ग्रेस के प्रतिद्वंद्वी की ब्लैकमेल ज्वाला
ब्लैकमेल एक अलग-थलग ट्रेल पर विद्रोही प्रभुत्व की ज्वाला भड़काता है
ग्रेस की बर्फीली छेड़खानी भड़काती वर्जित लपटें
एपिसोड 4
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मैंने उसे पहले देखा, ग्रेस लेवेस्क, दूरस्थ हाइकिंग ट्रेल पर आगे बढ़ते हुए जैसे वो जंगल की मालकिन हो। सूरज घने सदाबहार पेड़ों की छतरी से छनकर आ रहा था, उसकी फीकी त्वचा पर धब्बेदार परछाइयाँ डालते हुए जो कठोर रास्ते के मुकाबले आकाशीय चमक बिखेर रही थी। 24 साल की उम्र में वो पतली, एथलेटिक सुंदरता की मिसाल थी—5'6" लंबी टोन्ड टांगें अपनी टाइट हाइकिंग शॉर्ट्स में अनंत तक फैली हुईं, उसके लंबे कारमेल बालों को गंदा टॉप नॉट में बाँधा हुआ जो खोलने को ललचा रहा था। उसका अंडाकार चेहरा थोड़ा मुड़ा, भूरी आँखें क्षितिज को स्कैन करतीं उस सिग्नेचर शरारती चमक के साथ, मीडियम ब्रेस्ट्स हर दृढ़ साँस के साथ ऊपर-नीचे हो रही थीं उसके फिटेड टैंक टॉप के नीचे। हवा कुरकुरी थी, चीड़ और मिट्टी की महक से लदी, ट्रेल सिकुड़कर अलग-थलग में बदल गई जहाँ कोई कुछ सुन न पाए।
मेरा दिल धड़क रहा था जब मैं दूरी पाटता गया, फोन मुट्ठी में कसा हुआ। विक्टर केन, मॉडलिंग की कटथ्रोट दुनिया में उसका प्रतिद्वंद्वी, इस तक पहुँच गया—मॉन्ट्रियल के बाहर भूली हुई ट्रेल पर उसका पीछा करते हुए। वो फोटोज़ जो मैंने आखिरी शूट पर चुराई थीं, वो प्रोड्यूसर के साथ फिसलन, समझौताग्रस्त एंगल्स जो उसकी उभरती करियर को तबाह कर सकते थे। लेकिन ये सिर्फ बदला नहीं था; ये भूख थी। मैंने उसे हर कमरे में छेड़ते और हावी होते देखा था, वो कैनेडियन पटाखा पावर गेम्स को खेल की तरह उलटती। आज, मैं उसे अपना खेल खेलूँगा। ट्रेल एक अलग-थलग क्लियरिंग में उतरी, फर्न्स मेरी टांगों को ब्रश कर रही थीं, पक्षियों की चहचहाहट फीकी पड़ गई जब हवा में तनाव गहरा गया। वो रुकी, मुझे महसूस करते हुए, उसके होंठ विद्रोही स्माइक में मुड़े। मैं पहले से कल्पना कर रहा था उन भरे होंठों को हाँफते हुए अलग होते, उसकी पतली बॉडी मेरे नीचे मुड़ती। उसके गले का लॉकेट चमक रहा था—परिवार का वारिस, मैंने जाना था, खोए माता-पिता के शब्दों से खुदा। अब बेकार। ये टकराव गर्म ज्वाला बनेगा, उसकी शरारत मेरी जबरदस्ती से सीधे भिड़ेगी, जंगल हमारी मौन गवाह जो भी समर्पण मैं उससे निचोड़ूँगा।


