गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक

टाटामी की चमक में रेशमी पर्दे खुलते हैं फुसफुसाती वासना में

गियांग की टोक्यो उलझनों वाली जलती रेशम

एपिसोड 2

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मैं गीशा अकादमी के टाटामी कक्ष के छायादार कोने में खड़ा था, हवा में चेरी ब्लॉसम और पुरानी देवदार की खुशबू घनी थी। लालटेन नीचे लटकी हुईं, पॉलिश्ड मैट्स और जटिल शोजी स्क्रीन्स पर गर्म एम्बर चमक बिखेर रही थीं जो परंपराओं के पुराने राज़ फुसफुसा रही थीं। अकादमी पार्टी धीरे-धीरे मेरे चारों तरफ गूंज रही थी—शिष्याएं चटकीले किमोनो में भूतों की तरह सरक रही थीं, उनकी हंसी एक कोमल धुन। लेकिन मेरी नजरें उस पर टिकी हुई थीं: गियांग ली, वो रहस्यमयी वियतनामी हसीना जो अपनी आने के बाद सबको मोहित कर चुकी थी। 26 साल की, वो अपनी विदेशी विरासत को इस जापानी मंदिर की शालीन शोभा के साथ घोलकर चलती थी। उसके हल्के भूरे बाल निचले बन में बंधे थे, लंबे बाल उसके अंडाकार चेहरे को फ्रेम कर रहे थे, गहरे भूरे आंखें नरम रोशनी में शरारत से चमक रही थीं।

गियांग ने सिल्क यूकाटा पहना था जो उसके पतले 5'6" कद पर चिपक रहा था, कपड़ा तरल चांदनी की तरह चमक रहा था उसके हल्के टैन स्किन और मीडियम चुचियों पर। वो एक झुंड आंखें फाड़े शिष्याओं को सिल्क ड्रेपिंग तकनीक दिखा रही थी, उसकी आवाज एक सुलगती फुसफुसाहट जो मुझे करीब खींच रही थी। 'कुंजी,' उसने गुनगुनाया, उसके उंगलियां लाल सिल्क के झरने पर सरक रही थीं, 'उत्तेजना में है—जैसे ये बस इतना खोलता है कि हवस जाग जाए।' उसके शब्द हवा में लटके, अनकहे वादे से भरे। मैं, केनजी सातो, यहां मास्टर इंस्ट्रक्टर, उसके हाथों के नाचते देख गहराई में हलचल महसूस कर रहा था, कल्पना कर रहा था वही उंगलियां मेरी स्किन पर।

फिर उसने ऐको तनाका को देखा, सबसे छोटी शिष्या, मुश्किल से 20 की, काले बालों वाली और उत्सुक मासूमियत वाली जो उसकी जिज्ञासा को छुपा रही थी। ऐको करीब आई, गहरी सलाम किया, उसके गाल लाल हो गए। 'सेन्सेई गियांग, क्या मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से सीख सकती हूं?' गियांग की मुस्कान शिकारी वाली लेकिन आमंत्रित करने वाली थी, उसकी गहरी भूरी आंखें छाया में मेरी तरफ झिकीं—एक मौन निमंत्रण। कक्ष सिकुड़ गया लग रहा था, पार्टी की गूंज फीकी पड़ गई जब तनाव अगरबत्ती के धुएं की तरह लिपटा। मुझे पता था ये रात कुछ गहरा बदल देगी; गियांग के सबक कभी सिर्फ किताबी नहीं होते। उसकी मौजूदगी हुक्म चलाती, उसका पतला बदन रहस्य का कैनवास, और जैसे ही उसने ऐको को सिर हिलाया, अपनी ओबी से प्राइवेट सिल्क बोल्ट निकाला, मैंने अपरिहार्यता का खिंचाव महसूस किया। मेरे पैरों तले टाटामी मैट्स जिंदा लग रहे थे, मेरी नजरों के नीचे फुसफुसाते सबकों की प्रत्याशा से धड़क रहे।

गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक
गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक

पार्टी की कोमल गूंज हमें लपेटे हुए थी जब गियांग ने ऐको और मुझे टाटामी कक्ष के एक अलग-थलग अल्कोव में ले जाया, शोजी स्क्रीन्स हमारे पीछे साजिशी प्रेमियों की तरह बंद हो गईं। हवा भारी हो गई, गियांग की स्किन से जस्मीन और प्रत्याशा के हल्के धातुयुक्त स्वाद से लदी। मैं लकड़ी के खंभे से टेककर खड़ा हो गया, बाहें क्रॉस कीं, मेरा दिल मेरी पसलियों पर स्थिर लय से धड़क रहा था। गियांग ने लो टेबल पर सिल्क बोल्ट खोला, उसके लाल लहरें लालटेन लाइट में खून की तरह फैल गईं। 'ऐको-चान,' उसने बुदबुदाया, आवाज मखमली स्पर्श, 'सिल्क ड्रेपिंग सेडक्शन की कला है। देखो कैसे ये बदन से चिपकता है, वक्रों का इशारा करता बिना सरेंडर के।'

ऐको उत्सुकता से घुटनों पर बैठ गई, उसका किमोनो थोड़ा सरक गया उसके गले की पीली कॉलम दिखा। 'प्लीज, मुझे सिखाओ, गियांग-सेन्सेई,' उसने सांस ली, आंखें चौड़ी और भूखी। गियांग की नजर मेरी से मिली, गहरे भूरे गहराई में सुलगती। 'केनजी-सान, तुम देखो। तुम्हारी डिटेल की नजर बेजोड़ है।' मैंने सिर हिलाया, गला सूखा, जैसे ही वो खड़ी हुई, सिल्क को अपने यूकाटा-क्लैड फॉर्म पर सरकने दिया। उसके पतली उंगलियां चतुराई से काम कर रही थीं, फोल्ड्स दिखा रही जो उसके संकरे कमर और कूल्हों की हल्की उभार को उभारते। हर मूवमेंट सोचा-समझा, धीमी खुलासा जो मेरी नब्ज तेज कर रहा था। मैं देख सकता था कैसे कपड़ा उसके हल्के टैन स्किन से फुसफुसा रहा, नीचे की गर्मी की कल्पना कर।

'ड्रेप उत्तेजित करनी चाहिए,' गियांग जारी रखी, उसका निचला बन ढीला हो गया एक लट उसके गाल पर लहराई। वो ऐको के करीब आई, शिष्या के हाथ गाइड करते। 'यहां वजन महसूस करो, कैसे ये हवस को तानता है।' ऐको की सांस अटकी, उसके छोटे हाथ सिल्क पर—और गियांग के कमर पर कांप रहे। निकटता बिजली जैसी; मैं हिला, लोइन्स में हलचल महसूस की। गियांग की आंखें फिर मेरी पर लॉक, चुनौती। 'केनजी, ये तुम्हें भाता है?' उसका सवाल लटका, इशारों से भरा। मैंने जोर से निगला। 'ये... मोहित करता है,' मैंने कबूल किया, आवाज खुरदुरी। अंदरूनी संघर्ष—परंपरा संयम मांगती, लेकिन गियांग सीमाएं कैंची से कटते सिल्क की तरह तोड़ रही।

गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक
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ऐको घबराकर हंसी, लेकिन उसका स्पर्श लंबा खिंचा, साहसी। 'ये इतना सेंसुअल है, सेन्सेई। जैसे वर्जित स्किन को छूना।' गियांग हल्के से हंसी, आवाज मुझमें कंपकंपी लाई। 'बिल्कुल। अब, मुझे ठीक से ड्रेप करो।' जैसे ही ऐको ने किया, लड़खड़ाते लेकिन जोशीले, गियांग थोड़ी मुड़ी, उसके मीडियम चुचे कपड़े से दबे। कक्ष की गर्मी हर सेंसेशन को बढ़ा रही—घुटनों तले टाटामी का नरम, लालटेन की झलक उनकी शक्लों पर छायाएं उकेर रही। मेरा दिमाग संभावनाओं से दौड़ रहा: गियांग का रहस्यमयी आकर्षण हमें उसके जाल में खींचता, ऐको की मासूमियत खिलने को तैयार। तनाव गाढ़ा, सांसें सिंक, हवा चार्ज जब ड्रेपिंग सबक से प्रील्यूड बन गया। मुझे पता था विरोध व्यर्थ; गियांग की फुसफुसाते हुक्म जल्द ज्यादा मांगेंगे।

गियांग की उंगलियां चतुराई से उसके यूकाटा की ओबी खोल दीं, सिल्क रोब रहस्य खुलने की तरह अलग हो गया। कपड़ा उसके कमर पर जमा, ऊपर से नंगा बदन दिखा—मीडियम चुचे चुस्त और आमंत्रित, निप्पल्स कक्ष की नम हवा में सख्त। उसकी हल्की टैन स्किन लालटेन तले चमक रही, पतला बदन सूक्ष्म वक्रों का मास्टरपीस। ऐको हांफी, आंखें चौड़ी, लेकिन गियांग सिर्फ मुस्कुराई, हमेशा रहस्यमयी। 'देखो कैसे सिल्क कमजोरी को फ्रेम करता,' उसने फुसफुसाया, ऐको के हाथ गाइड कर लाल लंबाई को उसके नंगे धड़ पर ड्रेप किया। कपड़ा उसके सख्त निप्पल्स पर छेड़ा, गियांग के होंठों से नरम हांफ निकली।

मैं देखता रहा, मंत्रमुग्ध, मेरी उत्तेजना तनाव में, ऐको के संकोची स्पर्श साहसी होते। 'ऐसे, सेन्सेई?' ऐको बुदबुदाई, उसके हथेलियां सिल्क को गियांग के संकरे कमर पर चिकना कर, उन परफेक्ट चुचियों के नीचे ब्रश। गियांग संपर्क में मुड़ी, सांसभरी आह निकली। 'हां, ऐको... नीचे गर्मी महसूस कर।' उसकी गहरी भूरी आंखें मेरी ढूंढीं, हुक्म। 'केनजी, जॉइन करो। तुम्हारे हाथ स्थिर हैं।' दिल धड़कते, मैं उनके पास घुटनों पर बैठा, मेरी उंगलियां ऐको की जगह सिल्क पर। मटेरियल गियांग के बदन से गर्म, जहां झांकती स्किन बुखार जैसी गर्म।

गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक
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जैसे हमने मिलकर उसे ड्रेप किया, हमारे हाथ ओवरलैप—मेरे ऐको के छूते, फिर गियांग के कूल्हे। वो कांपी, निप्पल्स सिल्क से तेज चुभे। 'म्म्म,' उसने नरम आह ली, नीची और आमंत्रित। ऐको झुकी, होंठ गियांग के कंधे पर ब्रश मासूम खोज में। 'ये जिंदा लगता,' ऐको फुसफुसाई, उसकी सांस गर्म। गियांग ने सिर घुमाया, ऐको के मुंह को हल्के चुंबन में पकड़ा, जीभें झटके से चमकीं। मेरा लंड दर्द से धड़का जब मैंने सिल्क नीचे सरकाया, उसके पैंटी-क्लैड माउंड पर—सादा लेस गीला चिपका। गियांग का हाथ मेरे पर, जोर से दबाया। 'छेड़ो, अभी जीतो मत,' उसने गुनगुनाया, आह गहरी जब ऐको की उंगलियां जॉइन, सिल्क से निप्पल घेरा।

