीस साल की, फ्रेंच पटाखा वाली वो एथलेटिक स्लिम बॉडी जो अनगिनत पुल-अप्स और स्प्रिंट्स से तराशी गई थी—ने मुझे बस एक शब्द का मैसेज किया था: 'आ रही हूँ।' बस इतना ही काफी था। मैंने देखा था कैसे उसके हेज़ल आँखें सेशन्स के दौरान मुझ पर ठहर जातीं, कैसे वो अपनी पीठ को हल्का सा मोड़ती जब उसे पता होता कि मैं देख रहा हूँ। आत्मविश्वासी, ऊर्जावान, गर्मियों की शराब जैसी गर्म, लेकिन आज रात मुझे उसके उस कवच में एक दरार का अहसास हुआ, एक ऐसा झुकना जो उसने खुद को भी कबूल नहीं किया था अभी तक। दरवाज़ा खड़खड़ाया, और वहाँ वो थी, ऑबर्न बाल ढीली वॉटरफॉल ब्रेड में लहराते हुए उसकी लंबी बॉडी पर, ऑलिव स्किन मद्धम लाइट्स में चमक रही। वो रुकी, होंठों पर वो आधी मुस्कान जो शरारत का वादा करती। 'इलायस,' उसने साँस भरी आवाज़ में कहा, चुनौती भरी। मैं रिग से धक्का देकर अलग हुआ, उसके पीछे दरवाज़ा का ताला निर्णायक क्लिक के साथ लग गया। हवा गाढ़ी हो गई, तूफान फूटने से ठीक पहले जैसी चार्ज़्ड। उसकी ऊर्जा मुझे खींच रही थी, गर्म और ज़िद्दी, लेकिन मैं रुका रहा, तनाव को हम दोनों के बीच लपेटने दिया। वो करीब आई, इतनी करीब कि मुझे उसके सिट्रस शैंपू की हल्की खुशबू मिली जो दिन की मेहनत से मिली हुई। उसे झुकने के लिए क्या लगेगा, बस थोड़ा सा? उसकी पकड़ को मेरे हाथों में ढीला महसूस करने के लिए?

मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़
मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़

वो दरवाज़े से छाया की तरह फिसलकर अंदर आई, उसके स्नीकर्स रबर वाले फर्श पर बिना आवाज़ के। जिम अब हमारा था—वेट्स साफ-सुथरी कतारों में रैक पर, मैट्स कठोर फ्लोरेसेंट्स के नीचे बिछे हुए जो मैंने बस इसी के लिए जला रखे थे। मार्गोट की आँखें जगह को स्कैन कर रही थीं, मुझ पर उतर आईं उस चिंगारी के साथ जो पहचान की थी, उसकी ढीली वॉटरफॉल ब्रेड सिर झुकाते ही लहराई। 'तुम इंतज़ार कर रहे थे,' उसने कहा, सवाल नहीं, उसके फ्रेंच लहजे ने शब्दों को धुएँ की तरह लपेटा। मैंने सिर हिलाया, दरवाज़ा धकेला और भारी थंक के साथ ताला लगाया जो खालीपन में गूँजा। 'बिना ठीक से गुडबाय कहे तो जा नहीं सकता।' उसकी हँसी गहरी, गर्म थी, हम दोनों के बीच ठंडी हवा को भरती हुई। वो अभी भी अपनी क्लास वाली किट में थी—काला स्पोर्ट्स ब्रा उसकी एथलेटिक स्लिम कर्व्स को चिपकाए हुए, हाई-वेस्टेड लेगिंग्स उसकी टांगों से चिपकी हुई जैसे दूसरी खाल, ऑलिव स्किन जो भी स्प्रिंट खत्म किया था उससे फ्लश्ड। मैं करीब आया, इतना कि उसके कॉलरबोन पर पसीने की हल्की चमक देखी, कैसे उसके हेज़ल आँखें मेरे मुँह पर गईं और वापस ऊपर। तनाव गुनगुनाया, बिजली जैसा। उसने हाथ बढ़ाया, उंगलियाँ मेरी बाजू पर ब्रश कीं जैसे पानी टेस्ट कर रही हो, लेकिन मैंने उसकी कलाई हल्के से पकड़ ली, अंगूठा दबाया बस इतना कि उसकी नब्ज़ उछले। 'इतनी जल्दी नहीं, मार्गोट। पहले वो पुल-अप्स दिखाओ। साबित करो कि तुम अभी भी इस रिग की रानी हो।' उसकी साँस अटकी, लेकिन वो मुस्कुराई, विद्रोही, अलग होकर ऊपर की बार पकड़ी। उसकी बॉडी खिंची, मसल्स लपेटे, और मैं देखता रहा, पेट के नीचे गर्मी बनती। हर ऊपर-नीचे एक छेड़, उसकी ऊर्जा मुझे खींच रही, लेकिन मैं रुका, उसके फॉर्म की तारीफ शब्दों से जो दोहरे मतलब वाले। 'मज़बूत। स्थिर। और देर तक पकड़ो।' आईने में उसकी नज़र मुझसे टकराई, चुनौती देती, बस थोड़ा सा झुकती। हवा चटकने लगी; कुछ टूटने वाला था।

मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़
मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़

वो बार से नीचे कूदी, पैरों पर हल्के उतरी, छाती का हिलना-डुलना इतना कि मेरी आँखें स्पोर्ट्स ब्रा के नीचे के ऊपर-नीचे पर चली गईं। पूरी साँस लेने से पहले ही मैं वहाँ था, उसे रिग के पैडेड फ्रेम से सटा दिया। मेरे हाथ फिर उसकी कलाइयों पर, उन्हें सिर के ऊपर उठाया, ग्रिप्स पर ढीले से पिन किया—फँसाया नहीं, बल्कि गाइड किया, उसकी इच्छा टेस्ट की कि वो रुके। 'पोज़िशन पकड़ो,' मैंने बुदबुदाया, आवाज़ चाहत से खुरदुरी। उसके हेज़ल आँखें गहरी हुईं, होंठ फैले जैसे होल्ड टेस्ट कर रही हो, मसल्स मेरी उंगलियों तले सिकुड़ रही। मैं झुका, मुँह उसके कान से ब्रश किया, उसकी ऑलिव स्किन की गर्मी मुझसे टकराती। फ्री हाथ से मैंने उसका स्पोर्ट्स ब्रा ऊपर खींचा और उतार फेंका, मैट पर गिरा। उसके मीडियम चूचे बाहर आ गए, निप्पल्स जिम की ठंडी हवा में सख्त हो गए, परफेक्ट शेप के और ध्यान माँगते। वो हल्के सा मुड़ी, हल्की सिसकी निकली जब मैंने हथेली उसके साइड पर उतारी, अंगूठा एक चूचे के नीचे ब्रश किया। 'खूबसूरत,' मैंने तारीफ की, देखा कैसे उसके स्किन पर काँटे उगे। उसकी ऊर्जा बदली, वो आत्मविश्वासी आग नरम हो गई कुछ ज़्यादा ज़रूरतमंद में, बॉडी करीब दबाई। मैंने चूचा पूरा भरा, अंगूठा पीक पर धीरे घुमाया, एक कराह निकाली जो आईनों से गूँजी। वो मेरी कलाई पकड़ पर खींची, भागने को नहीं, बल्कि रेस्ट्रेंट महसूस करने को, उसकी लंबी ऑबर्न ब्रेड कंधे पर फिसली जब सिर पीछे झुकाया। मेरा मुँह पीछा किया, होंठ एक निप्पल पर बंद, जीभ जानबूझकर धीरे चाटी। वो काँपी, जांघें लेगिंग्स में बेचैन हिलीं, हम दोनों के बीच गर्मी भट्टी की तरह भड़क रही। 'इलायस,' उसने फुसफुसाई, नाम पर आवाज़ टूटी, उसकी गर्मी मुझे लपेटती जब मैं दूसरी साइड गया, ज़ोर से चूसा, महसूस किया वो इंच-इंच झुक रही।

मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़
मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़

तारीफ मेरे मुँह से उसकी आग पर ईंधन की तरह बहने लगी—'बस यही, मार्गोट, इतनी मज़बूत, इतनी परफेक्ट'—जब मैंने उसकी कलाइयाँ छोड़ीं और उसके हाथ मेरे कंधों पर बैलेंस के लिए गाइड किए। लेकिन वो अब रुकने को पार थी, उंगलियाँ मेरी शॉर्ट्स पर फूलीं, ज़ोर से नीचे धकेलीं तीव्र ज़रूरत से। मैं पास के लो वेट बेंच पर पीछे बैठा, टांगें फैलाईं, लंड सख्त और दर्द करता उसके लिए। वो मुड़ी, वो एथलेटिक स्लिम बॉडी आईने की परछाई में कमाल, लेगिंग्स इतनी नीचे उतारीं कि कूल्हों से पीछे नंगी। पीठ फेरकर, वो रिवर्स स्ट्रैडल की, ऑलिव स्किन चमकती, लंबी ऑबर्न ब्रेड लहराती जब वो खुद को मेरे ऊपर उतारी। भगवान, वो पकड़—टाइट, गीली गर्मी इंच-इंच लपेटती, उसका झुकना इतना पूरा कि मेरी साँस रुक गई। वो पहले धीरे राइड की, पीठ मुड़ी, हाथ पीछे मेरी जांघें पकड़े लिवरेज के लिए, पीछे से व्यू मंत्रमुग्ध करने वाला: उसकी गांड का कर्व ऊपर-नीचे, हर उतरन पर मसल्स सिकुड़ते। मैंने उसके कूल्हे पकड़े, अंगूठे नरम मांस में दबाए, गहरा करने को उकसाया। 'हाँ, बिल्कुल वैसा ही,' मैंने कराहा, ऊपर धक्का देकर मिला, स्किन का थप्पड़ खाली जिम में गूँजा। उसकी स्पीड तेज़ हुई, ब्रेड फटाफट लहराई जब वो नीचे घिसी, कूल्हे घुमाए रिदम में जो मुझे तारे दिखा रहा। तनाव उसके अंदर लपेटा, जांघें मेरे चारों तरफ काँपतीं, साँसें तीखी सिसकियों में। मैंने आगे हाथ बढ़ाया, उंगलियाँ उसकी चूत की चोंच पर, मज़बूत सर्कल रगड़े जो उसे जंगली उछाल दिया। वो करीब थी—महसूस हुआ उसके सिकुड़ने से, उसकी आत्मविश्वासी ऊर्जा बिखर रही कच्ची गुज़ारिशों में। 'मत रुको, इलायस, प्लीज़।' मैं नहीं रुका, ऊपर ज़ोर से पीटा, उसकी बॉडी बिल्ड पर पूरी समर्पित, हर स्लाइड और ग्राइंड हमें किनारे पर धकेलता। पसीना हमारी स्किन को चिकना कर गया, रिग की परछाई हमें प्राइवेट मंदिर की तरह फ्रेम कर रही। वो पहले टूटी, चीख बाँह से दबी, दीवारें मेरे चारों तरफ लहरातीं जो मुझे निचोड़ डालीं, मेरा झड़ना क्रैश हुआ जब मैंने उसे कसकर पकड़ा, हम दोनों समर्पण की पकड़ में खोए।

मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़
मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़