ग्रेस पूरी तरह मुड़ी जब मैं पेड़ों से निकला, उसकी भूरी आँखें पहचान में सिकुड़ीं, वो छेड़ने वाली चिंगारी भड़क उठी। 'विक्टर? तू यहाँ क्या कर रहा है यार?' उसने पूछा, आवाज़ नकली आश्चर्य से लदी, पतले कूल्हों पर हाथ रखे। क्लियरिंग परफेक्ट था—ऊँचे चीड़ों से घिरा, काई से ढके पत्थर बिखरे जैसे भूले हुए वेदियाँ, आखिरी रात की बारिश के बाद नम ज़मीन से हल्का कोहरा उठ रहा। कोई सिग्नल नहीं, कोई गवाह नहीं, बस हम दोनों और मेरे फोन का बोझ।
मैं करीब आया, नाड़ी दौड़ रही, उसकी महक सोखते हुए—पसीने से मिली वनीला जो भी लोशन वो लगाती। 'तेरी करियर बचा रहा हूँ, ग्रेस। या तबाह कर दूँगा।' मैंने फोन आगे ठेला, गैलरी खुली उन शॉट्स पर: ड्रेसिंग रूम में वो, स्कर्ट ऊपर चढ़ी, प्रोड्यूसर का हाथ उसकी जाँघ पर। कैंडिड, बर्बाद करने वाले। उसका चेहरा मेहनत की लाली के नीचे पीला पड़ा, लेकिन वो पीछे नहीं हटी। शरारती विद्रोह भड़का; उसने फोन छीन लिया, हँसते हुए स्क्रॉल किया लेकिन आँखों तक नहीं पहुँची। 'ब्लैकमेल? यही तेरा खेल है, केन? शर्मनाक। खुद डिलीट कर दे अगर इतना डर गया है।'


डर? उससे? उसने मेरे गिग्स चुराए, फ्लर्ट करके आगे निकली, हमेशा एक कदम आगे उस पतली फीकी बॉडी से सिर घुमाते। मैंने उसकी कलाई पकड़ी, मज़बूत लेकिन चोट न पहुँचाते—अभी। 'जब तक तू मुझे जो चाहिये वो न दे। यहीं। समर्पण कर, या ये सुबह वायरल।' उसकी साँस अटकी, इतना करीब कि उसके 5'6" फ्रेम से निकलती गर्मी महसूस हो। वो छुड़ाई, टॉप नॉट उछला, लॉकेट सीने से लटका। 'समर्पण? तुझसे? सपना देख।' लेकिन आँखें भटकीं, हिसाब लगाते। ट्रेल की अलग-थलग दबाव डाल रही, हवा पत्तों से फुसफुसा रही जैसे साजिशकर्ता। मैं टकराव देख सकता था—करियर दाँव पर, वो छेड़ने वाली प्रवृत्ति डर से लड़ रही। 'तू सोचती है एटिएन तुझे बचा लेगा? तेरा बॉयफ्रेंड बेवकूफ है।' उसके नाम पर वो सख्त हुई, लेकिन करीब दबी, चुनौती देते। 'ट्राई कर, विक्टर। तेरी कीमत क्या?' तनाव कुंडलिनी की तरह लपेटा, उसकी पतली उंगलियाँ मेरे सीने को ब्रश कीं—इत्तेफाक से या जानबूझकर। हवा में करंट दौड़ा, उसकी शरारत स्क्रिप्ट उलट दी, मुझे और गहरा धकेलने को ललचाती इस गर्म टकराव में।
उसकी चुनौती हवा में लटकी, लेकिन मैंने बदलाव देखा—शरारत शिकारी बन गई। ग्रेस ने मुझे पीछे ढकेला एक चिकने बोल्डर पर, उसकी पतली बॉडी मेरी में दबी, फीकी त्वचा इरादे से लाल। 'समर्पण चाहिये? ठीक। लेकिन मेरे शर्तों पर।' उसने टैंक टॉप सिर से खींचा, मीडियम ब्रेस्ट्स नुमाया, निप्पल्स जंगल की ठंडी हवा में सख्त। अब ऊपर से नंगी, सिर्फ शॉर्ट्स संकरे कमर से चिपकीं, वो मेरे खिलाफ रगड़ी, साँस गर्म गर्दन पर।