फोरप्ले धीरे-धीरे बढ़ा, सिल्क सरककर ज्यादा दिखा—गियांग के चुचे पूरी नंगे अब, हर सांस से हल्के उछल। वो हांफी, 'आह्ह, हां...' जब ऐको ने एक निप्पल को संकोच से चूसा, जबकि मेरा हाथ लेस तले, उंगलियां उसकी गीलापन से चिकनी। उसकी चूत की होंठ उत्सुकता से फैले, क्लिट मेरी अंगूठे तले फूली। गियांग के कूल्हे हल्के झटके, आहें वैरायटी—ऐको के मुंह से ऊंची, मेरे स्पर्श से गहरी। तनाव चरम पर जैसे वो कगार पर, बदन कांप, लेकिन वो पीछे हटी, आंखें धधकतीं। 'अब सबक गहरा।'

गियांग टाटामी मैट्स पर पीठ के बल लेटी, उसके लंबे हल्के भूरे बाल निचले बन से फैले, टांगें चौड़ी आमंत्रण में। लेस पैंटी फेंकी, डिटेल्ड चूत चमक रही, होंठ सूजे गुलाबी उसके हल्के टैन स्किन पर। ऐको उसके पास घुटनों पर, गले को भूखे चुंबन, जबकि मैं गियांग की जांघों के बीच पोजिशन, मेरा मोटा लंड धड़कता, नसें फूलीं। 'मुझे लो, केनजी,' गियांग फुसफुसाई, उसकी सेडक्टिव स्टेयर मेरी पर लॉक—नहीं, जहां मेरी आंखें उसकी में जल रही। मैंने एक झटके में पूरी गहराई में धक्का मारा, उसकी टाइट दीवारें मुझे जकड़ लीं, उसके गले से गहरी आह। 'ओह्ह्ह, हां!' वो चिल्लाई, हल्की मुस्कान होंठों पर सुख में।

गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक
गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक

उसकी चुदाई पिस्टन की तरह बेरहम, पूरी बाहर निकाल फिर जोर से अंदर, तेज और अटल। उसके कूल्हे हर धक्के से हिले, बदन आगे उछला, मीडियम चुचे जंगली उछल—निप्पल्स सख्त चोटियां आर्क ट्रेस। गियांग की आहें तेज, वैरायटी वाली और कच्ची: बाहर निकालने पर सांसभरी 'आह्ह!', अंदर जाने पर गटुरल 'म्म्म्फ्फ!'। ऐको ने बढ़ाया, उछलते चुचियां चूसीं, उंगलियां फ्री निप्पल चिमटीं। 'सेन्सेई, तुम इतनी खूबसूरत हो,' ऐको हांफी, उसका अपना किमोनो खुला, छोटे चुचे हांफ रहे। गियांग की चूत ऐंठी, रस मेरे लंड को कोट, मांस की गीली आवाजें सिर्फ उसकी आवाजों से रुकीं।

मैंने स्पीड थोड़ी वैरी की, गहरा घिसा उसका सर्विक्स मेरे टिप को चूमने को, फिर तेज—उसका बदन सुख का बर्तन, टांगें मेरी कमर लपेटीं। 'जोर से, केनजी!' वो मांगने लगी, स्टेयर अटल, सुख में भी सेडक्टिव। अंदर आग भड़की; उसका रहस्यमयी कंट्रोल फिसला, कमजोरी चमकी जैसे ऑर्गेज्म बन रहा। ऐको अब गियांग के चेहरे पर सवार, धीरे घिसी, गियांग की जीभ शिष्या की फोल्ड्स में, मुंहबंद आहें कंपायीं। 'भगवान, गियांग...' मैं कराहा, लेकिन रुका, जंगली धक्के। उसकी दीवारें जंगली फड़फड़ाईं, चरम क्रैश—'हांsss! ओह्ह्ह!' वो ऐको की चूत के चारों तरफ चिल्लाई, बदन ऐंठा, चुचे हांफे, कूल्हे अनियमित झटके।