हम वैसा ही जड़े रहे लंबे पल के लिए, उसकी बॉडी मेरी छाती पर पीछे लुढ़की, साँसें शांत बाद में सिंक हो रही। मैंने बाहें उसके कमर पर लपेटीं, कंधे को चूमते हुए उसके नीचे नब्ज़ की तेज़ फड़फड़ाहट महसूस की। उसके लेगिंग्स घुटनों पर उलझे थे, लेकिन वो उन्हें ठीक करने को नहीं हिली, कमजोरी में संतुष्ट। 'वो था...' वो रुकी, आवाज़ भारी, सिर घुमाकर मेरी आँख पकड़ी आलसी मुस्कान से। उसके मीडियम चूचे हर साँस पर ऊपर-नीचे, निप्पल्स अभी भी ठंडी हवा और बाकी उत्तेजना से कड़े। मैंने हल्के हँसे, उसकी ऑबर्न ब्रेड में नाक घुसाई, पसीने और उसकी नैचुरल खुशबू साँस ली। 'इंटेंस? हाँ।' वो हल्के हिली, खेलभर का मुँह बनाया, लेकिन कोई पछतावा नहीं—बस उसकी वो गर्म ऊर्जा, अब भरोसे से नरम। हम बात करने लगे, आसान शब्दों में उसकी क्लास के बारे में, कैसे वो मालिक की चेतावनी के रिस्क पर चुपके से लौटी। 'वर्थ इट,' उसने बुदबुदाया, उंगलियाँ मेरी जांघ पर आलसी पैटर्न बनातीं। मैंने उसे सीधा किया, लेगिंग्स अब पूरी उतार दिए, बस हम दोनों के बीच की नंगीपन छोड़कर। वो खड़ी हुई, ऑलिव स्किन फ्लश्ड, एथलेटिक स्लिम फॉर्म चमकता, और मुझे मैट पर नरमी के लिए खींचा। साइड बाय साइड लेटे, मेरा हाथ उसकी कर्व्स पर आलसी घूमा, चूचा भरा, अंगूठा संवेदनशील पीक पर शांत। उसके हेज़ल आँखें मेरी पकड़ीं, नई गहराई वहाँ—आत्मविश्वास कनेक्शन को झुकता। हँसी फूटी जब मैंने रिग पर उसके फॉर्म की छेड़ की। 'अगली बार, तुम बार पकड़ोगे,' उसने जवाब दिया, लेकिन उसकी बॉडी मेरे स्पर्श में मुड़ी, और के लिए तैयार।

मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़
मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़

उसके शब्दों ने हमें फिर भड़का दिया, वो चिंगारी ज़िंदा हो गई। मैं मोटे जिम मैट पर पीठ के बल लोटा, शर्ट फेंकी, उसे मेरे ऊपर खींचा। वो प्रोफाइल में स्ट्रैडल की, एक टांग फैली, हाथ मेरी छाती पर मज़बूत दबाए बैलेंस के लिए—प्योर साइड व्यू, उसका चेहरा परफेक्ट प्रोफाइल्ड, हेज़ल आँखें तीव्र उग्रता से लॉक जब वो फिर मेरे ऊपर उतरी। इस बार कोई जल्दी नहीं; वो जानबूझकर कंट्रोल से राइड की, कूल्हे धीरे घुमाए जो मुझे उसकी जांघें पकड़ने को मजबूर कर दिया, हर सिकुड़न और ढील महसूस। उसकी लंबी ऑबर्न ब्रेड एक कंधे पर लटकी, ऑलिव स्किन ताज़ा पसीने से चिकनी, मीडियम चूचे हर ऊपर आने पर हल्के उछलते। 'मुझे देखो,' उसने धीरे माँगा, और मैं देखा, उसके सुख के प्रोफाइल में खोया—होंठ फैले, गाल फ्लश्ड, वो समर्पण की पकड़ मखमली आग की तरह कसी। मैंने ऊपर धक्का दिया, उसके रिदम से मिला, एक हाथ उसकी गांड पर स्लाइड, दूसरा चूत की चोंच पर मज़बूत स्ट्रोक्स। उसकी साँसें खुरदुरी हो गईं, बॉडी तन गई जब बिल्ड चरम पर। 'इलायस, मैं—' शब्द कराह में टूटे, उसकी दीवारें जंगली फड़फड़ाईं, चरम लहराती कँपकँपी में फट गया। वो ज़ोर से नीचे घिसी, नाखून मेरी छाती में गड़े, आँखें मेरी से न हटीं भले ही चरम उसके चेहरे को तोड़ रहा। ये मुझे भी खींच गया, झड़ना उसके अंदर गहरा पल्स करता, गर्म और अंतहीन। वो धीरे आगे लुढ़की, माथा मेरे कंधे पर, बॉडी आफ्टरशॉक्स में काँपती। मैंने पकड़ा, पीठ सहलाई, उसे उतरते महसूस किया—नरम सिसकियाँ, मसल्स मेरी में पिघलते, भावनात्मक वज़न वादे की तरह बसता। उसका आत्मविश्वास मुड़ा था, टूटा नहीं, नया भरोसा लपेटे उभरा। हम लेटे रहे, साँसें समान हो रही, जिम की खामोशी हमें अंतरंगता में लपेटती।

मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़
मार्गोट का पहला स्वाद: समर्पण की पकड़

हकीकत बहुत जल्द घुस आई—हॉलवे से पैरों की आहट गूँजी, भारी और सोची-समझी, हम दोनों को जमा दिया। मार्गोट की आँखें मेरे प्रोफाइल व्यू में फैलीं, घबराहट चमकी जब वो मुझसे उछली, स्पोर्ट्स ब्रा और लेगिंग्स हड़बड़ाहट में पकड़े। मैंने शॉर्ट्स ऊपर खींचे, दिल ज़ोर से धड़का, रिग के पीछे परछाइयों की तरफ इशारा किया। वो वहाँ दौड़ी, कपड़े लापरवाही से पहने, ब्रेड बिखरी, ऑलिव स्किन अभी भी फ्लश्ड। पैरों की आहट दरवाज़े पर रुकी; चाबियाँ खनकाईं। 'शिट, सिक्योरिटी?' मैंने फुसफुसाया, उसे एक सेकंड के लिए करीब खींचा, हमारी साँसें मिलीं एड्रेनालाइन में। उसने सिर हिलाया, घबराई हँसी दबी, उसकी गर्मी आखिरी बार मुझसे दबी। ताला खड़खड़ाया लेकिन न खुला—शायद बस गश्त। हम रुके, बॉडीज़ तनीं, जब तक खामोशी लौटी। 'क्लोज़ कॉल,' उसने बुदबुदाया, हेज़ल आँखें डर के बावजूद शरारत से चमकतीं। उसका फोन बजा, लिला का मैसेज चमका: 'जिम में छाया फिगर चुपके घुसते देखा। ठीक हो??' मार्गोट का चेहरा हल्का पीला, मुझकी तरफ देखा। 'अब क्या?' मैंने उसे तेज़ चुम्बन में खींचा, नमक और वादे का स्वाद। 'ये किसी और बार खत्म करेंगे। लेकिन तुमने मुझे फँसा लिया, मार्गोट।' वो पहले निकली, आत्मविश्वासी चाल लौट आई, लेकिन मुझे बदलाव दिखा—कैसे उसकी ऊर्जा हमारे राज़ से गुनगुनाई, समर्पण की पकड़ उसके कदम में बाकी। वो पैरों की आहट, लिला का मैसेज... मुसीबत पक रही, लेकिन लानत, इससे तो वो और चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्गोट की बॉडी कैसी है?

मार्गोट एथलेटिक स्लिम बॉडी वाली फ्रेंच लड़की है, मीडियम चूचे, ऑलिव स्किन और लंबी ऑबर्न ब्रेड। जिम में फिटनेस क्वीन।

स्टोरी में सेक्स पोज़िशन्स कौन-कौन सी हैं?

रिवर्स काउगर्ल राइड बेंच पर और प्रोफाइल स्ट्रैडल मैट पर। दोनों में इलायस ऊपर से धक्के मारता है।

स्टोरी का क्लाइमैक्स क्या है?

सिक्योरिटी की आहट से क्लोज़ कॉल, लेकिन मार्गोट का समर्पण पूरा हो चुका। अगली बार का वादा।

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मार्गोट का पसीने चूमा समर्पण छायादार ताकत के आगे

Margot Girard

मॉडल

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