मैं कराहा, हाथ कूल्हों पर पहुँचे, फीकी त्वचा के नीचे टाइट मसल्स महसूस करते। उसका टॉप नॉट ढीला, स्ट्रैंड्स उसके अंडाकार चेहरे को फ्रेम, भूरी आँखें मेरी पर लॉक शरारती प्रभुत्व से। 'पसंद आया, ब्लैकमेलर?' वो फुसफुसाई, आर्च करके सख्त निप्पल्स को मेरी शर्ट से सीने पर रगड़ते। सेंसेशन फूटे—नरम मगर मज़बूत चमड़ी झुकती फिर हुकुम चलाती, उसकी वनीला महक चीड़ को दबा। उसने मेरी कान की लौ चाटी, उंगलियाँ शर्ट ऊपर खींचीं, नाखून पेट पर खरोंचे। 'गिड़गिड़ा, विक्टर।' विद्रोह उलट; अब वो कंट्रोल में, अब मुझे जबरदस्ती।
मेरा लंड खिंचा जब उसने पैंट से पकड़ा, उसका अपना उत्तेजना तेज साँसों से साफ। वो हल्के से कराही, साँस भरी 'म्म्म,' ज़ोर से रगड़ी, शॉर्ट्स गीले। मैंने उसके ब्रेस्ट्स पकड़े, अंगूठे निप्पल्स घुमाए, गैस्प निकाला—'आह्ह'—उसका सिर पीछे झुका, लॉकेट लटका। फोरप्ले धीरे बना, उसके हाथ घूमे, ज़िपर खोला छेड़ते, एक्सपर्ट सुस्ती से सहलाया। उसकी पतली टांगें मेरी अलग कीं, जाँघ मेरे उभार पर दबी, जानबूझकर रॉक। अंदरूनी आग भड़की; ये प्रतिद्वंद्वी पल भर में मेरा मालिक, फीकी त्वचा चमकती, हर स्पर्श बिजली। वो फुसफुसाई, 'तेरी फोटोज़ अब कुछ नहीं,' होंठ मेरे ब्रश, किस से इंकार। तनाव चरम पर, उसके कराहे बदले—नीचे विम्पर्स से तेज साँसें—जब वो दोनों को एज कर रही, प्रभुत्व का खेल कोहरे वाली क्लियरिंग में खुला।
ग्रेस का प्रभुत्व मेरी हिम्मत तोड़ गया। उसने मुझे घुमाया, काई वाली ज़मीन पर घुटनों पर ढकेला, लेकिन फिर उलटा, शॉर्ट्स उतारे गीली चूत नुमाई। 'पीठ के बल लेट,' उसने हुक्म दिया, लेकिन मैं उछला, कमर पकड़ी—पावर वापस। मैंने उसे बोल्डर पर झुकाया, पतली गांड पेश, फीकी त्वचा मेरी पकड़ से चिह्नित। डॉगीस्टाइल, पीछे से पीओवी, गांड फोकस में जब मैं गहरा ठूँसा। वो ज़ोर से कराही—'ओह चोदो, विक्टर!'—टाइट गर्मी ने घेरा, दीवारें लयबद्ध सिकुड़ीं।


उसका टॉप नॉट पूरी तरह खुला अब, कारमेल लहरें पीठ पर बहीं जब मैं ज़ोर से पीटा, हाथ गांड फैलाए गहरी पहुँच के लिए। सेंसेशन ने घेर लिया: मखमली गीलापन लंड को जकड़ा, पतली बॉडी हर थप्पड़ से झटकी—ध्वनियाँ कम लेकिन उसके बदले कराहे हवा भरे—साँस भरी 'आह्ह'स, गले से 'हाँ!'s। मैंने आगे हाथ पहुँचाया, उंगलियाँ क्लिट घुमाईं, स्पर्श से फूली महसूस। वो पीछे धक्का मारा, समर्पण में भी विद्रोही, 'और ज़ोर से, हरामी!' अंदरूनी ख्याल दौड़े—उसकी शरारत इस ज्वाला को भड़का रही, करियर भूलकर कच्ची ज़रूरत में। पोज़िशन बरकरार, लेकिन मैंने स्पीड बदली: धीमी घुमाव से पागल ठूँस तक, फीकी जाँघें काँपतीं, लॉकेट जंगली लटका।