पसीना हमारी स्किन चिकना, टाटामी तले गर्म। मैं न रुका, उसके आफ्टरशॉक्स से गुजरा, दूसरी लहर महसूस की। ऐको भी आई, ऊंची 'आह्न!' से कांपी, रस गियांग की ठोड़ी पर। गियांग की आंखें पीछे घूमीं थोड़ी, फिर मेरी पर फोकस, मुस्कान शरारती। पोजिशन फ्लूइड बदली—मैंने उसकी टांगें कंधों पर, गहरे एंगल्स के लिए, लंड बेरहम भेदता। सेंसेशन्स ओवरव्हेल्म: उसकी मखमली पकड़ मुझे दूध रही, गर्मी रेडिएट, उत्तेजना की खुशबू जस्मीन से मिली। आहें कक्ष भरीं—उसकी गहरी, ऐको की सिसकियां, मेरी गुर्राहटें। आखिरकार, जैसे उसका तीसरा चरम नजदीक, मैंने रिलीज गरजकर, उसकी गहराई भर दी, उसका 'म्म्म, मुझे भर दो!' परफेक्ट क्रेसेंडो। हम ढह गए, सांसें रूखी, लेकिन आग बुझी न।

गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक
गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक

हम टाटामी पर उलझे लेटे, सांसें सामंजस्य में धीमी। गियांग मेरी छाती से सटी, हल्की टैन स्किन फ्लश्ड, निचला बन पूरी खुला अब, लंबे हल्के भूरे लहरें बिखरीं। ऐको उसके दूसरी तरफ मुड़ी, उंगलियां गियांग की बांह पर आलसी पैटर्न ट्रेस। 'वो... शब्दों से परे था,' ऐको फुसफुसाई, आवाज आश्चर्य से। गियांग हल्के हंसी, गहरी भूरी आंखें मेरी से दुर्लभ कोमलता से मिलीं। 'तुम दोनों ने अच्छा सीखा। सिल्क और मांस वैसा ही उलझते—झुकने वाले लेकिन मजबूत।'

मैंने उसके बाल सहलाए, दिल हवस से परे फूला। 'गियांग, तुम मुझे खोल देती हो।' वो मुस्कुराई, रहस्यमयी पर्दा उठा। 'और तुम मुझे जमीन पर लाती हो, केनजी। ऐको, तुम्हारी उत्सुकता कला का सम्मान।' उन्होंने मेरे ऊपर कोमल चुंबन शेयर किया, होंठ मीठे लटकाए। कमजोरी झांकी—गियांग की आम शालीनता नरमी। 'वियतनाम में, ऐसे सबक सपने थे,' उसने भरोसा किया। 'यहां, हकीकत खिलती।' ऐको सिर हिलाई, आंखें चमकतीं। 'और, सेन्सेई?' गियांग की नजर फिर गर्म। 'हमेशा।' कक्ष की लालटेनें मद्धम, जारी रखने का वादा।

गियांग ने मुझे मिशनरी में ऊपर खींचा, टांगें मेरी POV से चौड़ी, उसकी चूत के होंठ चिकने फैले, पेनेट्रेशन दिखता जैसे मैं फिर अंदर सरका। डिटेल्ड एनाटॉमी चमक—उसकी फोल्ड्स मेरे मोटे लंड को जकड़तीं, क्लिट फूली झांकती। ऐको पास पोजिशन, गियांग को गहरा चुंबन, हाथ उसके चुचे पर। 'फिर, केनजी,' गियांग आह ली, आंखें मेरी पर तीव्र लॉक। मैंने पहले धीरे धक्का, वाइस जैसी पकड़ का मजा लिया, उसकी दीवारें रिंकल। 'म्म्म, इतना गहरा,' वो हांफी, कूल्हे मिलाने को उठे।

गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक
गियांग की गीशा हॉल में फुसफुसाते सबक