सुख तीव्र बना; उसके गैस्प्स बेचैन—'मैं करीब हूँ'—बॉडी तनी, चूत फड़फड़ाई। मैंने उसका ऑर्गेज़म महसूस किया, दीवारें लहरों में दूधा, उसकी चीख तेज 'फ़ुक्क!' धीरे गूँजी। रुका नहीं—बाल हल्के खींचे, पीठ और मुड़ी, गांड ठोकरों से लहराई। पसीना हमारी त्वचा चिकना, जंगल की हवा ठंडक देती हर स्लाइड को तेज। वो लालची पीछे धकेली, दूसरी लहर बनी, कराहे ऊँचे—विम्पर्स से गले की कराहें। मेरा अपना किनारा करीब, बॉल्स सिकुड़े, लेकिन उसके लिए रोका। आखिरकार, पतली बॉडी ज़ोर से काँपी, दूसरा चरम फट पड़ा—'हाँ, ओह गॉड!'—रस ने मुझे भिगोया।
मैंने उसे थोड़ा उलटाया, एक टांग पत्थर पर ऊपर नया एंगल, गहरा घुसा उसके स्पॉट पर। उसकी भूरी आँखें कंधे पर से मिलीं, वासना से जंगली, अंडाकार चेहरा तड़प में मुड़ा। डायलॉग बीच-बीच: 'तुझे ये पसंद है ना? मेरी चूत को ब्लैकमेल करना।' अभी भी छेड़ती। ठूँस बेरहम, सेंसेशन ज़िंदा—उसकी गर्मी धड़कती, पतली कमर मज़बूत पकड़ी, मीडियम ब्रेस्ट्स अदृश्य लेकिन उसके मुड़ने से महसूस। चरम मुझे मारा, चुप्पी में गरजते भर दिया, उसका आखिरी कराहा तृप्त 'म्म्फ़।' हम थोड़ा ढहे, साँसें उखड़ीं, लेकिन आग बुझी नहीं—उसका विद्रोह और वादा करता।


हाँफते, हम अलग हुए, ग्रेस बोल्डर से सटी, फीकी त्वचा गुलाबी लाल, कारमेल बाल जंगली हेलो। वो लॉकेट से खेली, अंगूठा शिलालेख पर—'फैमिली फर्स्ट, ऑलवेज़'—खोए बाप का अवशेष, आँखें पल भर नरम। 'ये कुछ नहीं बदलता, विक्टर,' वो बुदबुदाई, लेकिन आवाज़ में काट न थी, शरारत से असुरक्षा झाँकी।
मैंने उसे करीब खींचा, आश्चर्यजनक कोमलता से, हमारी नंगी बॉडीज़ कोहरे में ठंडी। 'सिर्फ ब्लैकमेल नहीं था। तूने मुझे सता रखा है।' उसने मेरा चेहरा टटोला, भूरी आँखें टकराव में, पतली उंगलियाँ जबड़े पर। 'तू अभी भी प्रतिद्वंद्वी है। लेकिन... वो तीव्र था।' डायलॉग नरम बहे—शूट्स पर हँसी, मेरी 'हताश' फोटोज़ पर छेड़। भावनात्मक कनेक्शन भड़का; वासना से आगे, पारस्परिक सम्मान। वो मेरे सीने में घुसी, मीडियम ब्रेस्ट्स गर्म दबे, लॉकेट ठंडा बीच में। 'एटिएन को न पता चले,' वो फुसफुसाई, डर की झलक। क्लियरिंग अब अंतरंग लगी, चीड़ हमारे राज के रक्षक। तनाव बादल की गर्मी में ढला, उसका प्रभुत्व शांत अंतरंगता में झुका, और के लिए तैयार।
कोमलता ने नई आग जलाई। ग्रेस ने मुझे नरम काई पर ढकेला, रिवर्स काउगर्ल में सवार, पतली गांड मेरी तरफ, चूत छेड़ते लटकाई। वो धीरे उतरी, सख्त लंड को निगला, क्लोज़-अप उसकी चूत के फैलने पर। 'अब पूरी मेरी बारी,' वो कराही—'म्म्म, इतना भरा'—कूल्हे जानबूझकर हिलाए, दीवारें मज़बूत जकड़ीं।


योनि सेक्स तीव्र, फीकी गांड हर उछाल से फैली, रस चमकते। मैंने संकरी कमर पकड़ी, ऊपर ठूँसे मिलाने, सेंसेशन बिजली—लहराती गर्मी, क्लिट मेरे बेस पर रगड़। उसके लंबे कारमेल बाल झूले, टॉप नॉट गया, पीठ खूबसूरती से मुड़ी। कराहे बदले: साँस भरी सिसकियाँ 'चोदो, गहरा!' तक। पोज़िशन परफेक्ट व्यू के लिए—चूत के होंठ शाफ्ट को चूमे, उत्तेजना से फूले। वो आगे झुकी, हाथ मेरी जाँघों पर, तेज सवार, मीडियम ब्रेस्ट्स अदृश्य लेकिन गैस्प्स सुख बताते।
फोरप्ले इसमें घुला: सवारी में उंगलियाँ क्लिट रगड़ने, बॉडी झटकी—'आह्ह, हाँ!'—ऑर्गेज़म किनारों पर। अंदरूनी आग गरजी; उसका प्रभुत्व पूरा, प्रतिद्वंद्वी जीत। स्पीड तेज—घुमाव से धमाके, पतली टांगें काँपतीं, लॉकेट पीठ पर उछला। 'फिर झड़ जा मेरे लिए,' मैंने गरजा, हल्का थप्पड़, तेज 'ओह!' डायलॉग भड़काया: 'अब ये लंड मेरा?' 'बिलकुल सही।' चरम साथ बना; चूत चेतावनी से सिकुड़ी, झड़ी चीखी धीरे—'झड़ रही!'—लहरें, बेरहम दूधा।
ढील न दी—थोड़ा उठा, उसे पीठ से सीने पर खींचा, हाथ ब्रेस्ट्स मसलते, निप्पल्स चिमटे। नई गहराई मारी, सिर लुढ़का, कराहे टूटे। उसका दूसरा चरम: बॉडी ऐंठी, 'विक्टर!' तड़प में। मेरा पीछा, गहरा पंप, उसकी रिवर्स ग्राइंड सुख लंबा। थककर वो आगे ढही, चूत ऑर्गेज़म बाद फड़फड़ाई, जंगल खामोश हमारी भारी साँसों को छोड़। पावर पूरी उसकी अब, ज्वाला पूरी।
बादल की गर्मी ने लपेटा, बॉडीज़ काई पर उलझीं, ग्रेस की फीकी त्वचा पकड़ से हल्के निशान—कूल्हे, जाँघें। उसने उन्हें टटोला, अंडाकार चेहरा चिंता से मुड़ा। 'एटिएन देख लेगा। जवाब माँगेगा।' मैंने कंधा चूमा, लेकिन वो हटी, शरारत लौटी बेचैनी से लदी। 'ये कुछ नहीं बदलता। फोटोज़ डिलीट कर।' मैंने सिर हिलाया, उसके फोन से भेज दीं।
धीरे कपड़े पहने, क्लियरिंग थकी वासना से भरी, वो ठहरी, भूरी आँखें और प्रतिद्वंद्विता का वादा। 'पीछा न करना।' वो ट्रेल ऊपर गायब, लॉकेट अलविदा चमका। अकेला, मैं स्माइक—ज्वाला जली, बुझी नहीं। लेकिन घर हाइक करते वो, एटिएन इंतज़ार, निशान देखे, सुरक्षा की कसम फिर सच की माँग, अगली तूफान के लिए सस्पेंस पकता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कहानी में ब्लैकमेल कैसे शुरू होता है?
विक्टर ग्रेस की शूट फोटोज़ से ब्लैकमेल करता है ट्रेल पर, करियर तबाह करने की धमकी देकर चुदाई माँगता है।
ग्रेस प्रभुत्व कैसे हथियाती है?
वो पहले विक्टर को घुटनों पर लाती फिर डॉगीस्टाइल और रिवर्स काउगर्ल में कंट्रोल लेती, उसे गिड़गिड़ाती।
कहानी का अंत कैसा है?
चुदाई के बाद फोटोज़ डिलीट, लेकिन एटिएन को निशान दिखने का सस्पेंस, ज्वाला बुझी नहीं।