स्पीड जोश में बनी, लंड दिखते हुए अंदर-बाहर, रस झाग। उसके मीडियम चुचे रिदमिक उछले, निप्पल्स हीरे सख्त। गियांग की आहें जंगली वैरायटी—गहरे हिट पर तीखी 'आह!', घिसाई पर लंबी 'ओओओह'। ऐको ने एक चुचा चूसा, उंगलियां मेरे लंड के चारों तरफ गियांग की क्लिट रगड़ी। 'सेन्सेई, हमारे लिए झड़ो,' ऐको सांसभरी उकसाई। सेंसेशन्स लेयर्ड: गियांग की गर्मी लपेटे, ऐको की आहें मांस से कंपायीं, टाटामी का नरम धक्कों को बढ़ाए। मैंने G-स्पॉट पर लगातार एंगल, उसका बदन मुड़ा, पैर की उंगलियां मुड़ीं।

'हां, वहां! जोर से!' गियांग चिल्लाई, नाखून मेरी पीठ रगड़े। ऑर्गेज्म तूफान की तरह हिट—चूत ऐंठी, जोर से दूधा, 'फ़क्, हांsss!' गूंजा। फ्लूइड्स बहें, हमें भिगोया। मैं धक्के मारता रहा, उसकी हल्की मुस्कान सुख में लौटी। पोजिशन ट्वीक—उसकी टखने कंधों पर, पतला फ्रेम मुड़ा, लंड सर्विक्स भेदता। ऐको गियांग के कमर पर सवार, चूत उसके नाभि पर घिसी, फ्रिक्शन जोड़ा। गियांग की जीभ ऐको के निप्पल पर, मुंहबंद हांफें मिलीं। मेरी बॉल्स टाइट, चरम बनता उसके ऐंठनों में।

पसीना बहा, खुशबू नशे वाली—मस्क, जस्मीन। 'अंदर झड़ो, फिर भर दो!' गियांग गिड़गिड़ाई, कमजोर अपील उसके रहस्य तोड़ा। मैं फटा, रस्सियां गहरा पल्स, उसका 'ओह्ह्ह, गर्म!' उसके दूसरे चरम का ट्रिगर। ऐको भी कांपी, नरम चिल्लाई। हम लहरें सवार, बदन लॉक, इमोशनल गहराई उफानी—हवस में प्यार। आखिर शांत, गहरा कनेक्टेड, उसकी आंखें वादे फुसफुसाईं।

आफ्टरग्लो हमें खर्च सिल्क की तरह लपेटा। गियांग संतुष्ट सांस, मेरी जबड़ा ट्रेस। 'भूल न जाने वाला सबक।' ऐको चमकी, लेकिन जैसे हम झपकी ले रहे, उसका हाथ गियांग की ओबी में प्राइवेट सिल्क सैंपल पर—गियांग की गुप्त कमजोरी का स्केच्ड छोटा दिल कांटों से छेदा। ऐको ने चुपके जेब में डाला, आंखें योजनाओं से चमक। मैं हिला, बदलाव सेंस, लेकिन गियांग ने करीब खींचा। 'कल और लाएगा,' उसने बुदबुदाया। फिर भी बेचैनी झलकी—ऐको क्या राज़ इस्तेमाल करेगी?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गियांग की स्टोरी में क्या होता है?

गीशा अकादमी में सिल्क लेसन थ्रीसम चुदाई बन जाता है। केनजी और ऐको के साथ explicit सेक्स सीन हैं।

क्या ये स्टोरी explicit है?

हां, चूत, लंड, चोदना सब डायरेक्ट हिंदी में। कोई सॉफ्टनिंग नहीं, फुल एरोटिक।

थ्रीसम कैसे होता है?

फोरप्ले से शुरू, मिशनरी चुदाई, ऑर्गेज्म्स के साथ। ऐको चूत चाटती, गियांग चोदी जाती।

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गियांग की टोक्यो उलझनों वाली जलती रेशम

Giang Ly

मॉडल

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